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प्रसंगवश : हिटलर की मूछों का बाल

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दिव्या गुप्ता

      आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हिटलर  पहले पूरी  मूछें रखता था लेकिन आपने आज तक हिटलर की कोई ऐसी तस्वीर नहीं देखी होगी जिसमें उसके पूरी मूछें हों।

       लेकिन आप विश्वास कीजिए वह पहले पूरी मूछें रखता था। अपनी जवानी के दिनों में हिटलर पेरिस गया था जहां किसी ने सोते में उसकी आधी मूछें  काट दी थीं जिसका हिटलर को पता न चला था। 

      उसको देखकर लोग मुस्कुराते थे। यह हिटलर को बहुत अच्छा लगता था और उसने उस जमाने में कॉमेडियन बनने की कोशिश भी की थी लेकिन नाकाम हो गया था।

जर्मनी आने के बाद उसे पता चला था कि उसकी मूछें आधी कर दी गई हैं। तब उसने प्रतिज्ञा की थी कि मैं उस वक्त तक पूरी मूछें नहीं रखूंगा जब तक मैं पूरी दुनिया को जीत न लूंगा।

      जर्मनी का महान नेता बनने के बाद हिटलर की आधी मूछों की चिंता भी इस तरह की जाने लगी थी जैसे वे कोई राष्ट्रीय धरोहर हों। रोज़ मूछों के बाल गिने जाते थे। उनके रंग का परीक्षण किया जाता था। उनकी लंबाई और मोटाई नापी जाती थी।

सरकारी गज़ट में यह सब छपा करता था।

एक दिन पाया गया कि हिटलर की मूछों का एक बाल कम है। तब क्या था तहलका मच गया। इसे मित्र देशों की साजिश बताया गया। जर्मनी का अपमान बताया गया। देश की स्वाधीनता और अखंडता पर सबसे बड़ा खतरा बताया गया।

     यह कहा गया कि शत्रु अगर हिटलर की मूंछ के बाल तक पहुंच सकते हैं तब उनको गर्दन तक पहुंचने में कितना समय लगेगा।

     हिटलर का मतलब था जर्मनी और जर्मनी का मतलब था हिटलर। ऐसा नेता ना कभी हुआ था ना कभी होगा।

हिटलर तो जर्मनी का नाम तक बदल कर हिटलरिस्तान करना चाहता था।

      बर्लिन  में मित्र देशों के राजदूतों को बुलाकर सख़्त चेतावनी दी गई और उस रात हिटलर ने रेडियो पर जो भाषण दिया वह  इतिहास में दर्ज है।

भावुकता, आक्रोश, देश के गौरवशाली इतिहास और प्रतिशोध से भरे हिटलर के भाषण ने पूरे देश को हिला दिया था।

  जर्मनी का बच्चा – बच्चा चिल्ला रहा था –  बदला लेकर रहेंगे। शत्रु का नाश कर देंगे। अपना गौरव प्राप्त करेंगे। हम महान हैं, श्रेष्ठ है सर्वोत्तम हैं… सर्वश्रेष्ठ हैं ….संसार में हमारे बराबर कोई नहीं है। युद्ध… युद्ध और युद्ध…..

    मूँछ का बाल गायब हो जाने के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान को ‘आपरेशन गौरव’ का नाम दिया गया था।

ऑपरेशन  गौरव के अंतर्गत द्वितीय विश्व युद्ध शुरू हो गया। बीस लाख यहूदियों को मौत के घाट उतार दिया गया। लाखों नागरिक मारे गए। दो करोड़ सैनिक मारे गए। खरबों की संपत्ति नष्ट हो गई। पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया। 

   आखिरकार जर्मनी युद्ध में हार गया। युद्ध में खण्डहर हो गया। हिटलर ने आत्महत्या कर ली और फिर जब हिटलर के मूछों के बालों की गिनती की गयी तब पाया गया कि बाल पूरे थे।

कोई बाल कम न था; लेकिन दूसरा विश्व युद्ध हो चुका था।

Ramswaroop Mantri

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