अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

ओमिक्रॉन वैरिएंट पर जानिए, वैक्सीन लगवा चुके लोगों को कितना खतरा?सबसे बड़े 8 एक्सपर्ट की राय

Share

नई दिल्ली देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के 2 केस मिल गए हैं। कर्नाटक के इन दोनों मरीजों की उम्र 46 और 66 साल है। ये 11 और 20 नवंबर को बेंगलुरु आए थे। कोरोना के इस नए वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद सरकार की चिंता और बढ़ गई है। लोगों को मास्क पहनने के साथ ही सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। इस वैरिएंट पर देश-दुनिया के वायरोलॉजी एक्सपर्ट्स चिंता जाहिर कर रहे हैं, आइए जानते हैं ओमिक्रॉन पर ऐसे ही 8 एक्सपर्ट की क्या राय है…

1. ओमिक्रॉन से सतर्क रहने की जरूरत, हो सकता है यह वैरिएंट खतरनाक​​​​​​​

अमेरिका के संक्रमण रोग विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के चीफ मेडिकल एडवाइजर डॉ. एंथनी फाउसी ने ओमिक्रॉन वैरिएंट से सचेत रहने की चेतावनी दी है। कैलिफोर्निया में ओमिक्रॉन का पहला केस मिला था। फाउसी ने इसके म्‍यूटेशन पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन, डेल्‍टा वैरिएंट समेत अन्‍य वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

2. डेल्टा वैरिएंट से भी खतरनाक है ओमिक्रॉन, बेहद तेजी से फैलता है

WHO की चीफ साइंटिस्‍ट डॉ. सौम्‍या स्‍वामीनाथन ने कहा है कि डेल्‍टा वैरिएंट से भारत में सबसे ज्‍यादा मौतें हुई थीं। अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है कि ओमिक्रॉन, डेल्‍टा वैरिएंट से कितना ज्यादा खतरनाक है और कितनी तेजी से फैलता है। दक्षिण अफ्रीका में जो लोग इससे संक्रमित हुए हैं, उनमें से कुछ वैक्सीनेट थे।

3. शुरुआती रिपोर्ट के हिसाब से ओमिक्रॉन संक्रमित को नहीं जाना होगा अस्पताल

ICMR (इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च) के मुख्‍य वैज्ञानिक डॉ. रमन गंगाखेडकर ने बताया कि नए वैरिएंट के बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि इससे संक्रमित होने पर अस्‍पताल में एडमिट होने की जरूरत नहीं आई है। उन्‍होंने कहा, हल्के लक्षणों को रोका नहीं जा सकता है, क्‍योंकि वैरिएंट लगातार आते रहेंगे।

4. वैक्सीन के प्रभाव को कम कर सकता है ओमिक्रॉन, दोबारा हो वैक्सीन का मूल्यांकन

दिल्ली एम्स के डायरेक्‍टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने ओमिक्रॉन को इम्‍यूनिटी पर असर डालने वाला वायरस बताया है। उन्होंने कहा कि यह वैरिएंट वैक्‍सीन की प्रभावशीलता कम कर सकता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत में उपयोग की जा रही वैक्‍सीन का दोबारा मूल्‍यांकन करने की जरूरत है।

5. ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं, लेकिन मास्क और अन्य सावधानी जरूरी

गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार ने कहा है कि कर्नाटक में ओमिक्रॉन के मामले मिलने से ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है, लेकिन अब लोगों को सावधान हो जाना चाहिए। मास्क पहनना चाहिए और पहले की तरह ही सोशल डिस्टेंसिंग व अन्य उपाय अपनाने शुरू कर देने चाहिए। जिन्होंने वैक्सीन नहीं लगवाई है, उन्हें तत्काल दोनों डोज लेने चाहिए।

6. बेहत खतरनाक है ओमिक्रॉन, बदल सकता है जेनेटिक रूप

महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की सरकार को कोविड से जुड़ी नीति बनाने की सलाह देने वाले डॉ. शशांक हेडा ने ओमिक्रॉन को बेहद खतरनाक बताया है। डॉ. हेडा CovidRxExchange के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उन्होंने कहा है कि ओमिक्रॉन का जेनेटिक रूप बदल सकता है। यह कितना खतरनाक है, यह आने वाले समय में पता चलेगा।

7. तीसरी लहर का कारण बन सकता है ओमिक्रॉन, दोनों डोज के बाद भी नुकसान संभव

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा है कि ये वैरिएंट भारत में तीसरी लहर का कारण बन सकता है। ये इतना खतरनाक है कि डबल डोज लगवाकर इम्यूनिटी डेवलप कर चुके व्यक्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा सकता है। नए वैरिएंट में 30 से ज्यादा स्पाइक्स का म्यूटेशन पाया गया है, जो लंग्स को बहुत तेजी से डैमेज कर सकता है।

8. दूसरे वैरिएंट की तुलना में हल्का है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में डॉ. धीरेन ने बताया कि ओमिक्रॉन वायरस के भारत पहुंचने की आशंका पहले ही थी। हालांकि, भारत में लोगों को शांत और संयमित रहना चाहिए, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की भी जरूरत है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर हम कह सकते हैं कि दूसरे वैरिएंट की तुलना में काफी हल्का वायरस है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें