रूसी राष्ट्रपति पुतिन 10 बजे जाएंगे राजघाट, महात्मा गांधी को देंगे श्रद्धांजलि
भारत और रूस के रिश्ते दशकों पुराने हैं. करीब 78 सालों से दोनों देशों के बीच राजनीतिक और व्यापारिक रिश्ते प्रगाढ़ रहे हैं. कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो रूस हमेशा से भारत के साथ खड़ा रहा है. इसी कड़ी में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तमाम ग्लोबल टेंशन से भरे माहौल में दो दिवसीय भारत के दौर पर आ गए हैं. दोनों देशों के लिए यह दौरा कितना मायने रखता है. रिश्ते खासतौर पर व्यापारिक रिश्ते कितने मजबूत होंगे आइए इसको डिटेल में समझते हैं.
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में बहुत मदद करेगा. राष्ट्रपति पुतिन बिजनेस करने वालों के एक बड़े ग्रुप के साथ यात्रा कर रहे हैं. भारत को रूस के साथ व्यापार घाटे में सुधार की उम्मीद है. रूस को भारतीय एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कई तरीकों पर काम किया जा रहा है. फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, समुद्री प्रोडक्ट्स सहित कृषि प्रोडक्ट्स के क्षेत्र में खासतौर पर ध्यान दिया जा रहा है. पुतिन के भारत आने से भारतीय बिजनेस को बूस्ट मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा भारतीय बिजनेस और प्रोडक्ट्स को एक बड़ा बाजार मिलेगा और इससे नौकरियां भी बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही एग्री सेक्टर में डील हुई तो भारतीय किसानों को भी फायदा होगा.
डिफेंस सेक्टर को भी होगा फायदा
दोनों देशों के बीच में शिपिंग, हेल्थकेयर, फर्टिलाइजर, कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कई एग्रीमेंट और MoU होने की संभावना है. लोगों के बीच संबंधों, मोबिलिटी पार्टनरशिप, संस्कृति और वैज्ञानिक सहयोग में भी और सहयोग देखने को मिलेगा. GoI के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत रूस से 23 और S-400 रेजिमेंट खरीद सकता है. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच नए S-400 सौदे में 50% तक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शामिल करने पर भी बात बन सकती है. यह डील कुल कीमत 18,000 – 24,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है.
सूत्रों के मुताबिक, भारत IAF के लिए Su-57 पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर चर्चा करेगा. भारत-रूस संयुक्त निर्माण और टेक ट्रांसफर को आगे बढ़ाएंगे. साथ ही इंडियाभारत सरकार 2-3 स्क्वाड्रन खरीद सकता है. इसकी कीमत 35,000-40,000 करोड़ रुपये हो सकती है. साथ ही HAL भी संभावित SU-57 की डील में शामिल हो सकता है. इससे भारत के डिफेंस सेक्टर को और मजबूती मिलेगी.
इतना बड़ा होगा बिजनेस
भारत और रूस का लक्ष्य 2030 तक दो-तरफा व्यापार को $100 बिलियन तक बढ़ाना है. उनका व्यापार 2021 में लगभग $13 बिलियन से बढ़कर 2024-25 में लगभग $69 बिलियन हो गया, जो लगभग पूरी तरह से भारतीय एनर्जी इंपोर्ट पर निर्भर है. भारतीय व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एक्सपोर्ट में विविधता लाना चाहता है और ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, डेटा-प्रोसेसिंग उपकरण, भारी मशीनरी, इंडस्ट्रियल कंपोनेंट, टेक्सटाइल और खाने-पीने की चीजों की बिक्री बढ़ाना चाहता है.
पीयूष गोयल ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि रूस में इंडस्ट्रियल सामान, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एक बड़ी मांग है, जो भारतीय बिजनेस के लिए कई ऐसे मौके पेश करती है जिनका अभी तक इस्तेमाल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि हमें अपने व्यापार में और विविधता लाने की जरूरत है. हमें इसे रूस और भारत के बीच और संतुलित बनाने की जरूरत है.
रूसी राष्ट्रपति पुतिन 10 बजे जाएंगे राजघाट, महात्मा गांधी को देंगे श्रद्धांजलि
- आज ऐसा है राष्ट्रपति पुतिन का पूरा शेड्यूल
- सुबह 9 बजे राष्ट्रपति भवन में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
- 10 बजे पुतिन राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे.
- 11 बजे पुतिन हैदराबाद हाउस में 23वीं भारत-रूस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
- शाम 4 बजे पुतिन हैदराबाद हाउस में ही भारत रूस बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे.
- 5 बजे पुतिन भारत मंडपम में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे.
- वहीं, 7 बजे पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्टेट डिनर देंगीं.
- पुतिन रात लगभग 9 बजे भारत से मॉस्को के लिए रवाना होंगे.
- जरूरी समय पर हो रहा है पुतिन का दौरा– विदेशी मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेवरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर विदेशी मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन का दौरा दुनिया के मामलों में बहुत ही गंभीर और जरूरी समय पर हो रहा है. आज की दुनिया की पुरानी विश्व व्यवस्था टूट रही है. एक नया विश्व मैट्रिक्स बन रहा है. ऐसे में पुतिन का भारत आना यह दिखाता है कि ये दोनों देश दुनिया की सोच की परवाह किए बिना अपने रिश्तों को बढ़ाने और गहरा करने पर गंभीरता से ध्यान दे रहे हैं.





