राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर आज लोकसभा में चर्चा होगी। 150 वर्ष पूर्व लिखे गए इस गीत के ऐतिहासिक महत्व पर निचले सदन में होने वाली चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं, उच्च सदन राज्यसभा में इस पर मंगलवार को चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। वहीं भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर वार्ता अब तेज मोड़ पर पहुंच गई है। इसी क्रम में यूरोपीय संघ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक का मकसद साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना है। एक तरफ देश के कई हिस्सों में सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर भारत में तापमान लगातार गिर रहा है, वहीं पूर्वी और पश्चिमी राज्यों में भी शीतलहर का असर गहराता जा रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार कश्मीर घाटी में पारा शून्य से नीचे रिकॉर्ड हुआ, राजस्थान के कई जिले कड़ाके की ठंड से कांप उठे। ‘बिग बॉस 19’ का सफर समाप्त हो गया है। इसी के साथ विनर का एलान भी हो चुका है। गौरव खन्ना इस सीजन के विजेता बने हैं। फरहाना भट्ट को मात देते हुए गौरव खन्ना ने शो की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। सलमान खान ने फिनाले में विजेता के तौर पर गौरव खन्ना के नाम का एलान किया।
वंदे मातरम पर आज संसद में चर्चा, पीएम मोदी करेंगे शुरुआत

राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर आज लोकसभा में चर्चा होगी। 150 वर्ष पूर्व लिखे गए इस गीत के ऐतिहासिक महत्व पर निचले सदन में होने वाली चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। वहीं, उच्च सदन राज्यसभा में इस पर मंगलवार को चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
जानकारी के मुताबिक, लोकसभा में वंदेमातरम पर चर्चा की शुरुआत पीएम मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। चर्चा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई समेत आठ सदस्यों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। चर्चा का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संबोधन के साथ होगा। सरकार ने गत 7 नवंबर को राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। वहीं, कई राज्यों में चल रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) पर भी मंगलवार को चर्चा होनी है।
पीएम ने लगाया गीत के वंदे मातरम के टुकड़े करने का आरोप
पीएम मोदी ने हाल में कहा था कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे। वंदे मातरम के इस विभाजन ने के बीज भी बो दिए थे। राष्ट्र-निर्माण के इस महामंत्र के साथ यह अन्याय क्यों हुआ? यह आज की पीढ़ी को जानना जरूरी है। आज भी वही विभाजनकारी सोच बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बोले-मुस्लिमों को शुरुआती दो लाइनों से परहेज नहीं
संसद में बहस से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मुस्लिमों को राष्ट्रगीत से नफरत नहीं है। उनकी आपत्ति विशुद्ध रूप से धार्मिक मान्यताओं (एकेश्वरवाद) व गीत के अगले हिस्सों में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है। रशीदी ने साफ कहा कि राष्ट्रगीत की शुरुआती दो लाइनों को गाने में किसी भी मुसलमान को कोई परहेज नहीं होना चाहिए। ये लाइनें वतन की खूबसूरती और उसकी समृद्धि की तारीफ है।
आजादी की प्रेरणा बना था यह गीत
- बंकिम चंद्र चटर्जी रचित वंदे मातरम पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में प्रकाशित हुआ था।
- 1882 में यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना।
- बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया और आजादी की लड़ाई में यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा बना था।
- 24 जनवरी, 1950 को भारत सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था।
एफटीए को रफ्तार देने के लिए भारत-ईयू के बीच वार्ता आज

यूरोपीय संघ की प्रतिनिधि टीम भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर तेजी से आगे बढ़ रही वार्ताओं को अंतिम रूप देने के लिए आज केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगी। समझौते से जुड़े अधिकांश मुद्दों पर प्रगति हो चुकी है और वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर वार्ता अब तेज मोड़ पर पहुंच गई है। इसी क्रम में यूरोपीय संघ का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक का मकसद साल के अंत तक समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति की समीक्षा करना है।
ईयू टीम का नेतृत्व सबाइन वेयेंड, डायरेक्टर जनरल, ट्रेड विभाग कर रही हैं। उनका मुख्य उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े उन मुद्दों को सुलझाना है, जिन पर अभी भी दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं।
इन मुद्दों पर अटका है FTA
अधिकारी के मुताबिक, भारत-ईयू एफटीए वार्ता में अभी भी कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। इनमें स्टील सेक्टर, कार्बन टैक्स, ऑटोमोबाइल, और नॉन-टैरिफ बैरियर्स जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ईयू की ओर से विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, मेडिकल डिवाइस, वाइन, स्पिरिट, मांस और पोल्ट्री जैसे उत्पादों पर बड़ी ड्यूटी कटौती की मांग की जा रही है। इसके साथ ही, यूरोपीय संघ एक मजबूत बौद्धिक संपदा अधिकार ढांचा स्थापित करने पर भी जोर दे रहा है, जो उनकी प्राथमिकताओं की सूची में प्रमुख है।
भारत–EU व्यापार संबंध
भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 136.53 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
- भारत का ईयू को निर्यात: 75.85 अरब डॉलर
- भारत का आयात: 60.68 अरब डॉलर
ईयू बाजार भारत के कुल निर्यात का 17% हिस्सा है, जबकि ईयू की भारत को निर्यात हिस्सेदारी 9% है।
FTA से भारत को क्या फायदा?
