दौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर की बावड़ी से देर रात 12 से 1.30 बजे के बीच 16 शव और निकाले गए। जिसके बाद इस हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर 34 हो गया है। इस हादसे में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। दो लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव के काम के लिए एनडीआरएफ के साथ-साथ सेना के जवानों को भी लगाया गया है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आर्मी ने भी मोर्चा संभाल रखा है। दरअसल, गुरुवार को रामनवमी पर यहां हवन-पूजन का आयोजन था, जिसमें शामिल होने के लिए कई श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान मंदिर में अंडरग्राउंड बावड़ी की छत धंस गई। जिससे 40 से ज्यादा लोग बावड़ी में गिर पड़े। बावड़ी करीब 40 फीट गहरी है, जिसमें काफी पानी भी भरा था। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सियों के सहारे कुएं से लोगों को निकाला।
बावड़ी में पानी ज्यादा होने से रेस्क्यू में परेशानी आई। जिसके बाद पानी को पंप की मदद से बाहर निकाला गया। पानी कम होने पर फिर रेस्क्यू शुरू किया गया। SDRF के DIG महेशचंद्र जैन ने बताया कि कुएं में बहुत ज्यादा पानी था, कुछ दिख नहीं रहा था। पानी को लगातार खाली किया गया। जिसके बाद और भी डेडबॉडी उसमें दिखी। उन्होंने बताया कि SDRF, NDRF, आर्मी की टीम, पुलिस और प्रशासन रेस्क्यू में लगा है। शुरुआत में करीब 20 लोगों को सकुशल बावड़ी से बाहर निकाला गया। इनमें से घायलों को अस्पताल भिजवाया गया।
हादसा सपना संगीता रोड स्थित स्नेह नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लोगों के वजन से बावड़ी की छत धंस गई और लोग उसमें गिर गए। यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है। कलेक्टर ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराने की बात कही है।
हादसे के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रस्सी से बनी सीढ़ी बावड़ी में डालकर लोगों को बाहर निकाला गया।
आंखों के सामने तैर रही थी लाशें…
मंदिर के पुजारी लक्ष्मीनारायण शर्मा ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे की घटना है। रामनवमी पर भगवान राम की आरती की तैयारी चल रही थी। इस बीच अचानक सब नीचे गिरे। मुझे तैरना आता था तो मैं ऊपर आया। फिर किनारे आया। 5-7 लोगों की लाश तैर रही थी। बाद में मुझे बाहर निकाला गया। शिवरात्रि पर इतनी भीड़ थी, कभी कुछ नहीं हुआ। हमेशा हवन बाहर ही होता है, लेकिन इस बार नया मंदिर बन रहा है तो हवन अंदर हुआ। मैं 2007 से मंदिर में पूजा-पाठ कर रहा हूं। बता दें कि पुजारी निजी अस्पताल में भर्ती है। उनका इलाज चल रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजन को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। सरकार घायलों का इलाज कराएगी। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से भी मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर ये जानकारी दी गई है।
मृतकों में अब तक इन लोगों की पहचान हुई
- लक्ष्मी (70) पति रतीलाल पटेल, पटेल नगर
- इंद्र कुमार (53) पिता थामावदास हरवानी, साधु वासवानी नगर
- भारती कुकरेजा (58) पति परमानंद कुकरेजा, साधु वासवानी नगर
- जयवंती (84) पति परमानंद खूबचंदानी, स्नेह नगर
- दक्षा पटेल (60) पति लक्ष्मीकांत पटेल, पटेल नगर
- मधु (48) पति राजेश भम्मानी, सर्वोदय नगर
- मनीषा मोटवानी पति आकाश मोटवानी, साधु वासवानी नगर
- गंगा पटेल (58) पति गगन दास, पटेल नगर
- कनक पटेल (32), पटेल नगर
- पुष्पा पटेल (49), पटेल नगर
- भूमिका खानचंदानी (31), पटेल नगर।
- करिश्मा वाधवानी
(दो मृतकों के नाम अभी सामने नहीं आए।)
राष्ट्रपति से लेकर पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया दुख
इंदौर हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक-संवेदनाएं व्यक्ति की, साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि इंदौर में हुए हादसे से बेहद आहत हूं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात कर स्थिति की जानकारी ली। राज्य सरकार बचाव और राहत कार्य में तेजी से आगे बढ़ रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ और कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी हादसे पर दुख जताया है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
नीचे हादसे की तस्वीरें देखिए…
40 फीट गहरी बावड़ी की छत धंसकने से श्रद्धालु पानी में गिर गए। बावड़ी में चार से पांच फीट पानी था।

