अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*मध्य प्रदेश समाचार:मुहर्रम के जुलूस के दौरान मध्य प्रदेश के उज्जैन,राजगढ़ में बवाल,बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के ट्रांसफर, नीरज मंडलोई बने एसीएस मुख्यमंत्री सचिवालय,होलकर महाराज ने शुरू की इंदौर मोहर्रम परंपरा*

Share

 राजगढ़ में मोहर्रम जुलूस के दौरान बवाल, पुलिस वाहन को हुआ नुकसान

राजगढ़। मोहर्रम के जुलूस के दौरान दो सवारी एक स्थान पर एकित्रत होने के चलते एकाएक ही भीड़ बढ़ गई। इस दौरान मौके पर हुई अफरा-तफरी के दौरान पुलिस की गाड़ी की हेडलाइट व बंपर को नुकसान हुआ है। इस घटनाक्रम के बाद राजगढ़ कोतवाली में पुलिस ने वाहन चालक की शिकायत पर सार्वजनिक संपत्ति में नुकसान पहुंचाने को लेकर एक आरोपित पर प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया है। हालांकि भाजपा जिला महामंत्री ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड करने व शासकीय संपत्ति में नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

 इस घटनाक्रम के बाद राजगढ़ कोतवाली में पुलिस ने वाहन चालक की शिकायत पर सार्वजनिक संपत्ति में नुकसान पहुंचाने को लेकर एक आरोपित पर प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया है। हालांकि भाजपा जिला महामंत्री ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड करने व शासकीय संपत्ति में नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।

मोहर्रम को लेकर निकाली जा रही थी सवारी

जानकारी के मुताबिक इन दिनों शहर में मोहर्रम को लेकर सवारी निकाली जा रही थी। इसी बांसवाली मस्जिद के समीप छोटी सवारी व बड़ी सवारी एक स्थान पर एकित्रत हो गई। जिसके कारण मौके पर भीड़ बढ गई। भीड़ बढ़ने के दौरान कुछ लोग दूसरे रूट की और भी जाने का प्रयास करने लगे, जिसे रोकने के लिए पुलिस ने अजाक थाने की गाड़ी को मार्ग में आड़ा लगा रखा था। इसी बीच हुई अफरा-तफरी के दौरान अजाक थाने की गाड़ी की हेडलाइट का पैर रखने से कांच टूट गया। साथ ही बंफर को भी नुकसान हुआ है।

जुलूस के समय उज्जैन में बवाल, 16 के खिलाफ केस दर्ज; उन्मादियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की

मुहर्रम के जुलूस के दौरान मध्य प्रदेश के उज्जैन में बवाल की खबर है। पुलिस ने 16 उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उन्मादियों ने बैरिकेड तोड़ने और प्रतिबंधित रास्ते से जाने की कोशिश की, जिससे तनावपूर्ण और अराजक हालात पैदा हो गए।

शहर में तनाव का माहौल
पुलिस और जुलूस में शामिल लोगों के बीच हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि शहर में तनाव का माहौल भी पैदा कर दिया।

प्रतिबंधित मार्ग से जाना चाहते थे उन्मादी
उज्जैन में हर साल की तरह इस बार भी मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस की शुरुआत इमामबाड़ों से हुई, जिसमें हजारों लोग शामिल थे। ताजिए, परचम, और प्रतीकात्मक घोड़े (बुर्राक) के साथ जुलूस शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रहा था। पुलिस प्रशासन ने जुलूस के लिए पहले से ही एक निर्धारित मार्ग तय किया था, और आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में जुलूस नहीं ले जाया जाए। हालांकि, कुछ लोग उसी रास्ते से जाने पर अड़े रहे।

पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा
जुलूस में शामिल कुछ लोगों ने बैरिकेड्स पर धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक घोड़ा बैरिकेड्स से टकरा गया, जिससे वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को धक्का लगा। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी, लेकिन जब भीड़ बेकाबू होने लगी। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस झड़प में दो पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।

दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी पुलिस
उज्जैन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सख्त रुख अपनाया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि जुलूस के आयोजकों सहित 16 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। एसपी प्रदीप शर्मा के मुताबिक पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन के अलावा बिहार में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान उपद्रव की खबर सामने आई। बिहार के कटिहार में हालात तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस-प्रशासन को इंटरनेट बंद कराना पड़ा। इसके अलावा दरभंगा में पुलिसकर्मी को चाकू मारे जाने की खबर आई। वैशाली में कुछ लोगों ने बस में आग लगा दी। जबकि मुजफ्फरपुर में विदेशी झंडा लहराने की खबर आई। 

