भोपाल: विवादित आईएएस अफसर संतोष वर्मा को मोहन सरकार ने सभी पदों से हटा दिया है। साथ ही केंद्र से कार्रवाई के लिए सिफारिश की है। इस बीच आईएएस संतोष वर्मा का एक और विवादित वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने विचारधारा को खत्म करने की बात कही है। आईएएस वर्मा ने कहा है कि हमारी लड़ाई किसी जाति और धर्म से नहीं है। हमारी लड़ाई विचारधारा से है।
विचारधारा से है हमारी लड़ाई
आईएएस संतोष वर्मा ने कहा है कि हमारी लड़ाई विचारधारा है। वहीं, इस वीडियो में संतोष वर्मा ईद की नमाज और जकात की तारीफ कर रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि जकात में आदमी अपनी इच्छा अनुसार योगदान देता है। साथ ही संतोष वर्मा ने लोगों से अपील की कि जकात की तर्ज पर लोग अपनी कमाई का 15 फीसदी हिस्सा समाज के लिए दें। पुराने जमाने की राजशाही पद्धति में भी कहा गया है कि अपनी कमाई का छठवां हिस्सा सामाजिक गतिविधियों में करें।
आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ें
इसके साथ ही संतोष वर्मा ने दलित अधिकारियों से कहा कि भीख न मांगे, आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ें। आप सब यह काम करने लगे तो हमें किसी के सामने हाथ नहीं जोड़ने पड़ेंगे। शासन और राजनीति में हमारे समाज का प्रभुत्व होगा। उन्होंने आगे कहा कि इतना करेंगे तो खुद आकर हमसे पूछा जाएगा कि आपको चाहिए का।
गौरतलब है कि आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राह्मणों को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके बाद से ही वह चर्चा में आए हैं। साथ ही ब्राह्मण समाज भी उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग कर रही है। उन पर आईएएस बनने के लिए कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप है। इसी वजह से सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है।