विशेषज्ञों का कहना है कि समझौता लागू होने के बाद भारत के कई प्रमुख क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है। रेडीमेड गारमेंट, फार्मास्यूटिकल्स, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल मशीनरी जैसे सेक्टर यूरोपीय बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा को और मजबूत कर पाएंगे। इन उत्पादों की पहुंच बढ़ने के साथ भारत का निर्यात भी गति पकड़ सकता है।
2013 में रुकी थीं वार्ताएं
भारत और 27 देशों वाले EU ब्लॉक ने जून 2022 में FTA वार्ता दोबारा शुरू की थी। इससे पहले 2013 में मार्केट एक्सेस को लेकर मतभेदों के चलते बातचीत रुक गई थी। इस बार वार्ता 23 नीति क्षेत्रों को कवर कर रही है, जिनमें व्यापार, सेवाएं, निवेश, कस्टम और व्यापार सुगमता, सरकारी खरीद, विवाद समाधान, IPR और भौगोलिक संकेतक (GI) शामिल हैं। दोनों पक्ष साल के अंत तक बातचीत समाप्त करने के लिए उत्सुक हैं।
सर्दी बढ़ी…कश्मीर में पारा शून्य से नीचे, राजस्थान-झारखंड में शीतलहर

देशभर में सर्दी का तेवर तीखे होते जा रहे हैं। शीतलहर ने ठिठुरन बढ़ा दी है। इस बीच मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई है। साथ ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी और उत्तरी राजस्थान में अगले कुछ दिनों में कोहरा छा सकता है। उत्तर भारत में तापमान लगातार गिर रहा है, वहीं पूर्वी और पश्चिमी राज्यों में भी शीतलहर का असर गहराता जा रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार कश्मीर घाटी में पारा शून्य से नीचे रिकॉर्ड हुआ, राजस्थान के कई जिले कड़ाके की ठंड से कांप उठे।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार कश्मीर घाटी में पारा शून्य से नीचे रिकॉर्ड हुआ, राजस्थान के कई जिले कड़ाके की ठंड से कांप उठे। पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी और उत्तरी राजस्थान में कोहरा छा सकता है। इससे यातायात प्रभावित हो सकता है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 8 और 9 दिसंबर को हल्की बर्फबारी की संभावना है। निचले इलाकों में ठंड के साथ बादल छाए रह सकते हैं।
कश्मीर घाटी में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, हालांकि पिछले दिनों की तुलना में मामूली बढ़ोतरी जरूर हुई है। इसके बावजूद ज्यादातर शहरों में पारा शून्य से नीचे रहा। पहलगाम राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान माइनस 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 0.9 डिग्री, गुलमर्ग में माइनस 1.6 डिग्री, पुलवामा में माइनस 3.8 डिग्री, और कुपवाड़ा में माइनस 0.8 डिग्री रहा। आईएमडी के अनुसार सोमवार (सात दिसंबर) तक मौसम आम तौर पर शुष्क रहेगा, लेकिन 8 दिसंबर को उत्तर और मध्य कश्मीर के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
राजस्थान में कंपकंपी फतेहपुर सबसे ठंडा
राजस्थान में सीकर जिले के फतेहपुर में तापमान गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो राज्यभर में सबसे कम है। बीकानेर के लूणकरणसर में तापमान 5 डिग्री, दौसा में 6 डिग्री, चूरू में 6.3 डिग्री, वनस्थली (टोंक) में 6.4 डिग्री, और झुंझुनू में 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बताया कि एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों में कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं। इसके चलते न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होकर शीतलहर की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है।