शहडोल में बारिश से मची तबाही।

शहडोल में बारिश ने मचाई तबाही, पुल के ऊपर से बह रही नदी, अस्पताल में भरा पानी, डूब गया रेलवे स्टेशन

शहडोल जिले में लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्डों में पानी भर जाने से मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। रेलवे स्टेशन भी जलमग्न हो गया है, जिससे यात्री परेशान हैं। खूंटा नदी जैतपुर के खपर पुल से तीन फीट ऊपर बह रही है,जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश पूरी व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। हर ओर पानी ही पानी और उससे होने वाली समस्याएं ही नजर आ रही हैं। कई नदी नाले उफान में हैं, तो कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अस्पताल हो या रेलवे स्टेशन सब इस बारिश के भेंट चढ़े हुए हैं। एक ओर अस्पताल के वार्डों में पानी भरा होने से मरीज परेशान हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रेलवे स्टेशन पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है। 

जिला अस्पताल के तीन वार्डों में पानी भर जाने से वार्ड के मरीज को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया है। बीती रात जिले में हो रही झमाझम बारिश की वजह से जिला अस्पताल के सर्जिकल मेल और फीमेल वार्ड में पानी भर जाने से मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। दो घंटे तक जवाबदार मौके से नदारत रहे।

Shahdol weather: Heavy rain caused havoc in the district

पानी में डूबी कार। 

विल सर्जन ने खुद संभाला मोर्चा
मौके पर मीडिया कर्मी पहुंचे तो मरीजों का समस्याएं बतानी शुरू की। कुछ देर बार सिविल सर्जन खुद मौके पर पहुंचीं और मोर्चा संभालते हुए जिला अस्पताल के गार्डों से मरीज को अन्य वार्डों में शिफ्ट कराया गया। सिविल सर्जन डॉक्टर शिल्पी सराफ ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि तेज बारिश की वजह से बैक फ्लो पानी आने से वार्ड में पानी भरा है, हमने मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट कराया।

Shahdol weather: Heavy rain caused havoc in the district

पानी ने रोका रास्ता।

पुल के ऊपर से बह रही खूंटा नदी
जैतपुर के खपर खूंटा नदी पुल से तीन फीट ऊपर बह रही है। इस कारण मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया है। रविवार सुबह मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई। यह मार्ग छत्तीसगढ़ को जोड़ने का एक भीतरी मार्ग कहलाता है, जो बंद है। थाना प्रभारी जैतपुर जिया उल हक ने कहा नदी पुल से ऊपर बह रही है। जिससे मार्ग बंद कराया गया है। हमने पुलिस टीम को मौके पर लगाया है।

Shahdol weather: Heavy rain caused havoc in the district

सड़क के ऊपर से बह रहा पानी।

उफान पर मुड़ना नदी
शहडोल नगर में कई निचले स्तर में जल भराव हो जाने से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सोहागपुर के भूसा तिराहे के पास कई दुकानों के भीतर पानी भर गया है। शहडोल से उमरिया जाने वाले मार्ग में स्थित मुड़ना नदी उफान में है। खतरे के निशान से नदी ऊपर बह रही है। लोग नदी के ऊपर खड़े होकर इस नजारे को देख रहे हैं। मौके पर पुलिस बल नदारत है। यह मार्ग शहडोल से उमरिया और कटनी को जोड़ता है।

वल्लभ भवन, भोपाल

एमपी में बड़े स्तर पर IAS अधिकारियों के ट्रांसफर, नीरज मंडलोई बने एसीएस मुख्यमंत्री सचिवालय

मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार को वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए। इन तबादलों में मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर नर्मदा घाटी विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, सामान्य प्रशासन जैसे प्रमुख विभागों के अधिकारी बदले गए हैं। इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति वरिष्ठ IAS अधिकारी नीरज मंडलोई (1993 बैच) को मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव के रूप में पदस्थ किया जाना है। उन्हें इसके साथ ऊर्जा विभाग और लोक सेवा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

