रीवा । समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि देश में शहीदों की स्मृति में बनाए गए ऐतिहासिक प्रतीकों को जिस तरीके से इधर-उधर किया जा रहा है , यह बात अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण , चिंताजनक , आपत्तिजनक और निंदनीय है । देश के शहीदों की स्मृति में दिल्ली के इंडिया गेट में प्रज्वलित अमर जवान ज्योति हो या सन 18 57 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शताब्दी वर्ष के अवसर पर पूरे देश के प्रखंड स्तर पर बने सैकड़ों जयस्तंभ की बात हो , उनका मूल स्वरूप खत्म किया जाना , अमर शहीदों की ऐतिहासिक विरासत का खुल्लम खुल्ला अपमान है । देश के अमर शहीदों की यादगार में बने ऐतिहासिक धरोहरों को यथावत रखा जाना चाहिए । श्री खरे ने बताया कि आजादी के आंदोलन के महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन पर आगामी 23 जनवरी 2022 को उनकी विशाल प्रतिमा का अनावरण देश की राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर होने जा रहा है लेकिन वहीं ऐसे मौके पर मोदी सरकार के गलत फैसले के चलते सन 1971 में पाकिस्तान से हुए युद्ध में भारत के शहीद वीर जवानों की स्मृति में 26 जनवरी 1972 से वहां प्रज्वलित हो रही अमर जवान ज्योति , जो 26 जनवरी 2022 को ऐतिहासिक 50 वर्ष पूरा करने जा रही थी , को हटाकर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक स्थल की ज्वाला में समाहित कर दिया गया है . देश के अमर वीर जवानों की शहादत और पाकिस्तान से सन 1971 में हुए युद्ध की महान जीत के सम्मान में प्रज्वलित अमर जवान ज्योति की ऐतिहासिक पहचान को इस तरह से हटा दिया जाना शहीद जवानों और देश की वीरता के इतिहास के साथ क्रूर मजाक है । श्री खरे ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के प्रेरणा के प्रतीक होते हैं , जिनकी मूल पहचान को खत्म करना देश के साथ गद्दारी है। विभिन्न धर्मों के अपने-अपने भगवान होते हैं लेकिन शहीद पूरे देश की शान होते हैं । समाजवादी जन परिषद के नेता श्री खरे ने कहा कि शहीदों की पावन स्मृति स्थलों को सजाया-संवारा जाता है , न कि उनकी ऐतिहासिक पहचान को खत्म करके उन्हें इधर उधर किया जाता है । अमर क्रांतिकारी महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के अनावरण से पहले ऐतिहासिक अमर जवान ज्योति को वहां से हटा दिया जाना अमर शहीदों को अपमानित करने वाली अत्यंत आपत्तिजनक बात है । इंडिया गेट से अमर जवान ज्योति हटाए जाने से वहां की ऐतिहासिक रौनक समाप्त हो गई है । श्री खरे ने कहा कि इंडिया गेट के जिस स्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति का अनावरण किया जा रहा है वहां से प्रज्वलित अमर जवान ज्योति को हटा लिया जाना अमर शहीदों का घोर अपमान है . श्री खरे ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस की स्थापित होने वाली प्रतिमा के पास यदि अमर जवान ज्योति प्रज्वलित होती रहती तो वहां की रौनक और बढ़ जाती . मोदी सरकार के इस नापाक कृत्य से समूचे देश और देशवासियों की आस्था को गहरा आघात लगा है । श्री खरे ने बताया है कि इसी तरह रीवा शहर के जयस्तंभ को मूल स्थान से हटाने का दुष्चक्र चलाया जा रहा है जिसके खिलाफ सभी देशभक्त लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा ।
देश के अमर शहीदों की यादगार में बने ऐतिहासिक धरोहरों को यथावत रखा जाए : अजय खरे





