जबलपुर में ATS ने एक फर्जी पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इसका मास्टरमाइंड एक अफगानी युवक है। यह 10 साल से जबलपुर में फर्जी पासपोर्ट बनाने का काम करता है।जबलपुर जिले से एक अफगानिस्तान के युवक को ATS ने दबोचा है। साथ में 3 अन्य युवकों को भी ATS ने हिरासत में लिया है। अफगानिस्तान का यह देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले अपने अफगानी साथियों का पासपोर्ट तैयार करवाता था।
एटीएस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार सोहबत खान पिता बदरुद्दीन खान निवासी आठ नल छोटी ओमती जबलपुर निवासी को हिरासत में लिया गया है। यह युवक मूल रूप से अफगानिस्तान का रहने वाला है और पिछले दस सालों से जबलपुर में रह रहा है। उसने जबलपुर की एक युवती से निकाह भी कर लिया है। उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपना भारतीय पासपोर्ट भी बनवा लिया है।
पुलिस और अन्य विभाग के लोग भी शामिल
इसके अलावा उसने पश्चिम बंगाल निवासी अकबर तथा इकबाल नामक अफगानी युवकों के भारतीय पासपोर्ट भी जबलपुर के पते से बनवाये थे। पासपोर्ट बनवाने के पहले आधार कार्ड में पश्चिम बंगाल के स्थान पर जबलपुर का फर्जी पता ऑनलाइन परिवर्तित किया गया था। इस गिरोह में पुलिस और अन्य विभाग के लोग भी शामिल हैं। इस संबंध में एटीएस जांच कर रही है।
पासपोर्ट बनवाने के लिए देता था मोटी रकम
एटीएस सूत्रों के अनुसार अफगानी युवक सोहबत खान साल 2015 में जबलपुर आया था। उसने पहले ड्राइविंग लाइसेंस और फिर साल 2020 में भारतीय पासपोर्ट बनवाया था। देश के अन्य अफगानी युवकों का पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन, दस्तावेज तैयार करने तथा पोस्ट ऑफिस से पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए बडी मात्रा में पैसे का लेन-देन किया गया था। एटीएस को अभी तक दस लाख रूपये के लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई है। जबलपुर से देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले 20 अफगानी युवकों के पासपोर्ट बनाने का प्रयास किया गया है।
अफगानी युवक के अलावा एटीएस ने कलेक्टर कार्यालय जबलपुर के चुनाव सेल में पदस्थ वन आरक्षक दिनेश गर्ग उम्र 40 साल निवासी विजय नगर तथा महेंद्र कुमार सुखदन निवासी एपीएन स्कूल के पास सदर को भी गिरफ्तार किया है। दोनों ने फर्जी तरीके से अफगानी युवकों को पासपोर्ट तैयार करवाने में सहयोग किया था। पासपोर्ट बनवाने के सहयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है।