वहीं, अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव पद पर कार्यरत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी 1990 बैंच के डॉ. राजेश राजौरा को अब उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, प्रबंध संचालक, नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड, जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा अब तक सामान्य प्रशासन विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और कर्मचारी चयन मंडल का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और 1993 बैंच के संजय दुबे को नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग उनके पास यथावत रहेगा।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल को सामान्य प्रशासन विभाग, विधिक प्रकोष्ठ, समन्वय तथा विमानन विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही वे कर्मचारी चयन मंडल के अध्यक्ष भी बने रहेंगे। अब तक मत्स्य विकास व आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रहे डी. पी. आहूजा को नया दायित्व सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव के रूप में सौंपा गया है। इससे अशोक बर्णवाल को इस प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। वहीं, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग तथा सचिव कार्मिक, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एम. सेलवेन्द्रन को अब सचिव “कार्मिक”, सामान्य प्रशासन विभाग के रूप में नियुक्त किया है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त निशांत वरबवड़े को किसान कल्याण तथा कृषि विभाग का सचिव बनाया गया है। 

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर में ओएसडी सह सचिव प्रबल सिपाहा को उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त बनाया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश वित्त निगम इंदौर की प्रबंध संचालक राखी सहाय को लोक सेवा आयोग इंदौर का सचिव बनाया गया है।

भाजपा की पूर्व विधायक से पति ने मांगा भरण-पोषण, कोर्ट में की 25 हजार हर महीने देने की मांग

दमोह जिले के पथरिया विधानसभा से भाजपा की विधायक रहीं सोनाबाई के पति सेवकराम अहिरवार ने दमोह के कुटुंब न्यायालय में अर्जी देकर अपने लिए पूर्व विधायक से 25000 रुपए प्रतिमाह भरण पोषण की राशि की मांग की है। वहीं पूर्व विधायक का कहना है अभी उन्हें इस मामले में कुछ नहीं कहना।

पूर्व विधायक सोनाबाई के पति सेवकराम का कहना है कि वर्ष 1993 में सागर की सोनाबाई से उसका विवाह हुआ था। 2003 में पत्नी ने राजनीति में आने के लिए कहा। मैंने साथ में प्रयास किया और भारतीय जनता पार्टी से 2003 में उन्हें पथरिया विधानसभा से विधायक का टिकट मिला और वह चुनाव जीत गईं। विधायकी कार्यकाल तक सब कुछ ठीक चला, लेकिन वर्ष 2009 में मेरी पत्नी मुझे अनदेखा करने लगी और अपमानित करने लगी और उसके बाद मुझे छोड़ दिया। 17 साल से हम दोनों अलग हैं। 2016 में मेरा एक्सीडेंट हुआ जिसमें मेरा एक पैर खराब हो गया और उसके बाद मैं दिव्यांग हो गया। अब मैं मजदूरी भी नहीं कर सकता और मुझे अपना भरण पोषण करने के लिए पैसों की आवश्यकता है। मेरी पूर्व विधायक पत्नी सोनाबाई को 50000 पेंशन मिलती है, इसलिए मैं चाहता हूं कि उसमें से 25000 की राशि भरण पोषण के तौर पर मुझे दिलाई जाए।

पूर्व विधायक बोलीं- कोर्ट में दूंगी जवाब
पूर्व विधायक के पति की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता नितिन मिश्रा ने बताया कि दोनों से तीन बच्चे हैं, जिनमें सौरव, नीरज और प्रवीण हैं। पूर्व विधायक का पति अपनी पत्नी से अलग है। वह दिव्यांग है इसलिए उसे अपने भरण पोषण के लिए पैसों की आवश्यकता है और इसलिए उन्होंने कुटुंब न्यायालय में आवेदन लगाया है। वहीं इस मामले में पूर्व विधायक सोनाबाई का कहना है कि जब मुझे कोर्ट से नोटिस मिलेगा तब मैं इसका जवाब दूंगी, अभी मुझे कुछ नहीं कहना।

इंदौर पर जल्द मेहरबान होगा मानसून, चक्रवात बना रोड़ा, जानें क्या कहते हैं जुलाई में बारिश के आंकड़े

इंदौर में जुलाई की शुरुआत में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। नगर में केवल 10.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि औसत 310.1 मिमी होती है। चक्रवात के चलते बारिश का सिस्टम सक्रिय नहीं हो पा रहा। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।

