मध्यप्रदेश के चर्चित आईएएस अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं। फिलहाल वे खंडवा जिला पंचायत के सीईओ के पद पर कार्यरत हैं। उन पर आरोप है कि हरदा में एडीएम रहते हुए उन्होंने एक कंपनी पर लगाए गए 51 करोड़ रुपये के जुर्माने को घटाकर मात्र 4,032 रुपये कर दिया। इस मामले के सामने आने के बाद अब उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल हरदा के आरटीआई कार्यकर्ता ने इस मामले से जुड़े दस्तावेज सूचना के अधिकार के तहत हासिल किए और आरोप लगाया कि मामले में साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद जुर्माने में कमी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां प्रशासन ने फोटो या वीडियो साक्ष्य न होने की बात कही, वहीं ग्रामीणों के पास खनन के प्रमाण मौजूद हैं।
मामला क्या है?
यह विवाद पाथ इंडिया कंपनी से जुड़ा है, जिसने इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण का कार्य किया था। आरोप है कि कंपनी ने हरदा जिले के अंधेरीखेड़ा क्षेत्र में बिना अनुमति के करीब 3.11 लाख घनमीटर मिट्टी की खुदाई की। उस समय के एडीएम प्रवीण फूलपगारे ने वर्ष 2021 में कंपनी पर 51.67 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। बाद में उनके तबादले के बाद डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने एडीएम पद का कार्यभार संभाला। केस की समीक्षा के दौरान साक्ष्यों की कमी पाई गई और दस्तावेजों के आधार पर खुदाई की मात्रा घटाकर 2,688 घनमीटर मानी गई। इसके चलते जुर्माने की राशि कम होकर 4,032 रुपये रह गई।

IAS अधिकारी की सफाई
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने मीडिया से कहा कि उनका निर्णय पूरी तरह दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया पर आधारित था। उन्होंने बताया कि उनके समक्ष जो फाइलें और रिपोर्ट पेश की गईं, निर्णय उन्हीं के आधार पर लिया गया। गौड़ा ने कहा कि पूर्व एडीएम ने केवल नोटिस जारी किया था, फाइन तय नहीं किया गया था। जांच में पाया गया कि जिन खसरा नंबरों पर खनन का आरोप था, उनमें आधे से अधिक भूमि के लिए कंपनी के पास अनुमति थी। पंचनामे में भी कंपनी की भूमिका स्पष्ट नहीं थी। यदि किसी को आपत्ति थी, तो वह अपील कर सकता था, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी कोई अपील नहीं की गई।”
कौन हैं डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा
डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा 2019 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वे पेशे से डॉक्टर (MBBS) हैं और प्रशासनिक सेवा में आने से पहले चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत थे। वे एक लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फॉलोइंग है और वे यूपीएससी अभ्यर्थियों को प्रेरित करने के लिए जाने जाते हैं।





