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इंदौर में अब तक 29 लोगों की जानें ले चुका है दूषित पानी,उल्टी-दस्त से पहलवान की मौत

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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड को एक माह पूरा हो रहा है, लेकिन मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक 62 वर्षीय पहलवान खूबचंद बंधोनिया की मौत हो गई। वे भी उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने मौत की वजह की पुष्टि नहीं की है, जबकि परिजनों का कहना है कि पिता की तबीयत दूषित पानी के सेवन से बिगड़ी थी। उन्हें पहले बस्ती के क्लिनिक में दिखाया गया और फिर अस्पताल में भर्ती किया गया।भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले एक महीने से जारी इस संकट के बीच मंगलवार को एक और बुजुर्ग पहलवान की मौत हो गई, जिसके बाद कुल मौतों का आंकड़ा 29 तक पहुंच गया है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मौत का आकड़ा बढ़ते जा रहा है। दूषित पानी ने एक पहलवान की भी जान ले ली। मंगलवार को खूबचंद पुत्र गन्नुदास (75) की मौत हो गई है। उन्हें करीब 15 दिन से उल्टी-दस्त की शिकायत थी।

इसके बाद उन्हें इलाज के लिए भागीरथपुरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। यहां उन्हें दवाइयां दी और फिर वापस घर भेज दिया। लेकिन उन्हें आराम नहीं पड़ा। इसके बाद दोबारा मंगलवार सुबह उन्हें इलाज के लिए केंद्र लेकर पहुंचे।

यहां पर मौजूद विशेषज्ञों ने उन्हें दवाई दी और घर पर ही आराम करने की सलाह दी। लेकिन शाम को अचानक उल्टी हुई और उनकी मौत हो गई।

बेटे राहुल ने बताया कि पिता की मौत दूषित पानी के कारण हुए उल्टी-दस्त के बाद ही हुई है। इससे पहले वह स्वस्थ थे और अपना खुद का काम भी करते थे। वह पहलवान थे, इसलिए रोजाना हाथ-पैर की मालिश भी करते थे।

कुश्ती में कई पहलवानों को हराया

बेटे राहुल ने बताया कि वह मील में मजदूरी करते थे। अपने समय के पहलवान थे। उन्होंने कई कुश्ती में पहलवानों को हराया है और जीत हासिल की है। इसके साथ ही वह संघ से लंबे समय से जुड़े हुए थे। इसके लिए काम भी किया है। हमने कभी सोचा नहीं था कि पिता के साथ ऐसा होगा।

अब जांच आयोग गठित

भागीरथपुरा दूषित जल से हुई मौत के मामले में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया है। यह चार सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगा। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता होंगे।

उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब होने वाली मौतों की वजह डायरिया बताने से इनकार कर दिया है। इस कारण एक परिवार ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम भी किया था। बताया जा रहा है कि दो लाख रुपये एक थैली में भरकर परिजनों को श्मशान घाट पहुंचाए गए थे। अब तक दूषित पानी की वजह से 29 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है।

बस्ती में अब उल्टी-दस्त के नए मरीज तो नहीं मिल रहे हैं, लेकिन अभी भी छह लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उनमें से तीन आईसीयू  में हैं और एक की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें 23 मौतों की जानकारी दी गई है और उनमें से 16 की मौत की वजह डायरिया माना है, जबकि बाकी मौतों का कारण दूसरी बीमारियां बताई गई हैं।

30 प्रतिशत इलाके में अभी भी संकट

भागीरथपुरा में अब तक दूषित पानी से 29 मौतें हो चुकी हैं। बस्ती के 30 प्रतिशत हिस्से में नई लाइन बिछाई गई है और अब वहां साफ पानी आ रहा है, लेकिन दूसरे इलाकों में अभी भी जलसंकट छाया हुआ है, क्योंकि वहां पाइपलाइन नहीं बिछ पाई है। जिन घरों में बोरिंग से पानी सप्लाई होता है, उन्हें भी पेयजल के लिए उस पानी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, कई परिवारों ने अब अपने घरों में वाटर प्यूरीफायर  लगवा लिए हैं।

Ramswaroop Mantri

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