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तथ्यों की जगह अलंकरणों ने ली, इसलिए गिर रही है पत्रकारिता की साख

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स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के ‘रूबरू’ कार्यक्रम में बोले वरिष्ठ पत्रकार सतीश के सिंह

इंदौर।वरिष्ठ पत्रकार सतीश के सिंह ने कहा कि वर्तमान दौर में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ा संकट बना हुआ है। पत्रकारिता से लेकर राजनीतिक क्षेत्र भी इससे बुरी तरह ग्रसित हो गया है।

श्री सिंह स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के रूबरू कार्यक्रम में मीडियाकर्मियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई भी क्षेत्र हो तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखना चाहिए लेकिन वर्तमान दौर में आँख मूँदकर बातें कहीं और दिखाई जा रही है। नियम और आचरण को ताक पर रख दिया गया है।

श्री सिंह ने कहा कि पहले भी सरकार के समर्थन और विरोध की पत्रकारिता होती थी, लेकिन उसमे तथ्य प्रमुख होते थे। अब विभाजक, विध्वंसक, नाकारा, पप्पू, फ़ैल जैसे अलंकरणों के साथ पत्रकारिता होने लगी है। इस वजह से पत्रकारिता की विश्वसनीयता तेजी से कम हो गयी है। सरकार का साथ देने और विरोध करने वाले दोनों ही वर्ग के पत्रकारों को दर्शक नकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में पत्रकारिता का स्वरूप क्या होगा यह कहा नहीं जा सकता फिर भी बेहतरी की उम्मीद कायम रखना चाहिए।

उन्होंने अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी तथ्यों के आधार पर यह समाचार पत्र बड़े-बड़े खुलासे कर रहा है। इसी अखबार ने देश में आपातकाल के खिलाफ लड़ने की शक्ति दी थी और बोफोर्स जैसे सरकार हिलाने वाले मुद्दे भी देश के सामने रखे थे।

राजनीतिक विश्लेषक श्री सिंह ने कहा कि वे नरेंद्र मोदी को बहरूपिया के रूप में देखते हैं। उनके 75 रूप हैं। यह हकीकत है गुजरात के चुनाव से लेकर देश के आम चुनाव तक नरेंद्र मोदी कभी भी किसी मुद्दे पर कायम नहीं रहे हैं। नरेंद्र मोदी हो या अमित शाह इन्हें सिर्फ अपने आप से मतलब है। यह कॉर्पोरेट जगत से लेकर हिंदुत्व जैसे मुद्दों का उपयोग अपनी सुविधा से करते हैं। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि समूचे देश में विरोध और स्वायत्तता की आवाज जो दबाया जा रहा है।

प्रारंभ में श्री सिंह का स्वागत घनश्याम पटेल, पंकज क्षीरसागर, यशवर्धन सिंह, राजेन्द्र कोपरगांवकर एवं दीपक माहेश्वरी ने किया। स्मृति चिन्ह सोनाली यादव ने भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन प्रवीण खारीवाल ने किया। श्री सिंह लंबे अरसे तक जी-न्यूज के सम्पादक रहे हैं। वर्तमान में वे एनडीटीवी और न्यूज 18 से जुड़े हुये हैं। देश के विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर उन्हें बे-बाक टिप्पणी करते हुए देखा जा सकता है।

Ramswaroop Mantri

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