जुलाई की बारिश ही गर्मी की तपन से राहत देती है, माह में आरंभ से तेज बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी से इंदौरवासी परेशान हैं। बीते दिन नगर का औसत अधिकतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री कम था। हिंदू पंचांग के अनुसार जुलाई माह का आगमन आषाढ़ में हुआ है और 11 जुलाई से सावन माह लग जाएगा। पूरे जुलाई माह में सावन रहेगा। आषाढ़ महीना गर्मी और बारिश के बीच सेतु का काम करता है। वर्षा काल में जुलाई और अगस्त माह में ही अधिक वर्षा होती है।

सावन के सेरे शुरू होंगे
रविवार को देवशयनी एकादशी होने के साथ भगवान श्रीहरि योग निद्रा में रहेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार अगले चार माह संसार का भार शिव के जिम्मे रहेगा। सावन महीने की शुरआत होते ही सावन के सेरे आरंभ हो जाते हैं। अभी अच्छी बारिश नहीं होने से दुकानों पर रेन कोट और छातों की बिक्री के लिए ग्राहकों का इंतजार है।

2013 में जुलाई में हुई थी 22.3 इंच वर्षा
जुलाई माह में वर्ष 2013 में 565.6 मिमी (22.3 इंच) और वर्ष 2015 में 560.4 (22 इंच) बारिश ने रिकॉर्ड कायम किया था। पिछले एक दशक में सबसे कम बारिश 2021 में 7 इंच और दशक में सर्वाधिक बारिश 2023 में 18 इंच दर्ज की गई थी। इस बार मई और जून माह में नगर में अच्छी बारिश हुई है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश दर्ज होगी।

विज्ञापन

Monsoon will soon be kind to Indore, cyclone became a hindrance, know what the rain figures say in July

एक दशक के आंकड़ों से समझें शहर की बारिश

बारिश का सिस्टम बन रहा : मौसम विभाग
भोपाल के मौसम विभाग के अनुसार मानसून की गतिविधियां इंदौर के क्षेत्र पर लगातार बनी हुई हैं, लेकिन कम दवाब का क्षेत्र और चक्रवात से बारिश नहीं हो रही है। आगामी एक दो दिनों में नगर में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। बारिश का सिस्टम बन रहा है, यह अच्छी बारिश होने का सूचक है। 

इसलिए रोड़ा है चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव का या निम्न दबाव का  वह क्षेत्र होता है, जहां वायुमंडल में हवा का दबाव आसपास के क्षेत्र में कम हो जाता है और नव हवाएं निम्न दबाव के क्षेत्र में प्रवेश करती हैं। इससे बादल सक्रिय होते हैं जो वर्षा का कारण बनते हैं, लेकिन चक्रवात इस प्रणाली को सक्रिय नहीं होने देता है, जिससे बारिश नहीं हो पाती है।

Monsoon will soon be kind to Indore, cyclone became a hindrance, know what the rain figures say in July

जुलाई माह के मौसम की विशेषता 

  • जुलाई माह की औसत वर्षा 310.1 (12.3 इंच)  मिलीमीटर है और वर्षा के दिनों की संख्या 13 है। 
  • जुलाई माह में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस 12 जुलाई 1966 को तथा न्यूनतम तापमान 11 जुलाई 1983  को 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
  • जुलाई माह में सबसे कम वर्षा 29.3 मिलीमीटर वर्ष 2002 में और सर्वाधिक मासिक वर्षा 773.5 मिलीमीटर  (30.5 इंच) 1973 में दर्ज की गई थी। 
  • 24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा 27 जुलाई 1913 को 293.4 मिलीमीटर (11.6 इंच) दर्ज की गई थी।

पिछले एक दशक में नगर में हुई वर्षा

वर्ष           वर्षा मिलीमीटर में
2015359.8
2016382.3
2017247.9
2018239.7
2019352.4
2020191.1
2021175.2
2022359.8
2023454.7
2024255.6


  

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह

शहडोल में स्कूल मरम्मत घोटाला: शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में सरकारी स्कूलों की मरम्मत के नाम पर भारी गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनके संज्ञान में शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के दो सरकारी स्कूलों सकंदी हाई स्कूल और निपनिया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मेंटेनेंस के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव और लोक शिक्षण आयुक्त को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए हैं।

