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हत्यारों के जेल में ठाठ, जेल का वीडियो बाहर आने से सियासी विवाद; भाजपा घिरी

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बेंगलुरू

कर्नाटक के शिवमोगा में 20 फरवरी को बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या के आरोपियों काे जेल में मिल रहे ‘विशेष सत्कार’ का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा घिर गई है। हर्षा के परिवार जनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस मुद्दे को राज्य सरकार के समक्ष उठाया, तो उन्हें कोई माकूल जवाब नहीं मिला। शिवमोगा के बहुचर्चित बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा मर्डर केस में मोहम्मद खासिफ और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपियों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच एनआईए को सौंपी गई थी। हर्षा के परिवार वालों को कई संगठनों की ओर से सहायता प्रदान की गई थी। भाजपा ने इस मुद्दे को काफी उठाया था। अब चारों आराेपी बेंगलुरू की जेल में बंद हैं। हाल में सामने आए एक वीडियो में आरोपियों को मोबाइल पर वीडियो कॉल करते दिखाया गया। इसमें आरोपी अपने परिवार वालों से बातचीत में कह रहे थे कि उन्हें जेल में कोई दिक्कत नहीं है। वे यहां आराम से हैं।

इससे सवाल उठे कि यूएपीए के तहत गिरफ्तार आरोपियों के पास जेल में मोबाइल फोन कैसे पहुंचे और वे जेल में सत्कार की बातें कैसे कर रहे हैं। इसके पीछे कौन इनकी मदद कर रहा है? वीडियो सामने आने के बाद राज्य एसीबी ने जेल में छापे की कार्रवाई कर कई मोबाइल फोन और यहां तक कि हथियार और ड्रग्स तक बरामद किए। ये मामला सामने आने के बाद हर्षा के परिवार जनों ने सरकार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

उनका कहना है कि शुरुआत में सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। हर्षा की बहन अश्विनी ने राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र से भी मुलाकात की, लेिकन इस मामले में कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर अश्विनी गृहमंत्री के साथ अपनी मुलाकात को अधूरी ही छोड़कर चली गईं। अश्विनी का आरोप है कि उनके भाई के हत्याकांड के बारे में अफसरों और नेताओं की ओर से कोई समुचित जवाब नहीं मिल रहा है।

उनका आरोप है कि सरकार ने कोई भी आश्वासन पूरा नहीं किया। इस संबंध में राज्य के गृहमंत्री ज्ञानेंद्र का कहना है कि हर्षा मर्डर केस में जांच सही दिशा में चल रही है। उनका कहना है कि हर्षा के परिवार वाले भावनाओं में बहकर बातें कर रहे हैं। कानून के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है।

पूर्व सीएम येद्दियुरप्पा का गृह जिला है शिवमोगा
हर्षा का मर्डर कर्नाटक के शिवमोगा जिले में हुआ था। ये कनार्टक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता येद्दियुरप्पा और वर्तमान में राज्य के गृहमंत्री ज्ञानेंद्र का गृह जिला भी है। हत्याकांड के समय भाजपा ने इस मुद्दे को भुना कर हिंदूवादी संगठनों को समर्थन दिया था। इससे भाजपा को तटीय कर्नाटक और मलनाड के इलाकों में समर्थन भी मिला था।

इससे भाजपा को कांग्रेस का मुकाबला करने में राजनीतिक रूप से मदद भी मिली। लेकिन अब मुख्यमंत्री बासवराज बोम्मई और अन्य मंत्री इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। इसके चलते संघ परिवार से जुड़े संगठनों में भाजपा के प्रति रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि भाजपा की ओर से हर्षा हत्याकांड में कड़ी कार्रवाई को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

Ramswaroop Mantri

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