जिस मंदिर में ये हादसा हुआ। उसके एक तरफ सर्वोदय नगर, दूसरी तरफ पटेल नगर और तीसरी तरफ स्नेह नगर क्षेत्र आता है। इसलिए यहां आयोजित हवन-पूजन के कार्यक्रम से तीनों ही क्षेत्र के लोग पहुंचे थे।

विधायक मालिनी गौड़ ने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की। वे हादसे में जख्मी एक बच्ची से भी मिलीं।

इंदौर में रामनवमी पर हवन के दौरान बावड़ी की छत गिरने से 30 से ज्यादा लोग गिर गए। घटना से श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई।
मंदिर परिसर में खुदाई से छत गिरने की आशंका
बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में निर्माण और खुदाई का काम चल रहा है। आशंका है कि यह भी हादसे की वजह हो सकता है। कुछ रहवासियों ने चूहों के कारण कुआं खोखला होने की बात भी कही है।
मंदिर में रामनवमी की वजह से यहां सुबह से भक्तों की भीड़ थी।
बावड़ी में गिरी एक महिला को बाहर निकालने के बाद स्ट्रेचर पर मंदिर से बाहर लाया गया। महिला को अस्पताल भेजा गया।
बावड़ी से निकाले गए लोगों को एम्बुलेंस से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।

रेस्क्यू टीम ने बावड़ी से एक बच्ची का रेस्क्यू भी किया।
आंध्र प्रदेश के वेणुगोपाल मंदिर में आग लगी

आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में रामनवमी पर बड़ा हादसा होने से बच गया। यहां के वेणुगोपाल मंदिर परिसर में पंडाल में शार्ट सर्किट के बाद भीषण आग लग गई। पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। रेस्क्यू टीम ने सभी श्रद्धालुओं को मंदिर से बाहर निकाल लिया है। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर के आस-पास के इलाके में लोगों की आवाजाही रोक दी गई है।

इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में रामनवमी पर बड़ा हादसा हो गया. छत धंसने से 30 से ज्यादा लोग 40 फीट गहरी बावड़ी में गिर गए थे. इनमें से 13 लोगों की मौत हो गई है. रेस्क्यू टीम ने 20 लोगों को बचा लिया है. अब रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है. बावड़ी में चार से पांच फीट पानी है. इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आई.
कमिश्नर इंदौर पुलिस मकरंद देउसकर ने बताया, ‘अब तक 8 लाशें बाहर निकाली गई हैं. मरने वालों में 2 महिलाएं शामिल हैं. मौके पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. यह अभी नहीं बताया जा सकता कि अंदर कितने लोग फंसे हो सकते हैं. अभी तक 19 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है.’
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सपना संगीता रोड स्थित स्नेह नगर में हवन के दौरान हादसा हुआ. कन्या पूजन का कार्यक्रम था, इसलिए मंदिर में भीड़ ज्यादा थी. 30 से ज्यादा लोग बावड़ी की छत पर बैठे थे. तभी ज्यादा वजन होने की वजह से उसकी छत टूट गई. लोग 40 फीट नीचे गिर गए. यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में रामनवमी पर हुए हादसे पर मुआवजे का एलान किया. उन्होंने कहा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने भी व्यक्त किया दुख
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लेते हुए बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर चिंता व्यक्त की है और सीएम शिवराज सिंह से फोन पर चर्चा की। घटना के बाद से ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर इलियाराजा टी और पुलिस के कमिश्रर मकरंद देउस्कर मौजूद हैं। इसके बाद भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
राष्ट्रपति ने हादसे पर जताया दुख

रक्षा मंत्री राजनाथ और पूर्व सीएम कमलनाथ ने ट्वीट कर दुख जताया