ये है मामला
ब्यौहारी जनपद की इन दोनों शालाओं में अनुरक्षण कार्य जैसे पुताई और खिड़की-दरवाजों की फिटिंग के लिए सैकड़ों मजदूरों और मिस्त्रियों को कार्यरत दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान कर लिया गया। सकंदी हाई स्कूल में केवल 4 लीटर पेंट के लिए 168 मजदूर और 65 मिस्त्री दिखाए गए और 1,06,984 का भुगतान कर दिया गया। वहीं निपनिया स्कूल में 20 लीटर पेंटिंग, 10 खिड़कियां और 4 दरवाजे लगाने के लिए 275 मजदूर और 150 मिस्त्री दिखाकर 2,31,685 की राशि स्वीकृत की गई।

बिल से पहले मिली मंजूरी
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि निपनिया स्कूल के बिल को 5 मई 2025 को ठेकेदार ‘सुधाकर कंस्ट्रक्शन’ ने तैयार किया, लेकिन स्कूल प्राचार्य ने उसी बिल को एक माह पहले, 4 अप्रैल 2025 को ही सत्यापित कर दिया। इस फर्जी प्रक्रिया पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने दोहराया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने सभी दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि क्या वाकई जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या यह भी लीपापोती तक सिमट जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट

ओबीसी आरक्षण पर सरकार का सुप्रीम कोर्ट में जवाब: ट्रांसफर याचिकाओं के निपटारे तक 27% आरक्षण नहीं

मध्य प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया कि जब तक ओबीसी आरक्षण से जुड़ी ट्रांसफर याचिकाओं पर अंतिम फैसला नहीं हो जाता, तब तक प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27% आरक्षण लागू नहीं किया जाएगा। शासन की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को जानकारी दी कि भले ही इस कानून पर रोक नहीं है, लेकिन संबंधित याचिकाओं पर फैसला लंबित होने के कारण सरकार फिलहाल इसे लागू नहीं कर सकती। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने सरकार के इस जवाब को रिकॉर्ड पर लेते हुए इसे छत्तीसगढ़ के समान मामले के साथ जोड़कर सुनवाई की व्यवस्था की है।

क्या है याचिकाकर्ताओं की मांग?
यह याचिका जबलपुर निवासी कीर्ति चौकसे, बालाघाट के निश्चय सोन वर्षे सहित अन्य ने दायर की है। उन्होंने बताया कि वे ओबीसी वर्ग से हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने के बावजूद आरक्षण का लाभ न मिलने के कारण नियुक्ति से वंचित हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने तर्क रखा कि सरकार ने 8 मार्च 2019 को अध्यादेश लाकर ओबीसी को 27% आरक्षण देने का फैसला लिया था और 14 अगस्त 2019 को इसे कानून का रूप दे दिया गया। इस कानून पर किसी भी न्यायालय ने रोक नहीं लगाई है, बावजूद इसके सरकार इसे लागू नहीं कर रही है।

छत्तीसगढ़ का उदाहरण भी दिया
याचिका में यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश के तहत 50% से अधिक आरक्षण को लागू करने की अनुमति दी है। समानता के आधार पर मध्य प्रदेश में भी 27% आरक्षण लागू किया जाना चाहिए। सरकार ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि चूंकि मध्य प्रदेश के मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, अतः फिलहाल ऐसा नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने कहा कि 2019 का कानून पूरी तरह प्रभावी है और इस पर किसी भी कोर्ट ने स्टे नहीं दिया है। यदि सरकार चाहे, तो इसे आज भी लागू कर सकती है, लेकिन उसने निर्णय से बचते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट के हवाले कर दिया है। वास्तविक समाधान तभी आएगा जब सुप्रीम कोर्ट की बड़ी संविधान पीठ अंतिम निर्णय देगी। 

अब तक कब क्या हुआ
– 8 मार्च 2019: कांग्रेस सरकार ने अध्यादेश लाकर 27% आरक्षण की घोषणा की।
– 14 अगस्त 2019: विधानसभा ने कानून पारित किया, अध्यादेश की जगह एक्ट ने ले ली।
कानून के समर्थन में 35 और विरोध में 63 याचिकाएं दाखिल हुईं।
– अक्टूबर 2019: कमलनाथ सरकार ने कोर्ट में पक्ष रखा, जिसे भाजपा सरकार ने भी जारी रखा।
– 18 दिसंबर 2024: हाईकोर्ट में पहली सुनवाई हुई, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर हो गया।

ताजिया जुलूस की पुराने समय की तस्वीर।

होलकर महाराज ने शुरू की इंदौर मोहर्रम परंपरा, आज भी राजवाड़ा के चक्कर लगाता है सरकारी ताजिया

