इंदौर में कपड़ा कारोबारियों से पौने दो करोड़ की धोखाधड़ी कर भागा दलाल मुंबई से गिरफ्तार
अपराध शाखा ने रेडिमेड कपड़ा कारोबारियों से ठगी कर फरार हुए दलाल किरीट जड़ेजा को मुंबई से पकड़ा है। आरोपित की एक साल से तलाश थी। कपड़ा कारोबारियों ने पुलिस आयुक्त संतोष कुमारसिंह को शिकायत दर्ज करवाई थी। आरोपित बार-बार सिमकार्ड और ठिकाने बदल लेता था। मूलत: मांडवी कच्छ(गुजरात) निवासी किरीट 7वीं तक पढ़ा है। वह दलाली की आड़ में कारोबारियों से ठगी करता है। वह ठाणे(मुंबई) में छुपा था।आरोपित अशोक गोपलानी व किरीट भाई ने संपर्क कर कहा कि हम आपको बाहर के व्यापारियो से आर्डर दिलवाएंगे, जिसका पेमेंट 30-45 दिन में आपको मिल जाएगा। आरोपित बाहर के व्यापारियों को पहले उनके आफिस में बुलाते थे तथा उसके बाद रेडीमेड कपडा व्यापारियों के यहां पर आर्डर दिलाने के लिए लेकर जाते थे।
कई लोगों ने की थी शिकायत
डीसीपी(अपराध)राजेश कुमार त्रिपाठी के अनुसार कारोबारी मुकेश जैन सहित अन्य लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई थी। मुकेश की गुडबाय के नाम से फर्म है और कपड़ों का व्यवसाय करते हैं। आरोपित ने अगस्त- 2024 में एक अन्य दलाल अशोक नारायण गोपलानी के साथ संपर्क किया था। वह श्री ईन्द्रेश्वर टेक्सटाईल एजेन्सी के नाम से काम करता था। उसका कृष्णा काम्पलेक्स, गेस हाउस रोड में ऑफिस खोला गया था। आरोपित अशोक गोपलानी व किरीट भाई ने संपर्क कर कहा कि हम आपको बाहर के व्यापारियो से आर्डर दिलवाएंगे, जिसका पेमेंट 30-45 दिन में आपको मिल जाएगा। आरोपित बाहर के व्यापारियों को पहले उनके ऑफिस में बुलाते थे तथा उसके बाद रेडीमेंड कपडा व्यापारियों के यहां पर आर्डर दिलाने के लिए लेकर जाते थे।
केस दर्ज हुआ तो मोबाइल बंद कर भागे
आरोपितों ने झांसेबाजी कर वीआर ट्रेडिंग मुंबई (महाराष्ट्र), साई इम्पेक्स मुंबई (महाराष्ट्र), हर्षा ट्रेडर्स मुंबई महाराष्ट्र, रायल क्रियेशन (हैदराबाद), V A टैक्सटाईल (हैदराबाद), राशि कलेक्शन हैदराबाद, PWALLS ओवरसीज लि. (बैंगलोर), शिवशक्ति इँडस्ट्रीज कांदीवली (मुंबई), जुबिया टैक्सटाईल तेलंगाना (हैदराबाद), फेब्रिक वर्ल्ड नालगेंडा तेलंगाना, खुशबु इंटरप्रईजेस पाली (राजस्थान) आदि को सभी व्यापारीगण से करीब 1 करोड़ 69 लाख 96 हजार रुपयो कीमत का रेडीमेड कपड़ों का माल आरोपितों के द्वारा दिलवाया तथा आज तक भुगतान नहीं किया। प्रकरण दर्ज होने पर आरोपित मोबाइल बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने लोकेशन निकाल कर बुधवार को किरीट उर्फ कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया।

बागेश्वर धाम में बड़ा हादसा, पंडाल का हिस्सा गिरने से एक श्रद्धालु की मौत, आठ घायल
छतरपुर बागेश्वर धाम में गुरुवार सुबह पंडाल का एक हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया कि बारिश और आंधी के चलते ये हादसा हुआ। हादसा सुबह 7 बजे आरती के बाद हुआ। लोहे का एंगल गिरने की वजह से श्रद्धालु के सिर पर चोट लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरती के दौरान बारिश हो रही थी। इसी समय भारी भीड़ जमा हो गई। बारिश से बचने के लिए लोग शेड के नीचे पहुंचे थे। मृतक का नाम श्यामलाल कौशल है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।घटना सुबह 7 बजे आरती के बाद उस समय हुई, जब बारिश से बचने के लिए श्रद्धालु शेड के नीचे इकट्ठा हुए थे। बागेश्वर धाम में पं. धीरेन्द्र शास्त्री के जन्मदिन और बालाजी दरबार के आयोजन को लेकर भारी भीड़ उमड़ी हुई थी।
