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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को आव्रजन कानून को लेकर करना पड़ा कठोर सवालों का सामना

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 हमने अपनी जवानी और पैसा अमेरिका में लुटाया है। फिर आप हमें यहां से बाहर कैसे निकाल सकते हैं

वॉशिंगटन: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को एक विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में असहज सवालों का सामना करना पड़ा। इस दौरान एक भारतीय मूल की महिला ने उनसे ट्रंप प्रशासन के कठोर आव्रजन कानून को लेकर कड़े सवाल पूछे। यह घटना तब हुई जब जेडी वेंस मिसिसिपी विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। एक सख्त जांच प्रक्रिया के समर्थक जेडी वेंस ने अमेरिका में कानूनी आव्रजन को सीमित करने की वकालत की है। हालांकि उन्होंने अमेरिका में कानूनी प्रवासियों की सटीक संख्या नहीं बताई, लेकिन कहा कि यह “स्वीकार किए जा रहे लोगों की संख्या से बहुत कम” होनी चाहिए।

भारतीय मूल की महिला के तीखे सवाल

जब वे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे, तो भारतीय मूल की महिला ने कानूनी आव्रजन पर वेंस के रुख पर सवाल उठाए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति से उस महिला के तीखे सवालों का एक वीडियो अब सोशल मीडिया में चर्चा में है। सवाल के दौरान कश्मीर पश्मीना शॉल जैसी दिखने वाली चीज ओढ़े महिला ने कहा कि उन्हें “अमेरिकी सपना” (US Dream) बेचने के लिए प्रोत्साहित किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि आव्रजन का स्तर “बहुत ज्यादा” था।

महिला ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति से क्या पूछा

महिला ने पूछा, “जब आप यहां बहुत ज्यादा प्रवासियों की बात करते हैं, तो आपने यह संख्या कब तय की? आपने हमें अपनी जवानी, अपनी दौलत इस देश में बिताने पर मजबूर किया और हमें एक सपना दिया। आपका हम पर कोई एहसान नहीं है। हमने इसके लिए कड़ी मेहनत की है।” महिला के ये तीखे सवाल ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध रूप से रह रहे लोगों के बड़े पैमाने पर निर्वासन और एच-1बी प्रणाली में बदलाव के जरिए वैध आव्रजन पर प्रतिबंध लगाने की प्रतिक्रिया के तौर पर आए हैं।

महिला ने जेडी वेंस को आव्रजन कानून पर घेरा

भारतीय मूल की महिला ने आगे कहा, “एक उपराष्ट्रपति होने के नाते, आप वहां खड़े होकर उन लोगों से कैसे कह सकते हैं कि ‘हमारे पास अब बहुत ज्यादा लोग हैं, और हम उन्हें बाहर निकाल देंगे’, जो आपके द्वारा मांगे गए पैसे देकर यहां रहने का हक रखते हैं? आपने हमें रास्ता दिखाया, और अब आप इसे कैसे रोक सकते हैं और हमें बता सकते हैं कि अब हमारी यहां कोई जगह नहीं है?”

महिला के साल पर भीड़ ने बजाई तालियां

जैसे ही भीड़ ने उसके सवाल पर तालियां बजाईं, महिला ने तुरंत स्पष्ट किया कि उसका कोई हंगामा खड़ा करने का इरादा नहीं था। इस पर वेंस ने भी कहा, “हम हंगामा खड़ा करने के करीब नहीं हैं। चिंता मत करो।” वैंस ने उसके सवाल का सीधा जवाब देने से परहेज किया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुत ज्यादा लोगों को देश में आने देने से अमेरिका के सामाजिक ताने-बाने को खतरा होगा।

वेंस ने क्या दलील दी

वेंस ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि एक व्यक्ति, दस व्यक्ति या सौ व्यक्ति अवैध रूप से आए और अमेरिका में योगदान दिया, क्या इसका मतलब यह है कि हम भविष्य में हर साल दस लाख, दस लाख या दस करोड़ लोगों को आने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं? नहीं, यह सही नहीं है।”

वेंस ने हिंदू पत्नी और परिवार के बारे में पूछा

उपराष्ट्रपति को बख्शने को तैयार न होते हुए, छात्र ने ईसाई वेंस से उनकी हिंदू पत्नी और उनके “अंतर-सांस्कृतिक परिवार” के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी पत्नी, उषा वेंस, एक दिन कैथोलिक चर्च से “प्रभावित” होंगी और “अंततः” ईसाई धर्म के सुसमाचार में विश्वास करेंगी। वेंस ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी ज़्यादातर रविवार को उनके साथ चर्च आती थीं।

वेंस ने क्या कहा

वेंस ने कहा, “मैं सचमुच यही चाहता हूँ क्योंकि मैं ईसाई धर्म के सुसमाचार में विश्वास करता हूं, और मुझे उम्मीद है कि आगे चलकर मेरी पत्नी भी इसे उसी नजर से देखेगी। लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करती, तो ईश्वर कहता है कि हर किसी के पास स्वतंत्र इच्छाशक्ति है, इसलिए इससे मुझे कोई समस्या नहीं होगी।”

Ramswaroop Mantri

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