राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की प्रथम मीटिंग दिल्ली में संपन्न हुई मीटिंग की अध्यक्षता मंच के सह संयोजक विजय पांडे द्वारा की की गई मीटिंग के दौरान किसान आंदोलन की अब तक कि रणनीति पड़ाव और भविष्य की दिशा पर चर्चा की गयी। इस कार्यकारिणी की बैठक में कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए है। मंच ने तय किया कि देश के सभी राज्यों में जिले के स्तर पर बैठक कर संगठन को ब्लाक व पंचायत के स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा ताकि मंच के माध्यम से किसानों व मजदूरों के हक के लिए आवाज उठाइ जाएगी जिससे आंदोलन को और गति दी जा सके।
बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले ये गए। मीटिंग के दौरान तीन प्रस्तावों को मुख्य तौर पर सामने रखा गया
1- दक्षिण गुजरात के कुछ इलाकों में बुलेट ट्रेन के प्रोजेक्ट से विस्थापित विस्थापित हो रहे परिवारों वह किसानों की लड़ाई के साथ राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच अपना समर्थन देता है
2. दूसरे प्रस्ताव के अनुसार भाखड़ा नांगल डैम के प्रोजेक्ट की वजह से बहुत सारे लोगों को पंजाब से हरियाणा में स्थापित विस्थापित किया गया था और अब सरकार फिर से उन्हें बेघर करने पर तुली हज इसलिए राष्ट्रीय मजदूर किसान की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित किया यदि एक भी मकान गिरेगा तोष सरकार को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी ।
3. हरियाणा के फरीदाबाद में कोरी गांव के किसानों के विस्थापन के मामले को संज्ञान में लेते हुए मंच की तरफ से गहरा क्षोभ व्यक्त किया गया ।इस मीटिंग के दौरान आंदोलन का इतिहास, विचारधारा व आगामी रणनीति की चर्चा संयुक्त किसान मोर्चा के आशीष मित्तल ने विस्तारपूर्वक की।पत्रकारों से बात करते हुए मंच के राष्ट्रीय प्रवक्ता ललित सिहाग ने बताया कि राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच सात महीने से चल रहे किसान आंदोलन का पूर्णतः समर्थन करते हैं तथा सयुंक्त किसान मोर्चा के प्रस्तावों पर भी समर्थन जाहिर करता है।इस मीटिंग के दौरान धर्मवीर लोहान, कृष्ण नैन, गोविंद बाली, तब्बसुम सिद्दीकी, मोहम्मद मुस्लिम, समीर मालिक, हरपाल सिंह, सज्जन सिंह इंदाछोई, सौरभ त्यागी, मनमीत सिंह विक्की, राजन मदान, लखविंदर गिल, निशांत यादव, डॉक्टर शकिर उल रहमान, अयूब अली खान मौजूद रहे व इसके दौरान पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान सहित अन्य कई राज्यों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मजदूर किसान मंच की मीटिंग,कई महत्वपूर्ण फैसले