घायल राजेश ने बताया कि उनके ससुर लाला श्यामलाल कौशल की इस हादसे में मौत हो गई है। वहीं परिवार के 6 लोग घायल हुए हैं। घायलों में पत्नी सौम्या, बच्ची पारुल, बच्ची उन्नति, पड़ोसी आर्यन, कमला हैं। इनको अस्पताल में भर्ती किया गया है। उन्होंने बताया कि हम लोगों को दर्शन के लिए जाना था पानी गिरने लगा तो भागकर पंडाल के नीचे खड़े हो गए और जब पानी बंद हो गया तभी अचानक पंडाल गिर गया और भगदड़ मच गई। हम लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई है। यहां पंडाल में तकरीबन 15 से 20 लोग नीचे दब गए तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि बड़े पापा के सिर में लोहे का पाइप लग गया, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है।
बता दें कि कथा वाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री चार जुलाई को अपना जन्मदिन बागेश्वर धाम में मनाने वाले हैं। इसको लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ बागेश्वर धाम पहुंची हुई है। आयोजन के लिए बागेश्वर धाम को भव्य रूप से सजाया गया है। एक से तीन जुलाई तक बालाजी का दिव्य दरबार यहां लगाया जा रहा है।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री अपनी लंबी विदेश यात्रा के बाद लौटे हैं। इसके बाद धाम में बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें विदेश से भी लोग पहुंचे हैं। बागेश्वर महाराज को एक जुलाई से 12 जुलाई तक धाम पर ही रहना है। बागेश्वर धाम पर आयोजित हो रहे 12 दिवसीय महोत्सव के शुरुआती तीन दिनों में भारी भीड़ जमा हुई है।
थाना प्रभारी बोले
बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रुतिया ने बताया कि घटना सुबह की है। दरबार हॉल के सामने वॉटरप्रूफ टेंट लगा हुआ था और उसमें बहुत ज्यादा पानी भर गया था। तेज हवा और दवाब के चलते टेंट का एक हिस्सा नीचे आ गया। इसमें 8 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 4 गंभीर हैं। 4 को मामूली चोटें आई हैं।

सोनम का भाई गोविंद बोला- मैं शिलांग जाकर सोनम से मिलूंगा
अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में शिलांग की जेल में बंद सोनम रघुवंशी के भाई गोविंद अब अपनी बहन से मिलने शिलांग जाएगा। उसका कहना है कि पुलिस की जांच में सोनम हत्याकांड की आरोपी है, लेकिन मैं खुद उससे जाकर मिलूंगा और सचाई जानकर आऊंगा। बहन यदि गलत है तो उसे सजा होगी और यदि वह हत्याकांड में शामिल नहीं है तो फिर उसके साथ खड़ा रहूंगा।गोविंद रघुवंशी जब इंदौर लौटा तो वह राजा की मां उमा से मिलने गया था और उनसे गले मिलकर रोया था। तब उनसे कहा था कि वह सोनम को फांसी की सजा दिलाने में राजा के परिवार की मदद करेगा।गोविंद राजा के दसवें और तेरहवीं के कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था।
नार्को टेस्ट कराएं
गोविंद के बयान पर राजा के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि हम पहले भी सोनम और उसके परिवार के नार्को टेस्ट की मांग कर चुके हैं। गोविंद कभी अपनी बहन का पक्ष ले रहा है तो कभी हमें कह रहा है कि वह हमारे परिवार के साथ है।
राजा की मां से मिलकर रोया था गोविंद
राजा रघुवंशी का शव मिलने के बाद गोविंद रघुवंशी जब इंदौर लौटा तो वह राजा की मां उमा से मिलने गया था और उनसे गले मिलकर रोया था। तब उसने उनसे कहा था कि वह सोनम को फांसी की सजा दिलाने में राजा के परिवार की मदद करेगा। गोविंद राजा के दसवें और तेरहवीं के कार्यक्रम में भी शामिल हुआ था। हत्याकांड को लेकर गोविंद और उसके परिवार से भी शिलांग पुलिस पूछताछ कर चुकी है।
