हमले को लेकर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर किसानों से माफी मांगें-डॉ सुनीलम
ग्वालियर के फूलबाग पर 28 दिनों से धरना दे रहे किसानों पर 31 जनवरी 21 को भाजपा के गुंडों द्वारा हमला किए जाने पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आक्रोश व्यक्त करते हुए किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के संयोजक मंडल के सदस्य , अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के वर्किंग ग्रुप के सदस्य एवं पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने कहा कि दिल्ली में सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर 68 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों पर जिस तरह हमला किया गया उसी तरह भाजपा के गुंडों द्वारा ग्वालियर में भी हमला किया गया। जो खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली भाजपा की बौखलाहट और घबराहट दर्शाता है ।
डॉ सुनीलम ने कहा कि आजादी के बाद विपक्ष द्वारा सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करने पर कभी भी इस तरह की हिंसक कार्यवाहियां नहीं की गई जिस तरह भाजपा द्वारा की जा रही है। भाजपा की कार्यवाहियों से पता चलता है कि वह इस हद तक किसान विरोधी एवं लोकतंत्र विरोधी हो गई है कि वह किसानों को विरोध करने के संवैधानिक अधिकार के तहत धरना देने भी पसंद नहीं करती है।
डॉ सुनीलम ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से हमलावर गुंडों को तत्काल गिरफ्तार कराने तथा किसानों से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा है कि यदि वे यह नहीं करते तो यह माना जाएगा कि भाजपा के गुंडों को उनका संरक्षण प्राप्त है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि केंद्र और राज्य में सरकार होने के बावजूद गुंडों से आंदोलनकारियों पर हमला करवाना यह बताता है कि सरकार खुद को असहाय और कमजोर मानने लगी है। डॉ सुनीलम ने कहा कि एक तरफ कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर 11 बार किसान संगठनों से बातचीत करते हैं तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों से खुद को एक फोन दूर बतलाते है, दूसरी तरफ उनकी पार्टी गुंडों से किसान आंदोलनकारियों पर हमले करवा रही है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि किसान आंदोलन को पुलिस दमन और गुंडागर्दी से नही कुचला जा सकता। उन्होंने कहा कि आंदोलन खत्म तब ही होगा जब तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएंगे तथा सभी कृषि उत्पादों की लागत से डेढ़ गुना दाम पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी। डॉ सुनीलम ने राज्य सरकार से किसानों पर लादे गए फर्जी मुकदमे वापस लेने की मांग की है तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।




