झाबुआ: मध्यप्रदेश की जनता ने आज अपने मुखिया को एक नए अवतार में देखा। उन्हें देखते ही लोग हैरत में पड़ गए। लोगों का आश्चर्यचकित होना भी जरूरी था, क्योंकि मुख्यमंत्री आज बाहुबली के अवतार में जो दिख रहे थे। झाबुआ में बने हेलीपैड से शिवराज सिंह चौहान जब नीचे उतर रहे थे, तब उनके कंधे पर कुदाल रखी हुई थी। एमपी में इसे गैंती भी कहते हैं। आदिवासी इसका प्रयोग खनन के लिए करते हैं। सीएम झाबुआ हालमा उत्सव में शामिल होने गए थे।
सीएम शिवराज रविवार को झाबुआ पहुंचे थे। जहां वह हालमा उत्सव में शामिल हुए हैं। हलबा समाज और श्रमदान से जुड़ी हुई ऐसी परंपरा है जो जनजातीय क्षेत्रों में उत्सव के रूप में मनाई जाती है। समाज के संकटग्रस्त परिवार को संकट से उबारने के लिए भील समाज की तरफ से एकजुट होकर परमार्थ की भावना से किया जाने वाला श्रमदान ही हलमा है। हमु हलमा मा जायरा, तमु भी आवजो…यह संदेश जनजातीय क्षेत्र में कुछ दिनों से ग्रामीण एक-दूसरे को दे रहे। यानि कि हम हलमा (सामूहिक श्रमदान) में जा रहे हैं, तुम भी आना।
अद्भुत परंपरा है हलमा
हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जनप्रतिनिधियों से मिले। इस दौरान सीएम शिवराज ने कहा कि हनुमा एक अद्भुत परंपरा है, जिसे हमारे जनजातीय भाई बहनों ने जीवित रखा है।
इसी कुदाल से किया श्रमदान
सीएम अपने साथ जो कुदाल ले गए हैं उसी कुदाल से हलवा महोत्सव में श्रमदान भी किया। शिवगंगा संगठन के इस आयोजन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल मंगू भाई पटेल भी शामिल हो रहे हैं। हलमा उत्सव में झाबुआ-आलीराजपुर, गुजरात के दाहोद-महिसागर और राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से लगभग 40 हजार ग्रामीण गैती, तगारी और फावड़ा लेकर शामिल हो रहे हैं।





