राजधानी की मेट्रो परियोजना का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2017-18 में जब यह परियोजना प्रस्तावित की गई थी, तब इसका कुल अनुमानित खर्च 6,941 करोड़ रुपये रखा गया था। उस समय प्रति किलोमीटर लागत करीब 223 करोड़ रुपये थी, लेकिन अब वर्ष 2025 तक परियोजना के संशोधित बजट में भारी बढ़ोतरी हुई है।
ताजा अनुमान के अनुसार मेट्रो परियोजना की लागत बढ़कर 10,033 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसके साथ ही प्रति किलोमीटर लागत भी बढ़कर 323 करोड़ रुपये हो गई है। यानी शुरुआती अनुमान की तुलना में अब प्रति किलोमीटर करीब 100 करोड़ रुपये अधिक खर्च आ रहा है।
भोपाल मेट्रो के पहले चरण की लागत में पिछले सात साल में बड़ा इजाफा हुआ है। पहले चरण में करीब 30 किमी का रूट तैयार हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। मेट्रो निर्माण में हुई देरी, कोरोना महामारी का असर, कच्चे माल जैसे सीमेंट और स्टील की बढ़ती कीमतें, टैक्स में बदलाव और कुछ स्थानों पर डिजाइन में किए गए संशोधन इसकी प्रमुख वजह माने जा रहे हैं।
काम धीमे होने से भी बढ़ी लागत
इसके अलावा तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के कारण भी काम की गति धीमी हुई, जिससे लागत बढ़ती चली गई। शहरी परिवहन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में लागत बढ़ना कोई नई बात नहीं है। कई बार 8 से 10 साल की देरी होने पर परियोजना की लागत कई गुना तक बढ़ जाती है। भोपाल मेट्रो के मामले में भी समय बढ़ने के साथ खर्च में इजाफा स्वाभाविक माना जा रहा है।

मेट्रो शुरू होने के बाद शहर को ट्रैफिक जाम और परिवहन की बड़ी राहत मिलेगी।
पूर्व ट्रांसपोर्ट कमिश्नर शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि किसी भी परियोजना में राशि में वृद्धि शासन की प्रक्रिया के तहत की जाती है। इसके कई कारण हो सकते हैं। जैसे परियोजना का दायरा बढ़ता है और समय सीमा आगे खिसकती है। ऐसे में लागत में और बढ़ोतरी की संभावना बनी रहती है। वहीं, मेट्रो से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो शुरू होने के बाद शहर को ट्रैफिक जाम और परिवहन की बड़ी राहत मिलेगी।
पीसीसी चीफ बोले- मेट्रो कांग्रेस की देन, भाजपा कर रही सिर्फ उद्घाटन
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में नई मेट्रो के उद्घाटन को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना की परिकल्पना, योजना और इसकी नींव कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी, जबकि मौजूदा भाजपा सरकार केवल उद्घाटन कर श्रेय लेने की राजनीति कर रही है।जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा शहरी परिवहन और आधारभूत ढांचे के विकास के पक्ष में रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों के लिए मेट्रो परियोजना को मंजूरी दी गई थी और उसी दौरान इस पर काम की ठोस शुरुआत भी हुई थी।
केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने की थी पहल
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी मेट्रो के शुभारंभ पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए लिखा कि समस्त भोपालवासियों को मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ की हार्दिक शुभकामनाएं। मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री के रूप में मैंने जो पहल की थी और मुख्यमंत्री के रूप में जिस परियोजना का शिलान्यास किया था, आज वह परियोजना मूर्त रूप ले रही है। आशा है आप सभी मेट्रो की सुविधा का भरपूर लाभ उठाएंगे
नहीं होगा यातायात समस्या का समाधान
पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास को लेकर गंभीर नजर नहीं आती और उसकी भूमिका केवल नारियल फोड़ने, फीता काटने और फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गई है। इससे न तो शहरों की यातायात समस्या का समाधान होगा और न ही आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जीतू पटवारी ने कहा कि जरूरी है कि राज्य सरकार भोपाल, इंदौर समेत अन्य बड़े शहरों के मास्टर प्लान पर ईमानदारी से काम करे और योजनाओं को जमीन पर उतारे।
ठोस विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की जरूरत
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के विकास की जो मजबूत नींव रखी थी, उस पर आगे काम करना मौजूदा भाजपा सरकार की जिम्मेदारी है। जनता को दिखावटी आयोजनों की नहीं, बल्कि ठोस विकास और बेहतर बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के समग्र विकास, पारदर्शिता और जनहित से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही मांगती रहेगी।
कमलनाथ का ट्वीट





