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भाजपा और आर एस एस का संविधान में भरोसा नहीं, माबलिचिंग की घटनाएं अपने घटते जनाधार को बचाने की कोशिश -दिग्विजय सिंह

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सांप्रदायिक उन्माद का मुकाबला एकजुटता से ही संभव -सुभाषिनी अली 

इंदौर में हुआ प्रभावी प्सांप्रदायिक सद्भाव सम्मेलन, विधानसभा स्तर पर सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प

इंदौर । मालवा भाजपा और आरएसएस का गढ़ रहा है, लेकिन अ़ब आदिवासी, अल्पसंख्यक और दलित इनके खिलाफ होने लगा है। जिस कारण अपनी खिसकती जमीन को बचाने के लिए भाजपा समर्थक माबलिचिंग की घटनाओं को अंजाम देकर सांप्रदायिकता भड़काने की कोशिश कर रहे हैं ,लेकिन यदि धर्मनिरपेक्ष लोग एकजुट रहे तो यह सफल नहीं हो पाएंगे ।उक्त विचार मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इंदौर में आयोजित सद्भावना सम्मेलन में व्यक्त कीए । श्री सिंह ने सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं को आव्हान किया कि देश की गंगा जमुनी संस्कृति को तोड़ने की कोशिश कर रहे भाजपा को एकजुटता के साथ मुंह तोड़ जवाब दें । करीब आधे घंटे से ज्यादा के अपने भाषण में श्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि आर एस एस और भारतीय जनता पार्टी का कभी भी संविधान में भरोसा नहीं रहा है। जिसके चलते इनकी केंद्र की ओर प्रदेश की सरकार संविधान को मखोल बना रही है । देश में आज ऐसी पहली सरकार है जो संवैधानिक मर्यादाओं को तहस-नहस कर रही है। संविधान और देश बचाने के लिए अब लंबी लड़ाई लड़ना पड़ेगी । देश में किसान और मजदूर सड़कों पर है और यही सांप्रदायिक सरकार को मुंहतोड़ जवाब देंगे ।सम्मेलन कांग्रेस,  भाकपा, माकपा ,सोशलिस्ट पार्टी इंडिया, भगत सिंह दीवाने ब्रिगेड, आम आदमी पार्टी ,इंटक ,एटक, सीटू, एचएमएस आदि संगठनों ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था ।गौरतलब है कि पिछले 1 महीने से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में माबलिचिंग की घटनाएं हुई है और नीमच में तो एक आदिवासी की हत्या भी कर दी गई है ।साथ ही देवास, उज्जैन ,महिदपुर, हाटपिपलिया, रीवा, सतना ,होशंगाबाद में ऐसी घटनाएं हुई है और आरोपियों को सरकार द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। दलितों आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के भय को दूर करने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया गया था।

इंदौर आए पूर्व सीएम दिग्विजयसिंह ने श्रम शिविर में आयोजित ‘सांप्रदायिक सद्भाव सम्मेलन’ में शिरकत की। यहां उन्होंने आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आपस में भाइयों को लड़ाकर फूट डाल रहा है। ये घटनाएं हमने यहां देखी हैं। मालवा क्षेत्र में आरएसएस और हिंदू महासभा ने इस बात की कोशिश की है कि यहां वो सारी शक्तियां जो सांप्रदायिक सद्भाव रखना चाहती है उनका मनोबल कैसे गिराए और उन पर हावी हो।

उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि जिस प्रकार नदियां अलग-अलग बहती हैं लेकिन बहते हुए आखिरकार समुद्र में जाकर शामिल हो जाती हैं। उसी प्रकार अनेक धर्म और सम्प्रदाय हैं, उनके रास्ते अलग हो सकते हैं लेकिन मंजिल एक है। ये लोग स्वामी विवेकानंद के विचारों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं जिसका अंदाजा भी आप नहीं लगा सकते।

