कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए दावा किया कि बिहार की मतदाता सूची के मसौदे में गया जिले के एक पूरे गांव को एक ही घर में रहते हुए दिखाया गया है। बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे राहुल गांधी ने अपनी पार्टी का एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया, जिसमें कहा गया, ‘निर्वाचन आयोग का जादू देखिए। एक पूरा गांव एक घर में बस गया है।’राहुल गांधी ने निर्वाचन आयोग पर बिहार की मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जिसमें गया जिले के एक गांव के सभी मतदाताओं को एक ही घर में दिखाया गया है। लेकिन थोड़ी देर में ही निर्वाचन आयोग ने इस आरोप का खंडन कर दिया।
राहुल गांधी का हमला
कांग्रेस के पोस्ट में कहा गया है कि ‘निदानी गांव, बोधगया (बूथ नं. 161, बाराचट्टी विधानसभा) में EC ने चमत्कार कर दिखाया। आधिकारिक वोटर लिस्ट में – 947 वोटर एक ही घर (मकान नं. 6) में रहते हैं। हकीकत? निदानी में सैकड़ों घर और परिवार हैं, मगर लिस्ट में पूरा गांव एक काल्पनिक मकान में समा गया। BLO ने किस तरह डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन की? असली मकान नंबर वोटर लिस्ट से क्यों गायब कर दिए गए? इसका फायदा किसे पहुंचाया जा रहा है? यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि पारदर्शिता के नाम पर एक मजाक है। जब मकान नंबर मिटा दिए जाते हैं, तो फर्जी वोटर, डुप्लीकेट नाम और भूतिया पहचान छिपाना आसान हो जाता है।
चुनाव आयोग ने दिया फट से जवाब
विपक्षी दल ने कहा, ‘यह सिर्फ एक गांव की बात है। हम राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अनियमितताओं के पैमाने की केवल कल्पना ही कर सकते हैं।’ हालांकि, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने गया के जिलाधिकारी के ‘एक्स’ हैंडल पर जारी स्पष्टीकरण को प्रस्तुत किया।
गया डीएम ने किया दावा
जिलाधिकारी ने दावा किया कि ‘गांवों या झुग्गी बस्तियों में मकानों का काल्पनिक नंबर दिया जाता है, जहां मकानों पर कोई वास्तविक सीरियल नंबर नहीं होता। ऐसा मतदाताओं को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किया जाता है।’
गांव वाले बदनाम करने की कोशिशों से परेशान
जिलाधिकारी के ‘एक्स’ हैंडल पर गांव के निवासियों के कथित वीडियो क्लिप भी साझा किए गए हैं, जिनमें लोगों को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संतुष्ट हैं, लेकिन ‘क्षेत्र को बदनाम करने के प्रयासों’ से परेशान हैं।





