महेश्वरी समाज ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की,निष्पक्ष जांच नहीं तो 3 जुलाई को CM शिवराज सिंह चौहान का घेराव करेंगे
इंदौर
भीकनगांव जनपद CEO राजेश बाहेती (55) सुसाइड केस में उनके बेटे ने कहा है कि ये सुसाइड नहीं मर्डर है। बुधवार को राजेश के बेटे ऋषि बाहेती के साथ महेश्वरी समाज का एक दल इंदौर DIG ऑफिस पहुंचा। दल ने पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। साथ ही कहा है कि अगर मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती तो वे 3 जुलाई को CM शिवराज सिंह चौहान का घेराव करेंगे। 27 जून की रात को भीकनगांव जनपद CEO राजेश बाहेती (55) ने रविवार की रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
मेरे पिता इतने कमजोर नहीं
इंदौर DIG ऑफिस पहुंचे ऋषि बाहेती का कहना था कि उनके पिता इतने कमजोर नहीं थे। कि जो इस तरह का कदम उठाए। बेटे ने अपने पिता की इस घटना को सीधे तौर पर मर्डर बताया। ऋषि ने कहा कि जब मैं अपने दोस्त के साथ देर रात घटनास्थल पर पहुंचा था तब घर को पुलिस ने सील कर दिया था। सोमवार सुबह FSL की टीम की मौजूदगी में ही घर खोला गया था।
ऋषि ने कहा- पिता का 90 किलो वजन था, कैसे लगा सकते हैं फांसी
बेटे का आरोप था कि उनके पिता का वजन लगभग 90 किलो था। जिस जगह घटना हुई थी, वहां पर कुर्सी के ऊपर एक (बांस का) मुड्डा रखा हुआ था। फांसी लगाने की ऊंचाई लगभग 18 से 20 फीट थी। इतने वजनी आदमी इतनी ऊंचाई पर चढ़कर इस तरह का कृत्य करने में असमर्थ रहते हैं और रस्सी बिल्कुल नई दिख रही थी।
पिता ने कुछ दिन पहले कहा था- मैं VRS ले लूंगा
ऋषि ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि घटना के कुछ दिन पहले उनके पिता राजेश बाहेती इंदौर आए थे। वह काफी परेशान थे। उन्होंने घर पर कहा था कि मैं जल्द VRS ले लूंगा और घर लौट आऊंगा। बस मुझे कुछ 40 से 50 गरीबों के लिए एक काम करना है। वह खत्म हो जाए और मैं यह नौकरी छोड़ दूंगा।
रविवार को नही उठाया था पापा ने फोन
ऋषि ने बताया कि रविवार देर रात मैंने पापा को जब 9:00 बजे फोन लगाया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद मैंने ऑफिस के एक व्यक्ति को फोन लगाया और देर रात 11:00 बजे के लगभग मुझे आत्महत्या की जानकारी मिली। जानकारी के बाद मैं अपने दोस्त और सगे-संबंधियों के साथ भीकनगांव के लिए रवाना हुआ। देर रात 3:00 बजे परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन मकान को बाहर से पुलिस ने सील कर दिया था। दूसरे दिन सुबह 9:30 से 10:00 बजे के करीब फॉरेंसिक टीम ने मकान खोला था।

घटना में राजनैतिक बयान
मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर दावा किया कि भीकनगांव जनपद पंचायत के CEO राजेश बाहेती ने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए भाजपा के कुछ स्थानीय नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। इस ट्वीट के सामने आने के बाद राजनीति गरमाने लगी है। हालांकि सत्तारूढ़ भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।

DIG को दिया गया ज्ञापन।





