बिहारचुनाव 2025 में करारी हार के बाद आरजेडी अब इस पर मंथन करेगी। पार्टी हार के कारणों की पहचान करेगी और यह तय करेगी कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सीनियर नेता अपने स्तर पर इसकी जांच करेंगे और बाद में अपनी रिपोर्ट देंगे। भविष्य में ऐसी करारी हार से बचने के लिए सीनियर नेता अपने सुझाव भी देंगे। सूत्रों का कहना है कि पार्टी के अंदर और बाहर उठ रहे सवालों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
क्यों हारी पार्टी?
चुनावी वर्ष की शुरुआत में तेजस्वी यादव लीड कर रहे थे। सरकार बनते ही उन्होंने प्रदेश की सभी महिलाओं को “माई बहिन” योजना के तहत 2,500 रुपये, मुफ्त बिजली और वृद्धा पेंशन बढ़ाने जैसी कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की, जिससे एनडीए के मुकाबले उनकी बढ़त मजबूत हो गई थी। तेजस्वी की इस योजना का काट बिहार सरकार को समझ नहीं आया, इसलिए उन्होंने असम सरकार से संपर्क किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि… फिर भी पार्टी को करारी हार मिली। अब पार्टी इस पर मंथन कर रही है।
कौन जिम्मेदार?
इधर, सीनियर पत्रकार लव कुमार मिश्रा आरजेडी की करारी हार के लिए बनी टीम पर सवाल उठाते हुए कहते हैं, “यह टीम क्या जांच करेगी? यह तो ओपन सीक्रेट है। हार के लिए परिवार और तेजस्वी यादव जिम्मेदार हैं। बिहार का बच्चा‑बच्चा यह जानता है। पार्टी यह सब करके सिर्फ ध्यान भटकाने का काम कर रही है।”
तेजस्वी यादव की जिद
तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित करने के लिए अड़ना और जब तक इस बात की घोषणा नहीं हुई, तब तक चुनाव को बीच‑मंझधार में छोड़कर लगभग गायब हो जाना, मेरे हिसाब से हार का सबसे बड़ा कारण है। वैसे, पार्टी के सीनियर नेता इस पर मंथन कर रहे हैं और वे इस पर विचार देंगे।