जेल में बंद है सोनम
बता दें, राजा रघुवंशी हत्याकांड में पत्नी सोनम समेत पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मामले में अब तक कुल आठ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गोविंद को बहन से मिलने के लिए शिलांग जेल जाना होगा।

हेमंत का अटलजी से भी कनेक्शन, कार्यकर्ताओं के लिए अपनी शर्ट तक उतार देते थे
मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नव नियुक्त अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर केवल पदों और जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनका जीवन कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहने और जमीन से जुड़े संघर्षों की मिसाल है। छात्र राजनीति से शुरुआत कर उन्होंने युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई और फिर पार्टी संगठन में धीरे-धीरे शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे। उनके पास तब की तस्वीर भी है, जब पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी उनके घर पहुंचे थे। हेमंत खंडेलवाल का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू होकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद तक पहुंचा। संघर्षशील, समर्पित और जमीनी नेता के रूप में वे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहे। अटल बिहारी वाजपेयी से 1980 में हुई मुलाकात उनके जीवन की प्रेरणा बनी। उनका नेतृत्व व्यवहार और सेवा का प्रतीक है।
हेमंत खंडेलवाल के खास दोस्त हेमंत चंद ‘बबलू’ दुबे बताते हैं कि हेमंत खंडेलवाल का जमीनी संघर्ष 22 नवंबर 1988 को देखने को मिला, जब वे युवा मोर्चा के ब्लॉक कोषाध्यक्ष के रूप में सदर क्षेत्र के रेलवे गेट पर चक्काजाम आंदोलन में शामिल हुए। यह आंदोलन युवाओं की मांगों को लेकर था। आंदोलन के दौरान पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर अस्थायी जेल बनाकर जिला जेल में रखा, जहां शाम तक सभी को बंद रखा गया। यह घटना खंडेलवाल के संघर्षशील स्वभाव का एक मजबूत उदाहरण बन गई।
कॉलेज जीवन से ही संगठनात्मक कौशल
हेमंत चंद ने बताया कि हेमंत खंडेलवाल का छात्र जीवन भी संगठनात्मक क्षमताओं का परिचायक रहा। 1985 से 1989 के बीच वे कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पैनल के मैनेजमेंट की भूमिका निभाते रहे। वहीं से उन्होंने राजनीतिक रणनीति, कार्यकर्ता प्रबंधन और जमीनी काम की बारीकियां सीखी। विद्यार्थी परिषद और युवा मोर्चा ही वे दो मुख्य संस्थाएं रहीं, जिन्होंने उनके राजनीतिक जीवन की नींव रखी।
कार्यकर्ताओं के लिए समर्पण: स्कूटर और शर्ट तक दे दी
हेमंत खंडेलवाल का कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण किस्सों में नहीं, व्यवहार में नजर आता था। ये किस्सा कुछ यूं है कि हेमंत खंडेलवाल के पास एक नीले रंग का काइनेटिक स्कूटर था, जिसे वे कार्यकर्ताओं को पार्टी के काम के लिए सुबह से दे देते थे और खुद कई बार पैदल घर लौटते थे। इतना ही नहीं, अगर कोई कार्यकर्ता उनकी पहनी हुई शर्ट पसंद कर लेता, तो वे घर जाकर कपड़े बदलते और वह शर्ट कार्यकर्ता को सौंप देते थे। यह व्यवहार उनके सहज, सरल और त्यागी व्यक्तित्व को दर्शाता है।

दिनेश बनकर किराए का कमरा लेकर रुका था दानिश, देर रात मिलने आती थी लड़कियां
