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सऊदी अरब के समर्थन में उतरा अमरीका। सनकी तानाशाह किम जोंग ने जापान के समुद्र में मिसाइल गिरार्ई

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एस पी मित्तल, अजमेर

यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर मिसाइलों से हमला शुरू कर दिया है। ऐसे हमले 25 मार्च से लगातार जारी है। इन हमलों का इसलिए महत्व है क्योंकि यमन के हूती विद्रोही शिया मुसलमानों से संबंध रखते हैं। इस संगठन की स्थापना 1990 में यमन के शासकों के विरुद्ध हुई थी। शिया मुसलमानों के समर्थन की वजह से हूती अब विद्रोहियों का बड़ा संगठन बन गया है। मिसाइल हमलों से घबराकर सऊदी अरब के शासकों ने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई है।

अमेरिका अब सऊदी अरब को ऐसी मिसाइल दे रहा है जो आसमान में ही विद्रोहियों की मिसाइलों को नष्ट कर देगी। यदि हूती विद्रोही अरब के तेल ठिकानों पर हमले जारी रखते हैं तो इससे भारत सहित कई देशों में पेट्रोल डीजल का संकट हो सकता है। भारत अपनी आवश्यकता का 80 प्रतिशत तेल विदेशों से आयात करता है। रूस से हम भले ही एक प्रतिशत तेल आयात करते हों, लेकिन सऊदी अरब बड़ी मात्रा तेल का आयात होता है। गंभीर बात तो यह है कि हूती विद्रोही अरब के तेल ठिकानों को तब निशाना बना रहे हैं, जब पिछले एक माह से रूस अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर सैन्य कार्यवाही कर रहा है। यूक्रेन में भी तेल डिपो को नष्ट किया गया है। रूस भले ही यूक्रेन को सरेंडर नहीं करवा पाया हो, लेकिन एक माह से सैन्य कार्यवाही में यूक्रेन को तबाह कर दिया है। इस सैन्य कार्यवाही के बाद अमेरिका सहित यूरोप के देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया। यूरोप के देश अपनी आवश्यकता का 34 प्रतिशत तेल रूस से ही आयात करते है। यानी साऊदी अरब पर हमलों से पूरे विश्व में तेल संकट हो जाएगा। यदि सऊदी अरब को बचाने के लिए अमेरिका युद्ध के मैदान में कूदा तो विश्व युद्ध भड़क सकता है। इस बीच उत्तर कोरिया के सनकी तानाशाह किम जोंग ने भी मौजूदा माहौल में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। किम जोंग ने अपने देश में निर्मित रासायनिक मिसाइल का परीक्षण किया है। 25 मार्च को जारी वीडियो में इस घातक मिसाइल को जापान के समुद्र में गिरता दिखाया गया। यह मिसाइल उत्तर कोरिया से एक हजार 9 किलोमीटर का सफर तय कर जापान के समुद्र में पहुंची। रासायनिक मिसाइल के प्रक्षेपण के समय तानाशाह किम जोंग खुद उपस्थित थे। सब जानते हैं कि किम जोंग अमेरिका के जानी दुश्मन है। किम जोंग को चीन और रूस का समर्थक माना जाता है। यूक्रेन पर रूस की सैन्य कार्यवाही के बाद विश्व में जिस तरह महाशक्तियों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है, उससे विश्वयुद्ध की आशंका हो गई है। यदि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर माहौल खराब होता है तो इसका असर भारत पर भी पड़ेगा।

Ramswaroop Mantri

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