मुलतापी
किसान संघर्ष समिति द्वारा तीन किसान विरोधी कानूनों को रद्द किए जाने को लेकर किया जाने वाला धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ सुनीलम ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अंबानी की आय प्रतिदिन 1085 करोड़ रुपए है तथा अडानी की आय प्रतिदिन 385 करोड़ रुपये है। मनरेगा में प्रतिदिन 177 रूपये दिए जा रहे हो तथा किसानों को सम्मान निधि के तौर पर 17 रू प्रतिदिन दिया जा रहा हो ऐसे देश में सरकार को कृषि क्षेत्र अडानी या अंबानी के हाथ में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस तरह की गैर बराबरी भारत के संविधान के प्रावधानों के खिलाफ है। डॉ सुनीलम ने किसानों को एयरटेल कंपनी के साथ अपना उदाहरण देते हुए कहा कि 999 रूपये प्रति माह के प्लान का कंपनी ने 22,307रूपये का बिल भेजा है। गलत बिल ना भरने पर कंपनी ने अब बिल बढ़ाकर 30,460 रूपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस तरह की लूटपाट मेरे साथ कर सकती है तो किसानों की किस तरह लूट करेगी यह समझा जा सकता है। “तीन किसान विरोधी कानून रद्द करो यात्रा” आज एड. आराधना भार्गव , हेमराज देशमुख, राधे कसारे, कैलाश डोंगरदिये के नेतृत्व में दुनावा, घाट पिपरिया,रिधोरा, लेंदागोंदी, चिखली, लाखापुर, मयावाड़ी, सावंगी तथा बरई पहुंची । जहां किसंस की प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट आराधना भार्गव द्वारा तीन किसान विरोधी कानूनों की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई तथा किसानों से अडानी अंबानी के उत्पाद का बहिष्कार करने की अपील की। किसान संघर्ष समिति के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण बोरबन तथा गुलाब देशमुख ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पुरखों ने हजारों साल के अनुभव से किसानी खड़ी की है, हम वह खेती कंपनियों के कब्जे में नहीं जाने देंगे। कंपनियां मुनाफा कमाना जानती है। हम समाज और देश के अन्नदाता है। हमने देश को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। हमें कंपनियों की गुलामी मंजूर नहीं है । किसान नेता बलराम मालवीय ने अपने गांव का कंपनी के साथ अनुभव बताते हुए कहा कि प्रदेश में कंपनियों ने किसानों के साथ कई जगहों कर धोकाधड़ी कर किसानों से लूट की है । उनके क्षेत्र के किसान ने ग्वारपाठा की खेती की है। ग्वारपाठे की पत्ती का वजन कम होने के कारण कंपनी ने माल नहीं खरीदा तथा किसान को एक साल में ढाई लाख का नुकसान हुआ। उन्होंने आम सभा को भी संबोधित किया। आज धरने में लक्ष्मण बोरबन, शेषराव सूर्यवंशी, लखनऊ सूर्यवंशी, रमेश सोनी,मनीष सोनी, डखरू महाजन अशोक बरोदे,भागवत परिहार, रामदयाल चौरे,गुलाब देशमुख, उत्तमराव डांगे, गुलाब महाजन, जसवंत रघुवंशी परसराम बनखेड़े, सूरजा पटेल, शिवलू पटेल, बारिकराव धोटे, महंग्या पंवार, टीकाराम मंडले, बीआर घोरसे, अनिल सोनी, बलराम मालवीय,जीवन ढोबारे, गुलाब महाजन आदि किसान साथी शामिल हुए।