इंदौर के राज नगर रहवासियों ने भाजपा महिला नेत्री के मकान में लव जिहाद के आरोप में एक युवक को पकड़ा। उनका असली नाम दानिश है लेकिन वह फर्जी आईडी दिखाकर दिनेश के नाम से किराए के कमरे में रह रहा था। देर रात उससे मिलने घर पर कम कपड़ों में लड़कियां आती थी। रहवासियों को उस पर शंका हुई तो उन्होंने बजरंग दल के पदाधिकारियों के साथ मकान पर छापा मारा, लेकिन वह मौका देख भाग गया। रहवासियों ने मोहल्ले में किराएदारी एग्रीमेंट की जांच की मांग की है।रहवासियों ने कहा कि आशंका है कि वह नशा बेचता था, देर रात कम कपड़ों में लड़कियां उसके घर आती थी और नशीली वस्तुएं लेकर जाती थी। रहवासियों ने पहले उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना तो उससे मिलने आने वाली लड़कियों के वीडियो भी सबूत के तौर पर लेकर रखे।
राज नगर में एक मुस्लिम युवक दानिश खान (निवास जूना रिसाला) ने कुछ माह पहले कमरा किराए पर लिया था। वह भाजपा नेत्री कृष्णा यादव का किराएदार है। रहवासियों ने बताया दानिश ने पूछताछ में अपना नाम दिनेश बताया। शंका होने पर तलाशी ली तो उसके पास हिंदू नाम से आईडी कार्ड मिला। इसके बाद रहवासियों ने तुरंत बजरंग दल के नेता तन्नू शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दानिश भाग गया। उसके साथ एक हिन्दू महिला भी रहती थी। वह उन्हें भी छोड़कर भाग गया।
रहवासियों ने कहा कि आशंका है कि वह नशा बेचता था, देर रात कम कपड़ों में लड़कियां उसके घर आती थी और नशीली वस्तुएं लेकर जाती थी। रहवासियों ने पहले उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना तो उससे मिलने आने वाली लड़कियों के वीडियो भी सबूत के तौर पर लेकर रखे। वीडियो उन्होंने पुलिस अफसरों को भी दिए है। पुलिस ने उसके घर की तलाशी भी ली है।

भाजपा राष्ट्रीय परिषद में पुराने दिग्गज नेताओं की वापसी, सिंधिया गुट को नहीं मिली तवज्जो
मध्यप्रदेश भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की सूची में जहां पार्टी के पुराने दिग्गज नेताओं को तरजीह दी है, वहीं सिंधिया गुट के नेताओं की अनदेखी ने राजनीतिक संदेश दे दिया है। गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, अर्चना चिटनिस और जयंत मलैया जैसे अनुभवी नेताओं को फिर से अहम भूमिका देने की कोशिश की गई है, जबकि सिंधिया समर्थक प्रमुख चेहरे सूची से नदारद हैं। पार्टी के इस फैसले को कई स्तरों पर रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
मध्य प्रदेश भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की कल घोषित सूची में कुछ ऐसे चेहरे शामिल किए गए हैं, जिन्हें कभी प्रदेश की राजनीति में बड़ा कद हासिल था, लेकिन बीते कुछ वर्षों में वे संगठन और सत्ता दोनों से दूर हो गए थे। गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, अर्चना चिटनिस, गौरी शंकर बिसेन, जयंत मलैया आदि जो कभी सरकार के संकट मोचक और प्रमुख पदों पर रहे, लेकिन हाल के वर्षों में न तो सरकार में और न ही संगठन में उन्हें बड़ी भूमिका मिली थी। उनकी वापसी को पार्टी में अनुभव और संतुलन की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है। इस सूची का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया को तो जगह मिल गई लेकिन उनका कोई भी समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर या किसी और नेता को पार्टी ने इस योग्य नहीं समझा। कुल मिलाकर, भाजपा ने इस बार पुराने अनुभवी चेहरों को संगठन में फिर से आगे लाकर संतुलन साधने की कोशिश की है, वहीं सिंधिया गुट के नेताओं की संगठन में दूरी बनाए रखी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह निर्णय पार्टी पर क्या असर डाल सकता है?
