इंदौर। रबी सीजन की फसल के लिए किसानों को बीते डेढ़ महीने से मशक्कत करना पड़ रही है पहले डीएपी, एनपीके की किल्लत किसानों के बीच रही अब यूरिया (urea) के लिए किसान सरकारी समिति से लेकर मंडी गोदाम तक कतार में खड़े हैं।
सुबह 7 से ही लक्ष्मी अनाज मंडी में मारफेड खाद गोदाम के बाहर किसानो की लाइन लगना शुरू हो गई थी, यह परेशानी किसने की एक दिन की नहीं है वह रोजाना ग्रामीण सोसाइटियों से लेकर निजी व्यापारी और मंडी गोदाम के लगातार चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे रैक आ रही है उसी अनुसार वितरण भी किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि रातों में जाग कर सिंचाई कर रहे हैं फसल को पानी दे रहे हैं लेकिन दिन के समय भी उन्हें यूरिया के लिए गांव से लेकर शहर तक के चक्कर लगाना पड़ रहेहैं।
चेतावनी आंदोलन करेंगे
किसान नेता कमल सिंह डाबी लिंबोदी, किसान मजदूर सेना बबलू जाधव ने बताया की प्रशासन खाद वितरण को सुचारू नहीं बनाएगा तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा एक सप्ताह का समय गेहूं की फसल को पानी देने के लिए शेष बचा है पहले पानी में यूरिया की आवश्यकता ज्यादा रहती है ऐसे समय में किसानों के साथ धोखा हो रहा है।
बाजार में ज्यादा कीमत
किसानो ने यह भी कहना है कि गांव की सरकारी सोसायटियों और मारफेड की दुकानों पर यूरिया और डीएपी की किल्लत चल रही है लेकिन 50से 100 रुपए ज्यादा प्रतिबोरी में बाहरी दुकानों पर खाद कैसे मिल रहा है, कृषि अधिकारीयो साठ गांठ का आरोपी किसान लगातार लग रहे हैं।