राजबाड़े के पीछे वर्तमान में मुस्लिम अनुयायियों की भीड़ देखने को मिल रही है, इमाम बाड़े में निर्मित होने वाले ताजिये के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने लोग आते हैं। मुस्लिम धर्म के नए साल की शुरुआत इसी माह से होती है। हजरत हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। यह महीना त्याग और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। भारत में मोहर्रम के दिन ताजिए निश्चित जगह से उठाकर उन्हें ठंडा किया जाता है। इतिहासकार मानते हैं कि देश में ताजियों का प्रचलन तैमूरलंग के शासनकाल में हुआ था।
इंदौर में सरकारी ताजिए की परंपरा 19वीं शताब्दी की शुरुआत में होलकर महाराज यशवंतराव होलकर प्रथम और तुकोजीराव द्वितीय के काल से शुरू हुई। महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय ने 1908 में राजवाड़ा के समीप इमामबाड़े का निर्माण करवाया था, जहां आज भी सरकारी ताजिया तैयार होता है।

होलकर ने शुरू किया सरकारी ताजिया
इंदौर में 19वीं शताब्दी के आरंभ से होलकर महाराजा का ताजिया यानी सरकारी ताजिया इंदौर के राजवाड़े के समीप तंबू लगाकर तैयार किया जाता था। यशवंत राव होलकर प्रथम और तुकोजीराव द्वितीय की ताजियों के प्रति श्रद्धा थी, इसलिए सरकारी ताजिया राजवाड़ा के सात चक्कर लगाया करता था। यह परंपरा आज भी जारी है।

इमामबाड़े में बनता है सरकारी ताजिया
महाराजा तुकोजीराव होलकर द्वितीय के कार्यकाल में 1908 में राजबाड़े के समीप इमामबाड़ा का निर्माण करवाया गया था आज भी सरकारी ताजिया इमामबाड़ा में बनता है। होलकर महाराजा की ताजियों के प्रति श्रद्धा थी इसलिए वे ताजिए ठंडे करने कर्बला तक जाते थे। स्वतंत्रता से पहले होलकर राज्य के दो प्रमुख ताजिए निर्मित हुआ करते थे। कुछ छोटे ताजिए भी निर्मित होते थे, उन्हें बुराक भी कहा जाता है। इंदौर के विभिन्न मार्ग से ताजिये कर्बला जाते थे। रियासत की ओर से खासगी ताजिया उठा करता था, जिसका निर्माण राजवाड़ा के समीप इमामबाड़े में होता था। खासगी ट्रस्ट की ओर से उस दौर में ताजिए निर्माण के लिए अनुदान भी दिया जाता था, यह ताजिया सात मंजिल ऊंचा बनाया जाता था।

होलकर फौज का भी ताजिया निर्मित होता था
दूसरा प्रमुख ताजिया होलकर फौज का उठता था, इसका निर्माण किला मैदान में वर्तमान में यहां कन्या महाविद्यालय है, वहां बनता था। इस ताजिए की ऊंचाई सरकारी ताजिये से कुछ कम रहा करती थी। होलकर फौज का ताजिया किला मैदान से शंकरगंज जिंसी होते हुए राजवाड़ा पहुंचता था। यहां होलकर महाराजा और उनके मंत्री तथा गणमान्य नागरिक इस कार्यक्रम में शामिल होते थे। इन ताजियों के आगे होलकर राज्य का प्रतीक चिन्ह रहता था। उसके बाद ताजिये की सवारी के साथ होलकर महाराजा और फौज कर्बला जाती थी। प्रत्येक कमांडिंग ऑफिसर अपनी पलटन के साथ होता था। सेना के जनरल भी चलते थे। फौज के ताजिये के निर्माण के लिए प्रत्येक फौजी की तनख्वाह से एक निश्चित राशि की कटौती की जाती थी। ताजिए जिन रास्तों से होकर गुजरते थे उन मार्गों की साफ सफाई और सड़कों को पानी से उन्हें धोया जाता था।

लगती हैं मीठे पानी की सबीलें
इंदौर की मुस्लिम बस्तियों में मोहर्रम के दिनों में मीठे पानी की सबीलें लगती हैं। मातम भी मनाया जाता है। आज भी नगर में ताजिए राजवाड़ा और आसपास के प्रमुख मार्गों से होते हुए करीब दो किलोमीटर दूर कर्बला मैदान में पहुंचते हैं, जहां पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शिरकत करते हैं।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें