कोलकाता
बंगाल में मुकुल रॉय और राजीब बनर्जी जैसे नेताओं की तृणमूल में वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। मुकुल रॉय की पत्नी फिलहाल खराब सेहत के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुकुल रॉय को फोन कर उनकी पत्नी का हालचाल लिया है। दोनों के बीच फोन पर करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि फोन पर राजनीतिक बातें नहीं हुई हैं।
मुकुल की तृणमूल में वापसी की चर्चा उस वक्त गर्मा गई, जब ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने उनसे मुलाकात की। हालांकि ये मुलाकात अस्पताल में हुई। अभिषेक मुकुल की पत्नी की सेहत जानने के लिए वहां पहुंचे थे।
चुनाव से पहले 50 से ज्यादा तृणमूल नेता भाजपा में आए थे
चुनाव के पहले तृणमूल कांग्रेस के 50 से भी ज्यादा नेता BJP में शामिल हुए थे। अब इनमें से कई दोबारा TMC में वापसी चाहते हैं। मुकुल रॉय और राजीब बनर्जी जैसे बड़े नामों को लेकर भी दावा किया जा रहा है कि ये फिर से TMC जॉइन कर सकते हैं। रॉय अभी BJP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वे TMC छोड़ने वाले पहले बड़े नेताओं में से एक थे।
रॉय ने BJP को 2018 में हुए पंचायत चुनाव में जीत दिलवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इस बार वे कृष्णानगर उत्तर सीट से चुनाव लड़े थे और जीते भी। कुछ दिनों से चर्चा चल रही है कि वे दोबारा TMC में शामिल हो सकते हैं।
34 विधायक शामिल हुए थे, BJP ने टिकट 13 को ही दिया था
चुनाव के पहले TMC से BJP में 34 विधायक शामिल हुए थे, लेकिन इसमें से टिकट 13 को ही मिल पाया था। जिन्हें टिकट नहीं मिला, उनमें एक बड़ा नाम दिनेश त्रिवेदी का था। वे चुनाव के कुछ ही दिनों पहले BJP में आए थे।
मुकुल के बेटे की पोस्ट से घर वापसी की चर्चा तेज हुई
मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा था कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार की आलोचना करने के बजाय आत्मनिरीक्षण करना बेहतर है। रॉय की इसी पोस्ट के बाद ये कयास लगाए जाने लगे थे कि वे अपने पिता मुकुल के साथ TMC जॉइन कर सकते हैं।
- रवींद्र भारती यूनिवर्सिटी में डिपार्टमेंट ऑफ पॉलिटिकल साइंस के प्रोफेसर विश्वनाथ चक्रवर्ती के मुताबिक, बंगाल देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां लोगों का जीवन पूरी तरह से राजनीति से जुड़ा है। पॉवर पॉलिटिक्स से यहां जीवन-यापन होता है। सामाजिक सुरक्षा मिलती है। जन्म से मृत्यु तक पॉवर पॉलिटिक्स का असर होता है।
- बंगाल में हर जगह सत्ता में रहने वाली पार्टी का इन्वॉल्वमेंट होता है। बिना पार्टी की सहमति के कोई कुछ नहीं कर सकता। अपोजिशन का कोई रोल यहां नहीं होता। यह कल्चर शुरू से है, जो आगे भी बनता दिख रहा है। यही कारण है कि जो लोग चुनाव से पहले BJP में शामिल हुए, अब वो कुछ भी करके TMC में लौटना चाहते हैं।
- TMC सांसद शुखेंदु शेखर राय कहते हैं, अब पार्टी में किसी को भी शामिल करने से पहले बहुत सारे सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। जैसे, जो आना चाहता है, वो पार्टी छोड़कर क्यों गए थें। वो वापसी क्यों चाहते हैं। ये भी देखेंगे कि कहीं ये BJP की साजिश तो नहीं। 5 जून को पार्टी मीटिंग में इन सभी मुद्दों पर चर्चा होगी।
भाजपा ने किया घर वापसी का खंडन
BJP प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने इस बात का खंडन किया है। भट्टाचार्य का कहना है कि रॉय और राजीब बनर्जी को लेकर जो भी बातें हैं, वे सभी अफवाहें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं। भट्टाचार्य का कहना है कि सुभ्रांशु ने आवेश में आकर ऐसा लिखा था। पार्टी छोड़ने जैसी कोई बात नहीं है। सुभ्रांशु को BJP ने बीजपुर से टिकट दिया था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा।