प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ बनाया जा रहा माहौल

खरगोन में हुई घटना को लेकर सिंह ने कहा कि खरगोन में आदिवासी परिवारों पर डंडे बरसाए गए हैं व आंसू गैस के गोले छोड़े गए है। पूरे प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ डराने-धमकाने का माहौल बनाया जा रहा है। यह सबकुछ भाजपा और संघ के सुनियोजित योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका हम विरोध करते हैं। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के बयान पर उन्होंने कहा कि वे देश के प्रतिष्ठत विचारक हैं। उन्होंने किस संदर्भ में यह बात कही, उसकी जानकारी नहीं है लेकिन इस देश के संविधान ने हमें अपने विचारों को अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता दी दी।

9 लाख करोड़ के नए नोट कहां से आए कोई नहीं बताता

उन्होंने महंगाई के सवाल पर कहा कि हम तो हमेशा ही कहते आए हैं कि मोदी बनाम बर्बादी। मोदी ने नियम, कानून और संविधान को कोई ज्यादा तवज्जो नहीं दी है। नोटबंदी के दौरान उन्होंने ने कहा था कि हम डिजिटल करंसी की तरफ जा रहे हैं।नोट का सर्कुलेशन कम होगा। उन्होंने उस वक्त चार बाते कही कि कालाधन वापस आ जाएगा, भ्रष्टाचार-आंतकवाद समाप्त होगा व नकली नोट खत्म हो जाएंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 2016 में जब नोटबंदी हुई उस वक्त 18 लाख करोड़ की करंसी सर्कुलेशन में थी। अगर डिजिटल ट्रांजिक्शन बढ़ते तो करंसी कम होती। आज आरबीआई के रिकॉर्ड बताते हैं कि वही करंसी बढ़कर मार्केट में 27 लाख करोड़ हो चुकी है। ये 9 लाख करोड़ नए नोट आए कहां से आए इसका जवाब कोई नहीं देता। उन्होंने कहा मुझ पर जहां आरएसएस ने मानहानि के दावे किए हैं वहीं ओवीसी और रामदेव बाबा ने भी मानहानि का दावा किया है लेकिन मैं इन बातों से नहीं डरता। मैं जो कहता हूं वह प्रमाण के साथ कहता हूं।

लव जिहाद की क्या जरूरत है ?

उन्होंने कहा कि एक तरफ मोहन भागवत कहते है हिंदू-मुस्लमानों का डीएनए एक है। अगर डीएनए एक है तो लवजिहाद की क्या जरूरत है?


 सम्मेलन को संबोधित करते हुए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि मध्य प्रदेश भाजपा की प्रयोग स्थली है और यहां पर सांप्रदायिक घटनाओं को अंजाम देने वालों  के खिलाफ पुलिस इसलिए कार्यवाही नहीं करती है कि ऐसे तत्वों को सत्तारूढ़ भाजपा का सरक्षण है, लेकिन यह घटनाएं लोकतंत्र के लिए अत्यंत खतरनाक है। इसका मुकाबला किसान मजदूर और धर्मनिरपेक्ष लोगों की गोलबंदी और एकजुटता से ही किया जा सकता है। सम्मेलन में पिछले दिनों मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई उन्मादी घटनाओं के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पारित किया गया । जिसमें संकल्प लिया गया है कि सांप्रदायिकता के खिलाफ जन जागरण करने के लिए विधानसभा स्तर और वार्ड स्तर पर ऐसे सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे । सम्मेलन को पूर्व सांसद कल्याण जैन,  जसविंदर सिंह, सोहनलाल शिंदे ,रूद्रपाल यादव,मुजीब कुरैशी,    रामस्वरूप मंत्री, सी एल सर्रावत,  लक्ष्मीनारायण पाठक, अरुण चौहान, पीयूष जोशी सहित विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित किया । सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व महाधिवक्ता आनंद मोहन माथुर ने की जबकि संचालन कैलाश लिम्बोदिया  ने । सम्मेलन में गैर भाजपाई दलों के कार्यकर्ता शरीक हुए । अंत में आभार श्याम सुंदर यादव ने माना ।

Ramswaroop Mantri

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