एमपी भाजपा राष्ट्रीय परिषद के नवनिर्वाचित सदस्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा संसदीय बोर्ड सदस्य सत्यनारायण जटिया, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष अजा मोर्चा और पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, पूर्व मंत्री और विधायक गोपाल भार्गव, मंत्री इंदर सिंह परमार, मंत्री नागर सिंह चौहान, राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक और राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद सुधीर गुप्ता, प्रदेश सह प्रभारी महाराष्ट्र जयभान सिंह पवैया, विधायक और पूर्व मंत्र जयंत मलैया, सांसद गणेश सिंह, विधायक और पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, सांसद सुमेर सोलंकी, सांसद और प्रदेश महामंत्री कविता पाटीदार, सांसद गजेंद्र सिंह पटेल, मंत्री एंदल सिंह कंसाना, सांसद संध्या राय, सांसद हिमाद्री सिंह, सांसद भारती पारधी, सांसद विवेक बंटी साहू, विधायक और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, विधायक नीना वर्मा, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, विधायक प्रदीप लारिया, प्रदेश उपाध्यक्ष कांतदेव सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व मंत्री कमल पटेल, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व सांसद आलोक संजर के नाम शामिल हैं।
महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर क्यों नहीं… छात्रा ने सीएम से ही पूछ दिया सवाल
भोपाल में एक मॉक-पार्लियामेंट कार्यक्रम में एक छात्रा ने सीएम मोहन यादव से पूछा कि सरकार के कार्यक्रमों में यौन उत्पीड़न के विषय पर चर्चा क्यों नहीं होती है? छात्रा के इस सवाल से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। सीएम ने महिलाओं के लिए उठाए गए कदम की चर्चा की।
दरअसल, मेडिकल की छात्रा छाया बालगरिया कार्यक्रम में विपक्ष की नेता के रूप में थीं। उसने यह सवाल तब उठाया जब मुख्यमंत्री मोहन यादव मंच पर प्रतिभागियों के साथ ‘आपातकाल’ पर चर्चा कर रहे थे। बीजेपी के आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को खुलकर चर्चा करने की अनुमति थी। छाया बालगरिया ने इस मौके का इस्तेमाल मुख्यमंत्री से सीधे यह गंभीर मुद्दा उठाने के लिए किया।
छात्रा के सवाल पर सहम गए सीएम
छाया बालगरिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधा सवाल किया कि सरकार विकसित भारत, ‘आपातकाल’ और गंभीर मुद्दों पर तो बात करती है, लेकिन महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर चुप क्यों रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गंभीर मुद्दे को अक्सर दबा दिया जाता है और पीड़ितों को शायद ही कभी न्याय मिलता है। बालगरिया के सवाल से मुख्यमंत्री यादव सहित कार्यक्रम में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। मुख्यमंत्री यादव ने उन्हें जवाब देते हुए राज्य में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताया।

पहली बार किसी ने हिम्मत दिखाई
