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कहो नरेन्दर , मज़ा आ रहा?

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कहो नरेनदर मज़ा आ रहा?

इलाबाद परियाग हो गया

और बनारस क्योटा

धनीराम का खेत बिक गया

थार बचा ना लोटा

टूटी चप्पल पहन के मनसुख
बोरा उठा रहा है
और हमारा देसी नीरो
बंशी बजा रहा है

डॉलर सर पै पांव जमाये
मुंह बल पड़ा रुपइया
और भक्त चिल्लाय रहे हैं
जय गंगा जय गइया

जो गंगा के लिए लड़ा
वो जीवन गंवा रहा है
और इधर मन-मौजी
मन की बातें सुना रहा है

देश हमारा कहाँ जा रहा !
कहो नरेन्दर, मज़ा आ रहा ?


  • आशु मिश्र

madhav mantri

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