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आज के ताजा समाचार…हैदराबाद के कॉलेज में बुर्का पहनी छात्राओं को एंट्री नहीं:आदिपुरुष का विरोध हाईकोर्ट पहुंचा

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बिपरजॉय तूफान की वजह से राजस्थान के 3 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया। वहीं, दूसरी तरफ फिल्म आदिपुरुष के खिलाफ मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म में भगवान के किरदारों से अमर्यादित डायलॉग्स बुलवाए गए। हम आपको आगे बताएंगे कि नेपाल में इस फिल्म को लेकर क्या विवाद है…

आज के प्रमुख इवेंट्स

  • मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर गृह मंत्री अमित शाह पंजाब और हरियाणा में रैली करेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने हरियाणा की सभी 10, जबकि पंजाब की 13 सीटों में से 4 सीटें हासिल की थीं। कांग्रेस को पंजाब में 8 सीटें मिली थीं।

राजस्थान के बाड़मेर, सिरोही और जालोर में बाढ़ जैसे हालात, घरों में 4 से 5 फीट पानी भरा

बाढ़ जैसे हालातों के बीच बाड़मेर के 5 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। वहीं, पिछले 24 घंटे से 500 से अधिक गांवों में बिजली गुल है।

बिपरजॉय की वजह से राजस्थान के बाड़मेर, जालोर, जोधपुर सहित 8 जिलों से भारी बारिश हुई। सिरोही में सबसे ज्यादा 38 MM तो वहीं जालोर में 36 MM बारिश हुई। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने भारी बारिश के लिए आज 4 जिलों में रेड अलर्ट और 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

36 घंटे से हो रही लगातार बारिश की वजह से बाड़मेर-सिरोही और जालोर में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया। ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में NDRF की टीम तैनात की गई। इधर, रेलवे ने बाड़मेर से होकर गुजरने वाली 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया।

आदिपुरुष के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा मामला, फिल्म पर देवी-देवताओं का मजाक उड़ाने का आरोप

दिल्ली हाईकोर्ट में हिंदू सेना ने फिल्म आदिपुरुष के खिलाफ याचिका दायर करते हुए इसे बैन करने की मांग की है। याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता ने फिल्म पर हिंदू देवी-देवताओं के अपमान का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें भगवान के किरदारों से अमर्यादित डायलॉग्स बुलवाए गए हैं।

इधर, नेपाल ने फिल्म में सीता को भारत की बेटी बताए जाने पर नाराजगी जताई है। काठमांडु के मेयर बालेंद्र शाह ने कहा कि सीता का जन्म नेपाल के जनकपुर में हुआ था। ऐसे में फिल्म से गलत तथ्य को हटाया जाए। हालांकि, बीबीसी के सूत्रों का कहना है कि नेपाल के सेंसर बोर्ड ने इस सीन को म्यूट कर दिया है।

प्रभास और कृति सेनन स्टारर फिल्म आदिपुरुष अब डायलॉग्स को लेकर विवाद में है। फिल्म को बैन करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इसे हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने लगाया है। इसमें फिल्म के कई सीन, डायलॉग्स और किरदारों को हटाने की मांग की गई है।

विष्णु गुप्ता ने याचिका में कहा, ‘फिल्म में हमारे आराध्य देवताओं का गलत तरीके से चित्रण किया गया है, जो कि आपत्तिजनक है। इसलिए ऐसी फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगनी चाहिए।’ फिल्म 16 जून को रिलीज हुई है।

राइटर और डायरेक्टर ट्रोल, लोग बोले- मर्यादा को तार-तार किया
फिल्म के डायलॉग्स को लेकर फिल्म के राइटर और डायरेक्टर ट्रोल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर फिल्म का बायकॉट ट्रेंड हो रहा है। लोगों का कहना है कि फिल्म में रामायण को मॉडर्न तरीके से दिखाया गया है, जो इस पौराणिक कथा की मर्यादा को तार-तार कर रहा है।

