फाइजर के लिए मप्र का तापमान उपयुक्त नहीं, स्पूतनिक के डोज बुलवाएंगे; मीडिया से बात किए बिना भोपाल लौटे
इंदौर
मुख्यमंत्री से पहले पहुंचे ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज के परिजन
इंदौर,। सीएम शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए इंदौर पहुंचे है। वे एयरपोर्ट से सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां आपदा प्रबंधन समूह में शामिल जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वे बैठक ले रहे है। सीएम ने बैठक में कहा कि कोरोना की दवाइयों के भी साइड इफेक्ट होते ही हैं। ब्लैक फंगस की जांच बहुत आसान होती है, इसमें नेचर इंडोस्कोपी होती है। छोटा सा उपकरण आता है, इसकी व्यवस्था शासकीय और निजी दोनों अस्पतालों में हो सकती है। ब्लैक फंगस की जांच और इलाज में भी इंदौर को नेतृत्व करना चाहिए। सीएम के पहुंचने के बाद यहां कांग्रेस के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी पहुंच गए है।
CM शिवराज सिंह चौहान ने कार्पोरेट लीडर्स से वर्चुअल बैठक में कहा कि फाइजर के लिए मप्र का तापमान उपयुक्त नहीं, स्पूतनिक के डोज बुलवाएंगे। विदेशी वैक्सीन लाने के प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को 50% वैक्सीन का कोटा मिला है। इसमें से 25% हिस्सा प्राइवेट अस्पताल व कार्पोरेट सेक्टर के लिए रिजर्व किया गया है। इसके लिए मप्र सरकार एक सिस्टम तैयार कर रही है कि कार्पोरेट सेक्टर को किस तरह से वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए। कार्पोरेट सेक्टर को यह वैक्सीन खरीदना पड़ेगी। सरकार की कोशिश है कि प्राइवेट सेक्टर भी वैक्सीन खरीदकर अपने कर्मचारियों को लगवाए। उन्होंने कहा कि यदि जरुरत पड़ती है तो ग्लोबल टेंडर भी करेंगे। वैक्सीनेशन के लिए टास्क फोर्स बनाने की जरुरत होगी तो बनाएंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को इंदौर पहुंचे। इंदाैर एयरपाेर्ट से सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कोरोना की स्थिति, इलाज और इंतजामों की समीक्षा की। वे शाम को भोपाल रवाना होंगे। सीएम ने इस दौरान मीडिया से बात नहीं की। कलेक्टोरेट में पूर्व मंत्री जीतू पटवारी भी सीएम के पहुंचने के बाद पहुंच गए।
मुख्यमंत्री के आगमन पर कोरोना नियमों का पालन कराने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। कलेक्टर कार्यालय में आमंत्रितों के अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं दिया गया। मीटिंग का पूरा कवरेज सिर्फ सरकारी इंतजाम से ही होगा। बैठक स्थल में उन अधिकारियों को भी प्रवेश नहीं मिला, जिनकी वहां पर आवश्यकता नहीं है। बैठक पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हो रही है।
सीएम से मिलने के इंतजार में एक परिवार लगभग तीन घंटे से कलेक्टोरेट के पास में बैठा है। इस परिवार में बड़े भाई नितिन जैन (40) ब्लैक फंगस से पीड़ित है। परिवार के संदीप जैन, पदमा जैन अपने बच्चों प्रथम और प्रणीत के साथ बैठे है। इसमें प्रणीत तो न चल पाता है और न बोल पाता है। परिवार ने कहा कि हम सीएम से मिलकर ही जाएंगे।

सीएम से मिलने के इंतजार में बैठा परिवार।
मुख्यमंत्री से पहले पहुंचे ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज के परिजन
कलेक्टोरेट में मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज एक कुछ परिजन पहुंच गए। कलेक्टोरेट के बाहर कुछ परिजन ने तो इंजेक्शन लेने के लिए SDM अंशुल खरे के पकड़ पैर पकड़ लिए। एक परिजन ने कहा कि मेरे पिता की जान खतरे में है। मुझे इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस के चक्कर लगा रहा हूं। इस पर SDM ने तत्काल CMHO से बात कर परिजन को अस्पताल भिजवाया।

अफसरों से चर्चा करते मरीज के परिजन।
सीएम शिवराज इंदौर संभाग के विकासखंड और ग्राम स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करेंगे। उन्होंने इंदौर आने से पहले ही अधिकारियों को और जनप्रतिनिधियों से ट्वीट कर अनुरोध किया था कि वे एयरपोर्ट पर न आएं, हम लोग निर्धारित बैठकों में मिलकर चर्चा करेंगे। उन्होंने अधिकारियों के लिए यह भी लिखा कि आप प्रोटोकाल को लेकर न उलझें। इस समय संक्रमण को रोकना हम सबके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। अत: कोविड प्रोटोकाल का पालन करें।
कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश से पहले सीएम ने कराई जांच

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश से पहले कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग और आक्सीमीटर से आक्सीजन सैचुरेशन चेक करवाया।