झारखंड में कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
झारखंड में भी ठंड ने जोर पकड़ा है। राज्य के आठ जिलों बोकारो, देवघर, कोडरमा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लोहरदगा और रांची में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। गुमला सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 3.5 डिग्री तक गिर गया। खूंटी में 5 डिग्री, रांची में 7.5 डिग्री, डाल्टनगंज में 6.5 डिग्री, और जमशेदपुर में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।रांची मौसम केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई है। अगले पांच दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और 72 घंटों में तापमान में 2-3 डिग्री बढ़ोतरी की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ से दिसंबर के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी सर्दी
आईएमडी के अनुसार, देश के उत्तरी और पूर्वी राज्यों में ठंड का असर अगले एक सप्ताह तक बना रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने पर पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर का दूसरा सप्ताह कई राज्यों में सर्दी की तीव्रता को और बढ़ा सकता है।
वर्षों से खामियों की अनदेखी से पैदा हुए शर्मनाक हालात

इंडिगो का अभूतपूर्व पतन महीनों से पनप रहे उन तनावों, असंतुलनों और प्रबंधन संबंधी खामियों का नतीजा है, जिन्हें न कंपनी ने स्वीकार किया, न नियामकों ने रोका और न सरकार ने गंभीरता से लिया। सतह पर दिखी अव्यवस्था का यह महाविस्फोट बड़े, धीमे और लगातार बनते दबाव का चरम बिंदु है। क्रू और पायलट प्रबंधन में खोखली संरचना और ओवर एक्सटेंडेड ऑपरेशंस की खामियां लगातार उजागर हो रहीं थीं।
इंडिगो ने दो वर्षों में अपने रूट नेटवर्क और उड़ानों की संख्या तेजी से बढ़ाई, पर पायलटों, केबिन क्रू और तकनीकी स्टाफ की संख्या उसी रफ्तार से नहीं बढ़ाई गई। कई महीनों से क्रू के ड्यूटी शेड्यूल में गड़बड़ियां बढ़ रही थीं। कर्मियों को जरूरत से ज्यादा काम करना पड़ रहा था। लगातार थकान की शिकायतें आ रही थीं, पर कंपनी और नियामकों ने इसे ऑपरेशन की मांग में उतार-चढ़ाव बताकर नजरअंदाज किया। क्रू से जुड़ी आंतरिक रिपोर्ट में दर्ज एक पंक्ति बेहद गंभीर है, हम विमान उड़ा रहे हैं, लेकिन सिस्टम हमें चलने की अनुमति नहीं दे रहा। एशिया पैसिफिक रीजनल एविएशन सेल (आईसीएओ) की टिप्पणियों में भी इसकी पुष्टि की गई है।
बिग बॉस 19′ के विनर का एलान, गौरव खन्ना के खाते में आई ट्रॉफी

‘बिग बॉस 19’ का सफर समाप्त हो गया है। इसी के साथ विनर का एलान भी हो चुका है। गौरव खन्ना इस सीजन के विजेता बने हैं। फरहाना भट्ट को मात देते हुए गौरव खन्ना ने शो की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है। सलमान खान ने फिनाले में विजेता के तौर पर गौरव खन्ना के नाम का एलान किया।
गौरव को मिली कितनी प्राइज मनी?
