इंदौर
इंदौर निवासी उद्योगपति जयसिंह जैन के घर पर काम करने वाले कुक संजय सोलंकी (सोलियापुरा, धार) को पिछले महीने कोरोना हो गया। 31 दिन तक भर्ती रहे। जांच से लेकर हॉस्पिटल का बिल, रेमडेसिविर, टोसीलिजुमेब इंजेक्शन का खर्च करीब 11.50 लाख तक हुआ। ये पूरा खर्च उद्योगपति जैन ने उठाया। संजय रविवार को डिस्चार्ज हुए तो जैन ने अपनी गाड़ी से घर भिजवाया। इमरजेंसी के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी खरीदकर दिया। एक साल से जैन के यहां संजय कुक हैं। कोरोना की दूसरी लहर में संजय अपने गांव में थे। वहां 24 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। शुरुआती तीन दिन के बाद तबीयत बिगड़ना शुरू हुई। जानकारी जैन को लगी तो उन्होंने 28 अप्रैल को गाड़ी भेजकर इंदौर बुलवाया और संजय को निजी अस्पताल में भर्ती किया। भर्ती होने के बाद इंफेक्शन एक समय 70 फीसदी से ज्यादा हो गया था।
ऑक्सीजन लेवल भी 40 से 60 के बीच आ गया था। वे आईसीयू में एडमिट रहे। बाहर से जैसे-तैसे रेमडेसिविर बुलवाकर लगवाए। उसके बाद और हालत खराब हुई तो बमुश्किल टोसीलिजुमेब इंजेक्शन की व्यवस्था भी की गई। कोरोना संक्रमण कुछ ठीक हुआ तो डॉक्टरों ने कहा कि ब्लैक फंगस के लक्षण भी सामने आए। उसका भी इलाज हुआ और 20 इंजेक्शन लगाए गए। 31 दिन एडमिट रहने के बाद संजय की हॉस्पिटल से छुट्टी हुई।
इलाज में कितना रुपया लगेगा, इसकी चिंता नहीं थी, एक ही लक्ष्य था कि संजय जल्दी ठीक हो जाए : जैन
उद्योगपति जयसिंह जैन ने कहा एक ही लक्ष्य था कि जैसे भी हो संजय ठीक हो जाए। इलाज में कितना खर्च लगता है, इसकी चिंता नहीं थी। आखिरकार एक महीने के इंतजार के बाद वह ठीक हुए। ये खुशी का क्षण न सिर्फ उनके, बल्कि उनके परिवार और हमारे लिए भी है।
मेरे लिए सब किया साहब ने, कभी नहीं भूल सकता

कुक संजय ने कहा मेरे लिए साहब (जयसिंह जैन) ने सब कुछ किया। पूरे समय ताकत से खड़े रहे। इलाज का सारा खर्च भी उठाया। उन्होंने जो किया, वो मैं कभी नहीं भूल सकता।





