देश के 14 राज्यों की 3 लोकसभा और 29 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए शनिवार को वोटिंग हुई। इनमें राजस्थान की 2 विधानसभा सीटें, मध्यप्रदेश की 3 और बिहार की 2 सीटें भी शामिल रहीं इनके अलावा असम की 5, बंगाल की 4, हिमाचल और मेघालय की 3-3, कर्नाटक की 2, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना की एक-एक सीट पर वोटिंग हुई है। लोकसभा सीटों की बात करें तो मध्य प्रदेश की खंडवा, हिमाचल प्रदेश की मंडी के अलावा दादरा व नगर हवेली सीट पर मतदान हुआ। इनमें से ज्यादातर सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।
वोटिंग के बाद दैनिक भास्कर ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, बिहार और हरियाणा में एग्जिट पोल कराया। यहां 2 लोकसभा सीट और 10 विधानसभा सीट के लिए वोट डाले गए। कुल मिलाकर कांटे का मुकाबला है। भाजपा और कांग्रेस के लोकसभा की एक-एक और विधानसभा की 5-5 सीटों पर जीतने की संभावना है। मध्यप्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट भाजपा के खाते में जाती दिख रही है। वहीं, हिमाचल की मंडी सीट पर कांटे का मुकाबला दिख रहा है।
राजस्थान: वल्लभनगर कांग्रेस के खाते में, धरियावद में कांटे की टक्कर
राजस्थान में 2 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में वल्लभनगर सीट कांग्रेस जीत रही है। भाजपा के लिए मजबूत मानी जाने वाली धरियावद सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। अगर यहां भाजपा जीतती भी है ताे मार्जिन पिछले चुनावों की तुलना में काफी घट जाएगा। भाजपा के नेता भी इस सीट को लेकर स्पष्ट बात नहीं कह पा रहे हैं।
बिहार: विपक्ष के बिखराव का फायदा उठाने में कामयाब होता दिख रहा NDA
बिहार में दोनों सीटें जदयू के पास ही बरकरार रहने की उम्मीद है। मतदाताओं ने बड़ी गंभीरता के साथ फैसला लिया है। इन दोनों जगह पर मुकाबला कांटे का रहा। JDU सत्तारुढ़ दल जरूर है, लेकिन RJD ने कड़ी टक्कर दी है। माना जा रहा कि NDA के सभी दलों ने मिलकर इस चुनाव को लड़ा, वहीं महागठबंधन के अंदर मचे घमासान ने उपचुनाव पर खासा असर किया। कांग्रेस और RJD का अलग-अलग चुनाव लड़ना नुकसान कर गया।
हरियाणा: किसान आंदोलन से भाजपा को नुकसान
हरियाणा के सिरसा जिले की एलनाबाद सीट से इनेलो के अभय चौटाला अपनी पारंपरिक सीट पर इस बार भी सबसे आगे हैं। हालांकि जीत का अंतर 10 हजार से कम का हो सकता है। सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी जीत की दौड़ से बाहर हैं और पार्टी के ज्यादा एक्टिव न होने के कारण नॉन-जाट वोटर बीजेपी प्रत्याशी गोविंद कांडा की ओर जा सकता है। हालांकि किसानों के विरोध, भीतरघात समेत कई ऐसे फैक्टर हैं, जिनके कारण एलनाबाद सीट पर सत्ताधारी गठबंधन की राह मुश्किल हो गई है और समीकरण फिर इनेलो के ही पक्ष में बनते दिख रहे हैं।





