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*तेजस्वी ने यादवों के दूध और कुशवाहा के चावल से ‘खीर’ पकाने का खेला दांव, लव-कुश समीकरण को कैसे बचाएंगे CM नीतीश*

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. उम्मीदवारों की लिस्ट को देखकर पहली नजर में क्लियर मैसेज है कि तेजस्वी यादव का प्लान है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लव कुश वोटबैंक में सेंधमारी करें.

आरजेडी की लिस्ट में दूसरा नाम ही कुशवाहा

आरजेडी के 143 उम्मीदवारों की लिस्ट में पहला नाम पार्टी के सीएम उम्मीदवार तेजस्वी यादव का है. वहीं दूसरा नाम ही बिहारीगंज सीट से प्रत्याशी रेनू कुशवाहा का है. यानी तेजस्वी यादव ने मैसेज देने की कोशिश की है कि बिहार चुनाव में कुशवाहा वोटर उनकी प्रयोरिटी में हैं.

इसके बाद लिस्ट में नीचे नजर दौड़ाने पर एक लाइन से कुशवाहा टाइटल के कई उम्मीदवारों के नाम दिखते हैं. इसमें- :

बिहारीगंज : रेनू कुशवाहा
कुरहनी : बाबू कुशवाहा
मधुबन : संध्या रानी कुशवाहा
हथुआ : राजेश कुशवाहा
सीतामढ़ी : सुनील कुशवाहा
बाबूबरही : अरुण कुशवाहा
धमदाहा : संतोष कुशवाहा
चेरी–बरियारपुर : सुषील सिंह कुशवाहा
भभुआ : बिरेन्द्र कुशवाहा
वैशाली : अजय कुशवाहा
गोह : अमरेंद्र कुशवाहा

लोकसभा चुनाव में कारगर रहा था का RJD का कुशवाहा कार्ड

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 2024 के लोकसभा चुनाव में कुशवाहा वोटरों पर सफल दांव खेल चुके हैं. आरजेडी बिहार में यादव और मुस्लिम वोटबैंक में कुशवाहा को साथ लाने का प्रयास कर रही है. लोकसभा चुनाव में औरंगाबाद से आरजेडी ने अभय कुशवाहा और नवादा से श्रवण कुमार कुशवाहा को प्रत्याशी देकर सबको चौंका दिया था. आरजेडी का यह दांव सटीक बैठा और अभय कुशवाहा ने जीत दर्ज की. 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आरजेडी की अगुवाई वाली इंडिया ब्लॉक की ओर से सात कुशवाहा उम्मीदवार उतारे गए, जिसमें दो ने चुनाव जीता और अन्य पांच ने 2019 के आम चुनाव की तुलना में एनडीए उम्मीदवारों की जीत के अंतर को कम कर दिया।

तेजस्वी यादव का कुशवाहा समाज के प्रति सम्मान दिखाने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. उन्होंने लोकसभा में अभय कुशवाहा को अपना नेता बनाया. इसके अलावा बिहार की राजनीति में कहावत काफी प्रचलित है- यादवों के घर के दूध और कुशवाहा के घर से चावल से अच्छी खीर बनती है. यहां बता दें कि यह बिहार में यादव समाज के लोग पारंपरिक रूप से मवेशी पालन करते हैं. वहीं कुशवाहा समाज के लोग बिहार में पारंपरिक रूप से किसान माने जाते हैं.

बिहार की राजनीति में कुशवाहा कितने ताकतवर

बिहार की आबादी में कुशवाहा की करीब 4.2 फीसदी हिस्सेदारी है. माना जाता है कि कुशवाहा पारंपरिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कोर वोटबैंक माने जाते हैं. इसलिए कहा जाता है कि नीतीश कुमार लव कुश यानी कुर्मी और कुशवाहा वोटबैंक की राजनीति करते रहे हैं. जेडीयू ने उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष का पद सौंप कर लव-कुश समीकरण को चेहरा देने का काम किया है. कुशवाहा वोटरों को रिझाने के लिए बीजेपी ने डेप्युटी सीएम सम्राट चौधरी के चेहरे को आगे कर रखा है. इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा के लोकसभा चुनाव हारने के बाद भी राज्यसभा भेजा गया है और उन्हें विधानसभा चुनाव में भी छह सीटें दी गई हैं.

Ramswaroop Mantri

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