गौरव खन्ना इस शो में शुरुआत से मजबूत दावेदर रहे हैं। उन्होंने टास्क जीतकर टिकट टू फिनाले जीता था। टॉप 5 में उनकी जगह पहले ही पक्की हो गई थी। फिर टॉप 2 में पहुंचे, जहां उनका मुकाबला फरहाना भट्ट से रहा। इसके बाद बतौर विनर उनके नाम का एलान हुआ है। गौरव को ट्रॉफी के अलावा 50 लाख रुपये धनराशि इनाम में मिली है।
चर्चित एक्टर हैं गौरव खन्ना
गौरव खन्ना का जन्म 11 दिसंबर 1981 को कानपुर में हुआ। गौरव हिंदी टीवी सीरियल्स में काम करते हैं। उन्हें ‘अनुपमा’ में अनुज कपाड़िया की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है। इसके लिए उन्हें मुख्य भूमिका में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का इंडियन टेली अवार्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा गौरव ने ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ इंडिया सीजन 1’ भी जीता।

जिसने उड़ाया मजाक, उसी को फिनाले में छोड़ा पीछे
गौरव खन्ना का मुकाबला फिनाले में फरहाना के साथ रहा। टॉप 2 में दोनों प्रतिभागी पहुंचे। गौर करने वाली बात यह है कि शो में रहते हुए फरहाना ने छोटे पर्दे पर कथित अपमानजनक टिप्पणी की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने गौरव खन्ना पर भी कटाक्ष किया था। तब सलमान खान ने गौरव का बचाव करते हुए फरहाना को फटकार लगाई थी। फाइनल में गौरव ने फरहाना को ही मात दी है। यह अपने आप में काफी दिलचस्प है।
तेज, असरदार और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी’, टैरिफ नीति पर बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को अपनी टैरिफ (आयात शुल्क) नीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जिस तरीके से विदेशी देशों पर शुल्क लगा रही है, वह सबसे तेज, सीधा और असरदार तरीका है। उन्होंने कहा कि कई देश वर्षों से अमेरिका का फायदा उठाते रहे हैं, इसलिए कड़े और तुरंत असर दिखाने वाले कदम जरूरी थे। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि सुप्रीम कोर्ट के जरिए लागू किया जाने वाला मौजूदा टैरिफ तरीका सीधा, कम जटिल और बहुत तेज है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि स्पीड, पावर और भरोसा सरकार की किसी भी बड़ी नीति को सफल बनाने में सबसे अहम हैं। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्हें राष्ट्रपति के अधिकारों की वजह से दस महीनों में आठ युद्ध खत्म करने में सफलता मिली है।
विदेशों ने टैरिफ पर सवाल नहीं उठाए- ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि यदि विदेशी देशों को लगता कि उनके पास टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है, तो वे इस पर खुलकर विरोध जताते। उन्होंने कहा कि उनकी ट्रेड नीति पूरी तरह कानूनी है और इसे न्यायिक समर्थन मिलना चाहिए। इसके लिए वे हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से अपनी टैरिफ नीति को मंजूरी देने की अपील भी कर चुके हैं, क्योंकि इस पर कानूनी चुनौतियां चल रही हैं।
ट्रंप का दावा- टैरिफ से अमेरिका मजबूत हुआ
इस दौरान ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि टैरिफ ने हमारे देश को धनवान, मजबूत और सुरक्षित बनाया है। हमने जो सिस्टम बनाया है, उससे अब हमारे पास सारे विकल्प हैं, बस राष्ट्रपति समझदार होना चाहिए।अप्रैल से अब तक उनकी सरकार कई बार ‘लिबरेशन डे टैरिफ’ लागू कर चुकी है और कई विदेशी साझेदारों के साथ नए व्यापार समझौते भी किए हैं। ट्रंप का दावा है कि इससे युद्ध रुके हैं और रिश्ते मजबूत हुए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शेयर बाजार और 401k (रिटायरमेंट फंड) अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं, मुद्रास्फीति, कीमतें और टैक्स कम हुए हैं। शिक्षा वापस राज्यों को दी जा रही है और फौज व दक्षिणी सीमा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई हैं। कुल मिलाकर ट्रंप का जोर फिर इस बात पर है कि अमेरिका फिर से सम्मानित देश बना है।
सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ की वैधानिकता पर सुनवाई
गौरतलब है कि अब सुप्रीम कोर्ट यह तय कर रहा है कि ट्रंप की टैरिफ नीति राष्ट्रपति के अधिकारों के दायरे में आती है या नहीं। मामला यह है कि ट्रंप प्रशासन ने आपातकालीन कानून IEEPA (1977) का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर आयात शुल्क लगाए। इसके तहत कानून राष्ट्रपति को ‘इंपोर्ट को रेगुलेट करने का अधिकार देता है, लेकिन इसे पहले कभी टैरिफ लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया।
