एस पी मित्तल,अजमेर
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राजस्थान में लम्पी स्किन डिजीज को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 अगस्त को समीक्षा बैठक की। इस बैठक में गुजरात में कांग्रेस के प्रभारी रघु शर्मा ने केकड़ी (अजमेर) का विधायक होने के नाते भाग लिया। सीएम गहलोत की उपस्थिति में रघु ने प्रदेश के पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया से कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में लम्पी स्किन डिजीज से गाय मर रही है और आपने केकड़ी के डॉक्टरों को हटाकर जोधपुर में नियुक्त कर दिया है। यही वज है कि अब केकड़ी में रोग ग्रस्त जानवरों का इलाज नहीं हो रहा है। रघु शर्मा की यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है कि जोधपुर सीएम गहलोत का गृह जिला है। देखा जाए तो रघु ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया है, वह भी तब जब इस उच्च स्तरीय बैठक में खुद सीएम गहलोत मौजूद थे। रघु ने अपने क्षेत्र में गायों के मरने की बात तब कही है, जब सीएम गहलोत बार बार यह दावा कर रहे हैं कि राजस्थान में रोग ग्रस्त जानवरों का इलाज उसी तरह किया जा रहा है, जिस तरह कोरोना काल में इंसानों का किया गया था। जानकारों की मानें तो रघु शर्मा अपने ही मुख्यमंत्री से नाराज चल रहे हैं। हाल ही में सीएम गहलोत ने रघु को अपना भरोसेमंद मानते हुए ही गुजरात का प्रभारी नियुक्त करवाया था। लेकिन राजनीति में भरोसे को तोड़ने वालों में सबसे अव्वल माने जाने वाले रघु शर्मा अब गुजरात में कांग्रेस के लिए मुसीबत बन गए हैं। गहलोत को भी रघु शर्मा के तेवरों का आभास हो गया है, इसलिए गुजरात में गहलोत ने अपने मंत्रियों की फौज उतार दी। गहलोत स्वयं गुजरात के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं। सवाल उठता है कि जब घु शर्मा राजस्थान में कांग्रेस के शासन में ही अपने विधानसभा क्षेत्र में कामकाज नहीं करवा पा रहे है, तब गुजरात में कांग्रेस को वोट कैसे दिलवाएंगे? 28 अगस्त को सीएम गहलोत की उपस्थिति में दिया गया रघु शर्मा का बयान गुजरात में राजनीतिक मुद्दा बनेगा। जहां तक केकड़ी का सवाल है तो केकड़ी के मतदाता बेसब्री से विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं, पहले मंत्री रहते हुए फिर गुजरात का प्रभारी बनने के बाद रघु शर्मा की ओर से राजनीतिक दादागिरी दिखाई गई हे। उससे मतदाताओं में भारी नाराजगी है। सचिन पायलट के समर्थक भी केकड़ी में रघु शर्मा से बेहद खफा है। पायलट समर्थकों ने तो रघु को खुली चुनौती दे रखी है।
खेल समारोह का बहिष्कार:
अजमेर शहर कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष विजय जैन ने 29 अगस्त को माकड़वाली रोड स्थित विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल के जिला स्तरीय कार्यक्रम का बहिष्कार किया। इस समारोह में प्रभारी मंत्री महेंद्रजीत मालवीय और राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ उपस्थित थे। विजय जैन ने अपने समर्थकों के साथ समारोह में गए तो सही, लेकिन मालवीय और राठौड़ का स्वागत करने के बाद बाहर निकल आए। जैन ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें ऐसे समारोह का निमंत्रण नहीं दिया जाता है। गत 11 अगस्त को कायड़ विश्राम स्थली पर आयोजित अमृत महोत्सव के कार्यक्रम में भी प्रशासन की ओर कोई निमंत्रण नहीं मिला। इसी प्रकार 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के समारोह में भी प्रशासन ने आमंत्रित नहीं किया, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष को सरकार के कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाता रहा। जैन ने आरोप लगाया कि कलेक्टर अंशदीप अजमेर कांग्रेस के नेताओं को अपमानित कर रहे हैं। जब कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं के साथ ऐसा व्यवहार तब अंदाजा लगाया जा सकता है। जैन ने 29 अगस्त को जिस तरह अपनी नाराजगी प्रकट की उस से अजमेर की राजनीति में खलबली मच गई है। जानकारों की माने तो विजय जैन सचिन पायलट के समर्थक हैं, इसलिए प्रशासन उनका मान सम्मान नहीं कर रहा है। 29 अगस्त को जिला स्तरीय समारोह में पूर्व मंत्री नसीम अख्तर, गत विधानसभा चुनाव के दक्षिण क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हेमंत भाटी, पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल आदि भी नजर नहीं आए। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के इन नेताओं को भी प्रशासन ने आमंत्रित नहीं किया। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकार ने ग्रामीण ओलंपिक खेलों के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर को ही नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। 29 अगस्त को विवेकानंद मॉडल स्कूल में आयोजित समारोह की सभी तैयारियां कलेक्टर के निर्देश पर ही हुई है।