कॉन्ट्रोवर्शियल डायलॉग, जिन पर लोगों को आपत्ति है

  • कपड़ा तेरे बाप का! तेल तेरे बाप का! जलेगी भी तेरे बाप की। (हनुमानजी ने रावण के बेटे इंद्रजीत से कहा)
  • तेरी बुआ का बगीचा है क्या जो हवा खाने चला आया। (इंद्रजीत ने हनुमानजी से कहा)
  • जो हमारी बहनों को हाथ लगाएगा उनकी लंका लगा देंगे। (हनुमानजी ने रावण की सभा में कहा)
  • आप अपने काल के लिए कालीन बिछा रहे हैं। (विभीषण ने रावण से कहा)
  • मेरे एक सपोले ने तुम्हारे शेषनाग को लंबा कर दिया अभी तो पूरा पिटारा भरा पड़ा है। (लक्ष्मण के ऊपर वार करने के बाद इंद्रजीत ने कहा)

इन डायलॉग्स को लिखने वाले राइटर मनोज मुंतशिर को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। लोग उनसे सवाल कर रहे हैं कि ऐसे संवाद रामायण के किस वर्जन में लिखे हैं। क्या रामायण में ऐसे शब्दों का कहीं उल्लेख है।

फिल्म के हर एक संवाद में आक्रामकता है, सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण को मर्यादा पुरुषोत्तम की कहानी माना जाता है, लेकिन मेकर्स ने इसे बस एक एक्शन फिल्म बनाकर छोड़ दिया है।

फिल्म के हर एक संवाद में आक्रामकता है, सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण को मर्यादा पुरुषोत्तम की कहानी माना जाता है, लेकिन मेकर्स ने इसे बस एक एक्शन फिल्म बनाकर छोड़ दिया है।

आदिपुरुष में दिखाए गए तथ्य रामायण और रामचरित मानस के ठीक विपरीत
हिंदू सेना की याचिका में कहा गया कि जिस तरीके से फिल्म आदिपुरुष में भगवान राम, माता सीता और हनुमान जी का चित्रण किया गया है, वो महर्षि वाल्मीकि की रामायण और तुलसीदास की रामचरितमानस के ठीक विपरीत है। ओम राउत के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। फिल्म में जिस तरह से तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है, उसे देखकर हमारा मन चिंतित और व्यथित है।

याचिका में ये भी कहा गया, ‘ये PIL उन लोगों की तरफ से भी दायर है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या किसी कारण कोर्ट कचहरी आने में असमर्थ हैं। चूंकि भावनाएं उनकी भी आहत हुई हैं, इसलिए ये PIL उन्हें भी रिप्रजेंट करती है। आदिपुरुष की टीम को इस मामले में सूचना और प्रसारण मंत्रालय को 4 अक्टूबर तक जवाब देना था। हालांकि आज तक उनका जवाब नहीं आया।’

भगवान राम का किरदार निभा रहे प्रभास के इस लुक का भी मजाक बनाया जा रहा है।

भगवान राम का किरदार निभा रहे प्रभास के इस लुक का भी मजाक बनाया जा रहा है।

रावण बने सैफ अली खान के लुक की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। रावण की हेयरस्टाइल, बड़ी-बड़ी दाढ़ी और लेदर के कपड़ों पर लोगों को आपत्ति है।

रावण बने सैफ अली खान के लुक की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। रावण की हेयरस्टाइल, बड़ी-बड़ी दाढ़ी और लेदर के कपड़ों पर लोगों को आपत्ति है।

CG के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- बजरंग बली से बजरंग दल वाले शब्द बुलवाए गए
छत्तीसगढ़ में फिल्म को बैन करने की बात की जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- फिल्म में बजरंग बली से बजरंग दल वाले शब्द बुलवाए गए हैं। हमारे जितने भी आराध्य देव हैं उनकी छवि बिगाड़ने का काम हो रहा है।

पहले भगवान राम और हनुमान जी का भक्ति से सराबोर सौम्य चेहरा दिखाई देता था। ये तस्वीर हमारे पुरखों ने बनाई थी।लेकिन इस फिल्म में भगवान राम को युद्धक राम और बजरंगबली को एंग्री बर्ड के तौर पर दिखाया जा रहा है।

लोग कैंसिल कर रहे फिल्म के टिकट
कुछ लोग सोशल मीडिया पर टिकट कैंसिल कर इसकी फोटो शेयर कर रहे हैं। एक शख्स ने 9 टिकट खरीदे थे, लेकिन फिल्म पर जारी विवाद के बाद उसने टिकट कैंसिल कर दिए। उसने टिकट कैंसिल कर लिखा है कि वे अपने बच्चों को ऐसी ‘रामायण’ तो नहीं दिखाएंगे।