ऐसे में कई न्यायाधीशों, खासकर कंजर्वेटिव जजों, ने इस पर सवाल उठाया और कहा कि यदि इसे मंजूरी मिल गई तो राष्ट्रपति के अधिकार बहुत बढ़ जाएंगे। जस्टिस एमी कोनी बैरेट ने कहा कि अगर कोर्ट इसे खारिज करता है तो स्थिति गड़बड़ भी हो सकती है।
हमास का बड़ा संकेत: हथियार ‘फ्रीज’ करने पर बातचीत को तैयार

गाजा में जारी संघर्ष-विराम (सीजफायर) समझौते के दूसरे चरण से पहले हमास ने एक बड़ा संकेत दिया है। इसके तहत हमास ने इस बात पर जोर दिया है कि वह अपने हथियारों को ‘फ्रीज’ यानी इस्तेमाल न करने या ‘स्टोर’ यानी सुरक्षित जगह रखने पर चर्चा करने को तैयार है। यह बात हमास की राजनीतिक ब्यूरो के वरिष्ठ नेता बसम नईम ने दोहा (कतर) में कही, जहां संगठन का बड़ा नेतृत्व मौजूद है। नईम ने कहा कि हमास संघर्ष को बढ़ने से रोकने के लिए किसी भी व्यापक समाधान पर चर्चा के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता में बने समझौते का अगला और सबसे पेचीदा चरण शुरू होने वाला है।
गाजा सीजफायर के सबसे मुश्किल दूसरे चरण से पहले हमास ने बड़ा संकेत दिया है। हमास ने साफ-साफ कहा है कि वह अपने हथियारों को ‘फ्रीज’ या ‘स्टोर’ करने पर बातचीत को तैयार है। ऐसे में अब सवाल खड़ा होता है कि आखिर हमास के इस बात पर सहमति के बाद भी दूसरे चरण की वार्ता कठिन कैसे है? आइए यहां इस बात को समझते हैं
यह संघर्ष-विराम उस दो साल साल से ज्यादा समय तक चले इस्राइली सैन्य अभियान को रोककर लागू किया गया था, जिसे इस्राइल ने 7 अक्तूबर 2023 के हमास हमले के बाद शुरू किया था। उस हमले में 1,200 से अधिक लोग मारे गए थे और 250 से ज्यादा बंधक बनाए गए थे। इसके जवाब में इस्राइल की कार्रवाई में 70,000 से ज्यादा फलस्तीनी मारे गए और गाजा का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। पहले चरण में दोनों पक्षों ने बंधकों और कैदियों का आदान–प्रदान किया। अब केवल एक इस्राइल पुलिसकर्मी के अवशेष गाजा में बचे हैं।
समझिए क्या है दूसरा चरण और मुश्किल मुद्दे?
अब बात अगर इस संघर्ष विराम के दूसरे तरण की करें तो समझौते का दूसरा चरण सबसे कठिन माना जा रहा है। इसमें कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनानी होगी, जैसे कि गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल की तैनाती, गाजा के संचालन के लिए एक तकनीकी (टेक्नोक्रेट) समिति का गठन, इस्राइली सेना की गाजा से वापसी और हमास का निर्शस्त्रीकरण (डिसआर्मामेंट)। ऐसे में इन सभी बिंदुओं की निगरानी एक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड करेगा, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास है।
हथियार छोड़ने पर क्या है हमास का रुख
मामले में इस्राइल की प्रमुख शर्त है कि हमास पूरी तरह हथियार छोड़ दे। देखा जाए तो यह सबसे विवादित मुद्दा है। अब ऐसे में इस मुद्दे पर नईम ने कहा कि हमास ‘प्रतिरोध का अधिकार’ रखता है, लेकिन यदि लंबे समय (5–10 वर्ष) की वास्तविक शांति-प्रक्रिया शुरू होती है, तो हथियारों को फ्रीज, स्टोर या रख देना संभव है। नईम ने इस बात पर भी जोर दिया कि पर यह सब ‘फलस्तीनी गारंटी और सहमति’ के तहत होगा। इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह कोई सीधी आत्मसमर्पण प्रक्रिया नहीं होगी।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल पर मतभेद
इसके साथ ही हमास का कई देशों जैसे इंडोनेशिया ने गाजा में सुरक्षा बल भेजने की इच्छा जताई है। लेकिन इसकी संरचना, कमान और जिम्मेदारियां अभी स्पष्ट नहीं हैं। इसपर हमास का कहना है कि यह बल केवल सीजफायर की निगरानी, सीमा पर तैनाती और उल्लंघनों की रिपोर्टिंग तक सीमित रहे। नईम ने कहा कि सुरक्षा बल को गाजा के अंदर कार्रवाई या बल प्रयोग का अधिकार नहीं होना चाहिए।
गाजा के प्रशासन पर सहमति की कोशिश
हमास और फलस्तीनी प्राधिकरण (पीए) के बीच गाजा के दैनिक प्रशासन के लिए एक नई तकनीकी समिति बनाने में कुछ प्रगति हुई है। सूत्रों के अनुसार, इसका नेतृत्व वेस्ट बैंक के स्वास्थ्य मंत्री माजिद अबू रमजान कर सकते हैं, जो मूलतः गाजा के रहने वाले हैं।
किस बात को लेकर अभी भी जारी है आरोप-प्रत्यारोप?