बता दें कि 25 जून से कई मॉक-पार्लियामेंट कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह पहली बार था जब किसी प्रतिभागी ने किसी गंभीर मुद्दे पर सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में मौत की सजा का प्रावधान किया है। उन्होंने उस जिले (नरसिंहपुर) के बारे में भी जानकारी दी जहां कलेक्टर और SP दोनों महिलाएं हैं।
अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बोले खंडेलवाल
बाद में कार्यक्रम को नवनिर्वाचित राज्य बीजेपी प्रमुख हेमंत खंडेलवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर प्रकाश डाला। खंडेलवाल ने राज्य बीजेपी प्रमुख का पदभार संभालने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने सत्ता की भूख और अपनी सर्वोच्चता के लिए भारतीय लोकतंत्र को कुचल दिया। और कांग्रेस नेताओं द्वारा इंदिरा की तुलना भारत से करने का नारा हमारे लोकतंत्र के लिए और भी अपमानजनक था।
खरगोन में 3 बोरी खाद को तरसे किसान, भूखे-प्यासे इंतजार में खड़ी महिलाएं-छात्राएं
मध्य प्रदेश में खाद को लेकर किसानों की पीड़ा एक बार फिर सामने आई है। खरगोन जिला मुख्यालय पर यूरिया खाद की परेशानी और बढ़ गई है। यहां हालात इतने बिगड़ गए हैं कि किसान अपने परिवार के साथ देर रात से लाइन में लग रहे हैं। इसमें हाउसवाइफ और स्कूल कॉलेज जाने वाली छात्राएं भी शामिल है।
सहकारी सोसाइटी में यूरिया खाद नहीं मिलने से परेशान किसान खाद की तीन बोरी के लिये जिला मुख्यालय पर पहुंच रहे हैं। यहां राज्य सहकारी विपणन संघ के ऑफिस के बाहर देर रात से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। किसान कई किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय ऑफिस पर पहुंच रहे हैं।
खास बात यह है कि घर का कामकाज छोडकर महिलाएं और कॉलेज में पढने वाली स्टूडेंट्स पढाई छोडकर रात में ही खाद लेने पहुंच जाती है। तीन बोरी खाद के लिये आधार कार्ड सहित आवश्यक दस्तावेजों की खाद के टोकन लेने के लिये अनोखी लाईन लगती है।
पत्थर के नीचे दस्तावेज रखकर किसान और उनके परिजन टोकन के लिये लाईन लगाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सोसाइटी में खाद नहीं मिलने पर सैकड़ों किसान परिवार विपणन संघ के ऑफिस पहुंच रहे हैं। वे करीब 50 से 60 किलोमीटर दूर से रात में पहुंच जाते हैं। जबकि खाद का गोदाम सुबह 11 बजे ऑफिस समय में खुलता है।
गोदाम से पहले ही भीड़ इतनी हो जाती है कि लोग टूटी दीवार कूदकर भीतर घुसने को मजबूर हो जाते हैं। बुधवार को मचे हंगामे के बाद एसडीएम बीएस क्लेश ने मौके पर पहुंचकर दो खिड़कियों से खाद वितरण की अस्थाई व्यवस्था करवाई।
खरगोन के कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसएस राजपूत ने बताया कि जिले में करीब 4.20 लाख हैक्टेयर रकबे में खरीफ फसलों की बोवनी प्रस्तावित है। इसमें मुख्य रूप से सोयाबीन 1.12 लाख, मक्का 70000 और कपास 1.90 लाख हैक्टेयर शामिल है। उन्होंने बताया कि यूरिया की सप्लाई लगातार जारी है। किसान इकट्ठे न ले जाकर आवश्यकता के अनुसार इसे ले जाएं। उन्होंने कहा कि किस ज्यादा है और इसलिए उस अनुपात में खाद का वितरण किया जा रहा है।
