देश को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजाद कराया , नफरत के सौदागरों ने नहीं
रीवा । समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि देश में मूल्यहीन राजनीति के चलते स्थिति बद से बदतर होती जा रही है । जातीय एवं सांप्रदायिक आधार पर होने वाला चुनावी ध्रुवीकरण देश की एकता अखंडता के लिए घातक है । चुनावों में पैसे का भारी दुरुपयोग हो रहा है । देश की राजनीति की दिशा भटक गई है और देश में सांप्रदायिक पूंजीवाद हावी होता जा रहा है , जिनसे लोकतंत्र खतरे में है । श्री खरे ने कहा कि जो विचारधारा शुरू से ही द्वि राष्ट्रवाद के आधार पर देश का बंटवारा चाहती थी , अंग्रेजों की मुखबिरी कर रही थी , यह भारी विडंबना है कि दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन के के साथ मिली आजादी के बाद उसी विचारधारा के लोग आज देशभक्ति की दुकानें खोलकर बैठे हैं । इधर ये लोग नया भारत बनाने के संकल्प का दिखावा करके देश को लूटेरे पूंजीपतियों के हवाले कर रहे हैं । श्री खरे ने कहा कि यह मत भूलिएगा कि देश को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजाद कराया है , नफरत के सौदागरों ने नहीं । जिनका देश के साथ गद्दारी और तिरंगे को अपमानित करने का कलंकित इतिहास रहा है , उसी नफरती जहरीली विचारधारा के लोग आज घर-घर तिरंगा फहराने की बात किस मुंह से कर रहे हैं ? आजादी के आंदोलन के दौरान जब वंदे मातरम उद्घोष करने और तिरंगा झंडा लेकर चलने की बात होती थी , तब यह लोग दूर-दूर नजर नहीं आते थे । देश की आजादी के लिए जिन्होंने खून क्या पसीना भी नहीं बहाया , वे आज बहुत बढ़-चढ़कर बात कर रहे हैं । श्री खरे ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का सम्मान प्रत्येक देशवासी के दिलों दिमाग में है , जिसे लेकर राजनीतिक पाखंड नहीं किया जाना चाहिए । भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को लेकर दुकानदारी चलाने से बाज आना चाहिए ।