गौरतलब है कि पहले चरण के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते रहे। इस्राइल कहता है कि हमास ने बंधकों की रिहाई में देरी की। वहीं फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि सीजफायर लागू होने के बाद भी 370 से अधिक फलस्तीनी इस्राइली हमलों में मारे गए। ऐसे में इस्राइल का दावा है कि गाजा के उत्तरी हिस्से में अब भी करीब 200 हमास लड़ाके छिपे हुए हैं। वहीं हमास का कहना है कि इन लड़ाकों से उनका संपर्क सीजफायर के समय से ही कटा हुआ है।
पत्नी समेत गिरफ्तार हुए फिल्ममेकर विक्रम भट्ट

फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को राजस्थान पुलिस ने आईवीएफ फ्रॉड केस में मुंबई से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि उदयपुर पुलिस ने रविवार को राजस्थान में दर्ज 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मशहूर फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को मुंबई से गिरफ्तार किया।
विक्रम भट्ट को उदयपुर लाएगी पुलिस
राजस्थान पुलिस अब विक्रम भट्ट को उदयपुर ले जाने के लिए कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मांग रही है। उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने एएनआई को बताया कि पुलिस शायद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को कल उदयपुर लाएगी।
पहले हुईं दो गिरफ्तारियां
अधिकारी ने बताया कि विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और छह अन्य लोगों पर उदयपुर के डॉक्टर अजय मुर्डिया से 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। डॉक्टर अजय मुर्डिया इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के फाउंडर हैं। जानकारी के मुताबिक इस मामले में पहले दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जारी हुआ था लुकआउट नोटिस
गिरफ्तारी से कुछ ही दिन पहले पुलिस ने विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट समेत छह अन्य लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। नोटिस में सभी आरोपियों को 8 दिसंबर तक उदयपुर पुलिस के सामने पेश होने को कहा गया था। उन्हें निर्देश दिया गया था कि बिना अनुमति के विदेश न जाएं।
क्या है पूरा मामला?