राजपूत ने बताया कि महिलाओं और स्टूडेंट को कई ऋण पुस्तिका के साथ आने की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए उनके पेरेंट्स को समझाइए दी गई है। उन्होंने बताया कि खाद का वितरण आधार बेस्ड पीओएस सिस्टम से हो रहा है। कलेक्टर भव्या मित्तल ने मामले की जानकारी मिलने पर हायर ऑफिशियल्स से चर्चा की है।
कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि बोवनी के समय डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। लेकिन हमने पिछले वर्ष और इस बार कमी के विकल्प के तौर पर कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर में सभी तत्व उपलब्ध हैं जिससे अच्छी उत्पादकता भी मिलती है।
अधिकृत जानकारी के अनुसार खरीफ फसल के लिए 172600 मैट्रिक टैंक उर्वरक की मांग है और फिलहाल 62014 मेट्रिक टन उपलब्धता है। फसल के रास्ते में 0.77% की वृद्धि भी हुई है। उधर खाद की समस्या को लेकर कल बड़वानी जिले के सेंधवा में लोगों ने सेंधवा खेतिया राजमार्ग को एक घण्टे के लिये ब्लॉक कर दिया।
यूक्रेन और इजरायल युद्ध को कृषि मंत्री ठहरा रहे हैं जिम्मेदार
एमपी में खाद की कमी के कारण हाहाकार मचा हुआ है। इसके कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कड़ाके की ठंड में भी वे लाइन लगाकर सरकारी गोदामों के बाहर इंतजार कर रहे हैं। कहीं कहीं किसानों ने इन परेशानियों से तंग आकर प्रदर्शन और चक्का जाम भी किए हैं। वहीं इस पर सत्ताधारी सरकार के मंत्री का कहना है कि प्रदेश में खाद की कमी यूक्रेन और इजरायल युद्ध है।

खाद की कमी को लेकर मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना ने बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके मांग के अनुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्नदाताओं को फसल बोनी के समय के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। उनका दावा है कि प्रदेश में उर्वरक की कमी नहीं हुई है। वहीं कई जिलों में इसे लेकर किसानों के उग्र प्रदर्शन भी देखे जा चुके हैं। शिवपुरी में किसानों ने खाद की कमी को लेकर चक्का जाम तक कर दिया था।
किसानों की जरूरतों के लिए संवेदनशील है सरकार
वहीं कृषि मंत्री एंदल सिंह कंषाना का कहना है कि एमपी सरकार, किसानों की जरूरतों के प्रति बहुत संवेदनशील रही है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को उचित दर पर बीज उपलब्ध कराया गया है।
खाद की कमी पर कृषि मंत्री का कहना
वहीं डीएपी की आपूर्ति में कुछ दिक्कतें आई हैं। यूक्रेन युद्ध, इज़राइल युद्ध और स्वेज नहर की समस्याओं के कारण डीएपी की शिपमेंट अफ्रीका के रास्ते आ रही है, जिससे समय ज़्यादा लग रहा है। डीएपी की कीमतें भी बढ़ गई हैं। लेकिन प्रधानमंत्री के प्रयासों से डीएपी पर 3500 रुपये प्रति टन की सब्सिडी मिल रही है।
अन्नदाताओं को आर्थिक मदद
किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए सरकार ने 2023-24 में 19900 करोड़ रुपये का कर्ज बिना ब्याज के दिया है। इससे लगभग 33 लाख किसानों को फायदा हुआ है। ब्याज में लगभग 975 करोड़ रुपये की बचत हुई है। वहीं नहरों के माध्यम से वर्ष 2007-08 में सिंचित क्षेत्र 7.50 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर लगभग 50.46 लाख हेक्टेयर हो गया है। इससे किसानों को लाभ मिला है।




