मैं मंदिर, मस्जिद, चर्च और
गुरुद्वारा नहीं जाता,
मगर मेरे लिए,
प्यार मोहब्बत,
इंसान इंसाफ,
इंसानियत भाईचारा,
बराबरी आजादी,
समता समानता,
जनतंत्र गणतंत्र,
धर्मनिरपेक्षता और
समाजवाद,
ही सबसे बड़ी इबादत हैं,
मेरे लिए ये ही धर्म हैं,
मैं इन सबका सबसे बड़ा पुजारी हूं।
,,,, प्रस्तुति मुनेश त्यागी