अधिकारी ने कहा, ‘इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल के मालिक मुर्डिया अपनी गुजर चुकी पत्नी पर बायोपिक बनाना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें 200 करोड़ रुपये की कमाई का वादा किया गया था। लेकिन कुछ नहीं हुआ, जिसके बाद मुर्डिया ने उदयपुर के भोपालपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत की, जहां धोखाधड़ी और दूसरे अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज की गई।’
इन लोगों के खिलाफ हुई शिकायत
विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट के अलावा कृष्णा, दिनेश कटारिया, महबूब अंसारी, मुदित बुट्टन, गंगेश्वर लाल श्रीवास्तव और अशोक दुबे के खिलाफ शिकायत हुई है।
छह साल की मोहब्बत शादी तक पहुंची, पर अधूरी रह गई दास्तां

शादी के कार्ड बंट चुके थे…मेहमान आ चुके थे, रस्में जारी थीं..तभी खबर आई कि स्मृति मंधाना के पिता की तबियत अचानक खराब होने के बाद शादी को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। अटकलों का बाजार गर्म हुआ…सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पलाश पर मंधाना को धोखा देने के आरोप लगाए, लेकिन दोनों की तरफ से किसी ने सफाई नहीं दी। इस बीच रविवार (7 दिसंबर) को दोनों ने शादी टूटने का एलान कर दिया।स्मृति मंधाना और पलाश मुछाल ने रविवार को अपनी शादी टूटने का एलान कर दिया। दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी और बताया कि अब वह आगे बढे़ंगे। हम यहां आपको दोनों के रिश्ते की अधूरी दास्तां के विषय में जानकारी देंगे। आइये जानते हैं…
कैसे करीब आए मंधाना और पलाश?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मृति और पलाश की पहली मुलाकात मुंबई के निजी समारोह में हुई थी। पलाश ने उस शाम एक अनरिलीज्ड गाना गुनगुनाया था, जिसे सुनकर स्मृति प्रभावित हो गईं थीं। यहीं से दोनों की दोस्ती और फिर रिश्ता धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। खबरों के अनुसार, 2019 में पलाश ने अपनी बहन और गायक पलक मुछाल के सामने ही स्मृति को प्रपोज किया था। 2024 में मंधाना ने एक पोस्ट के जरिये अपने रिश्ते पर मुहर लगाई।
पलाश के हाथ पर स्मृति के नाम का टैटू
पलाश ने भारत की महिला विश्व कप में खिताबी जीत के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर साझा की थी। इस तस्वीर में उनके हाथ पर बना एक खास टैटू प्रशंसकों का ध्यान खींच रहा था। उनके हाथ पर SM18 का टैटू बना हुआ है, जो स्मृति के नाम और उनकी जर्सी नंबर का संकेत है।

स्मृति मंधाना-पलाश मुछाल –
शादी से पहले पलाश ने दिया मंधाना को स्पेशल सरप्राइज
शादी से पहले पलाश मुछाल ने मंधाना को खास सरप्राइज दिया था। म्यूजिक कंपोजर ने महिला विश्व कप के फाइनल के वेन्यू डीवाई पाटिल स्टेडियम ले जाकर भारतीय टीम की उपकप्तान स्मृति मंधना को शादी से पहले प्रपोज किया। इसका वीडियो भी पलाश ने सोशल मीडिया पर साझा किया। पलाश ने जो वीडियो शेयर किया, उसमें दिख रहा है कि वह मंधाना की आंख में पट्टी बांधकर डीवाई पाटिल स्टेडियम लाए और उन्होंने पिच पर आकर उनकी आंखों से पट्टी हटाई। पलाश ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘उसने हां कह दिया है।’ मंधाना की आंख से जब पट्टी हटी तो उन्होंने देखा कि पलाश घुटने पर बैठे हुए हैं और उन्होंने प्रपोज कर रहे हैं। मंधाना के चेहरे पर इस सरप्राइज की खुशी साफ देखने मिली और उन्होंने पलाश का प्रपोजल स्वीकार किया। इसके कुछ देर बाद पलाश और मंधाना के दोस्त भी पिच पर पहुंचे और सबने मिलकर इस पल का आनंद उठाया।
जोरों पर थीं शादी की तैयारियां
मंधाना और पलाश की शादी की तैयारियां जोरों पर थी और इसकी काफी चर्चा हुई थी। दोनों की हल्दी सेरेमनी 21 नवंबर को हुई थी। हल्दी फंक्शन का पूरा माहौल जबरदस्त येलो थीम में ढला हुआ था। स्मृति के साथ शेफाली वर्मा, ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, रेणुका सिंह, शिवाली शिंदे, राधा यादव और जेमिमा जैसी साथी खिलाड़ी भी मौजूद थीं। हल्दी सेरेमनी के अगले दिन यानी 22 नवंबर को स्मृति और पलाश की मेहंदी सेरेमनी हुई। सबकुछ सही चल रहा था और 23 नवंबर को सांगली में शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं। शादी के लिए भारतीय महिला टीम के सदस्य सहित अन्य वीआईपी लोग पहुंच गए थे। लेकिन 23 नवंबर की शाम अचानक खबर आई कि स्मृति के पिता बीमार हो गए हैं जिस कारण शादी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है।




