अमेरिका के बिजनेसमैन ग्राहम वॉकर ने अपनी कंपनी फाइबरबॉन्ड को बेचने के बाद 240 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,100 करोड़ रुपये का बोनस 540 कर्मचारियों में बांट दिया. बिना शेयर होल्डिंग के भी कर्मचारियों को मिला यह बोनस उनकी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ और ग्राहम वॉकर को रियल लाइफ सैंटा बना गया.
कॉरपोरेट दुनिया में जहां छंटनी और कॉस्ट कटिंग की खबरें आम हैं, वहीं अमेरिका से एक ऐसी कहानी सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. अमेरिका के लुइसियाना में रहने वाले बिजनेसमैन ग्राहम वॉकर (Graham Walker) को लोग अब रियल लाइफ सैंटा कह रहे हैं. वजह है उनके द्वारा कर्मचारियों को दिया गया ऐसा बोनस, जिसने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी बदल दी. 26 दिसंबर 2025 की इस खबर के मुताबिक, ग्राहम वॉकर ने अपनी फैमिली कंपनी फाइबरबॉन्ड (Fibrebond) को बेचने के बाद कुल 240 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,155 करोड़ रुपये का बोनस अपने 540 कर्मचारियों में बांट दिया. यह रकम उन्होंने किसी मजबूरी में नहीं, बल्कि कंपनी बिक्री की शर्त के तहत और कर्मचारियों की लॉयल्टी के सम्मान में दी.
ग्राहम वॉकर की कंपनी फाइबरबॉन्ड टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम करती थी. इस कंपनी को अमेरिकी दिग्गज इंडस्ट्रियल ग्रुप ईटन (Eaton) ने करीब 1.7 बिलियन डॉलर में खरीदा. इस डील की एक खास शर्त थी कि बिक्री से मिलने वाली रकम का 15 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों को बोनस के रूप में दिया जाएगा. इसी शर्त के तहत कुल 240 मिलियन डॉलर का बोनस पूल बनाया गया. इसका मतलब यह हुआ कि औसतन हर कर्मचारी को करीब 443,000 डॉलर यानी लगभग 3.7 करोड़ रुपये मिले. यह पेआउट एक साथ नहीं, बल्कि 5 साल की अवधि में किया जाएगा, जिसकी शुरुआत जून 2025 से हो चुकी है.
कर्मचारियों की बदली जिंदगी
बोनस मिलने के बाद कई कर्मचारियों की निजी कहानियां भी सामने आई हैं. एक कर्मचारी, जो साल 1995 से कंपनी में काम कर रहा था, उसने बताया कि इस पैसे से उसने अपना होम लोन क्लियर किया और अपनी पत्नी के लिए ड्रीम बुटिक शुरू की. उसने कहा कि पहले उनकी जिंदगी पेचेक टू पेचेक चलती थी, लेकिन अब भविष्य को लेकर डर खत्म हो गया है. कई अन्य कर्मचारियों के लिए यह बोनस उन्हें सीधा मिलियनेयर बनाने वाला साबित हुआ. बच्चों की पढ़ाई, हेल्थ केयर और रिटायरमेंट प्लानिंग जैसी चिंताएं एक झटके में कम हो गईं.
क्यों सोशल मीडिया पर वायरल हुई कहानी
क्रिसमस के समय सामने आई इस खबर ने सोशल मीडिया पर तेजी से जगह बना ली. लोग ग्राहम वॉकर को रियल लाइफ सैंटा कहने लगे. कई यूजर्स ने इसे कैपिटलिज्म का अच्छा और इंसानी चेहरा बताया, जहां मुनाफे के साथ इंसानियत भी दिखती है. इस स्टोरी को सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया, जिसके बाद यह दुनिया भर में वायरल हो गई. कॉरपोरेट लीडर्स और बिजनेस स्कूल्स में भी इसे एक केस स्टडी की तरह देखा जा रहा है.





