अग्नि आलोक
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*आज का विप्र जगत् पञ्चाङ्ग*

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यह पुराणों व धर्मग्रन्थों में उल्लिखित जानकारियों का ‘तत्त्व ज्ञान ‘है।_ (यह वाट्सअप ज्ञान नहीं है)

आज सोमवार, आषाढ़ शुक्ल पञ्चमी तिथि है।
आज मघा नक्षत्र, ‘कालयुक्त’ नाम संवत् 2082 है।
( उक्त जानकारी उज्जैन और काशी के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)

👉 महाभारत ग्रन्थ का असली नाम जय संहिता है। इसमें एक लाख श्लोक होने से इसे ‘शत् साहस्री संहिता’ भी कहते हैं।
👉 महाभारत का सर्वे उपदेश ‘भारत – सावित्री’ के नाम से प्रसिद्ध है।
👉 जिसके घर में महाभारत ग्रन्थ मौजूद है, उसके हाथ में ही ‘विजयश्री’ होती है।
👉 महाभारत ग्रन्थ की कथा श्रवण से मानव कभी भी विपत्ति में नहीं पड़ता है।
👉 महाभारत ग्रन्थ में भगवान श्रीकृष्ण की अनिर्वचनीय महिमा प्रकट की गई है।
👉 महाभारत के 8 हजार 800 श्लोक का अर्थ सिर्फ वेदव्यासजी व शुकदेवजी के अलावा अन्य कोई नहीं जानता है।
👉 महाभारत ग्रन्थ धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र और मोक्ष शास्त्र – सब कुछ है।
👉 महाभारत ग्रन्थ की रचना 3 वर्ष में पूरी हुई। गणेशजी लिखते रहे और वेदव्यासजी बोलते गए।
👉 महाभारत ग्रन्थ पञ्चम वेद कहा गया है। इसमें जिस विषय की चर्चा नहीं की गई है, उसकी चर्चा अन्य किसी पुराण, शास्त्र में नहीं मिलेगी।


कल मङ्गलवार 1 जुलाई 2025
के व्रत – पर्व – उत्सव

   *कर्दम ऋषि जयन्ती* 

विजय अड़ीचवाल
ज्योतिष व वास्तु विशेषज्ञ
प्रधान सम्पादक: विप्र जगत्, इन्दौर
मोबा. 98262 47846

Ramswaroop Mantri

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