फिल्म में एक सीन है जिसमें रावण बने सैफ अली खान अजगरों के बीच लेटे दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम भी बनाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि ओम राउत वाला रावण पाइथन मसाज भी लेता है। इसके अलावा एक सीन और है जिसमें रावण चेहरे पर वेल्डिंग वाला मास्क पहनकर हथौड़े चला रहा है। इस सीन पर भी मेकर्स की सोच पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

.खराब VFX को लेकर ट्रोल हो रही आदिपुरुष, फिल्म देख यूजर्स बोले- पैसा वापस करो

फिल्म को रिलीज के बाद से ही खराब VFX और इसके कुछ डायलॉग्स को लेकर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। इस बीच फिल्म में रावण का रोल निभा रहे सैफ अली खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह अजगरों के बीच लेटे हुए हैं। इसे देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स रामायण पर बनी इस डायरेक्टर ओम राउत पर नाराजगी जता रहे हैं।

एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें ‘आदिपुरुष’ की आलोचना करने पर एक युवक की पिटाई हो गई है। यह वीडियो हैदराबाद स्थित प्रसाद थिएटर के बाहर का है जहां फिल्म देखकर निकले एक दर्शक की भीड़ ने पिटाई कर दी। इस युवक की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने फिल्म के किरदारों की तुलना वीडियो गेम में दिखाए जाने वाले मॉनस्टर्स से कर दी थी।

साक्षी मलिक का दावा- आंदोलन में कांग्रेस का हाथ नहीं, 2 भाजपा नेताओं ने धरने की परमिशन दिलाई

साक्षी और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने शनिवार को सोशल मीडिया पर 'द ट्रुथ' टाइटल से अपना एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में किसी कांग्रेस नेता का हाथ नहीं है, बल्कि धरने की परमिशन तो दो भाजपा नेताओं ने दिलाई थी।

साक्षी और उनके पति सत्यव्रत कादियान ने शनिवार को सोशल मीडिया पर ‘द ट्रुथ’ टाइटल से अपना एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में किसी कांग्रेस नेता का हाथ नहीं है, बल्कि धरने की परमिशन तो दो भाजपा नेताओं ने दिलाई थी।

महिला पहलवान आंदोलन को लेकर साक्षी मलिक ने वीडियो जारी कर कहा कि हमारी लड़ाई सरकार से नहीं, बल्कि बृजभूषण से है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के पीछे किसी कांग्रेस नेता का हाथ नहीं है। साथ ही दावा किया कि भाजपा नेता बबीता फोगाट और तीर्थ राणा ने जंतर मंतर पर धरने की परमिशन दिलाई थी।

उन्होंने आगे कहा कि कुश्ती से जुड़े 90 फीसदी लोगों को पता है कि 12 साल से पहलवानों से छेड़छाड़ हो रही थी। कई लोग इसके खिलाफ आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन महिला पहलवानों के बीच उस समय एकता की कमी थी।

मणिपुर में भीड़ ने थाने से हथियार लूटने की कोशिश की, BJP ऑफिस पर हमला किया

मणिपुर में 3 मई से जारी हिंसा के बीच शुक्रवार को 5 बड़ी घटनाएं हुईं। दो अलग-अलग जगहों पर भीड़ ने BJP ऑफिस पर हमला किया। वहीं, दो भाजपा नेताओं के घर पर आग लगाने की कोशिश की गई। इसके अलावा भीड़ ने इंफाल में थाने से हथियार लूटना चाहा। लेकिन, सुरक्षाबलों ने इन सभी साजिशों को नाकाम कर दिया।

इधर, इंटेलिजेंस ने दावा किया है कि पुलिस और सुरक्षाबलों की वर्दी पहनकर बदमाश हिंसा भड़का सकते हैं। खुफिया एजेंसी का कहना है कि बिष्णुपुर जिले में एक दर्जी को 15 जून तक 500 वर्दी सिलने का ऑर्डर दिया गया था।

. हैदराबाद में बुर्का में एग्जाम देने से रोका, मंत्री बोले- महिलाओं को छोटे कपड़े नहीं पहनना चाहिए

यह मामला हैदराबाद के केवी रंगा रेड्‌डी डिग्री कॉलेज का है। छात्राओं का कहना है कि उन्हें बुर्के के चलते एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं दी गई।

यह मामला हैदराबाद के केवी रंगा रेड्‌डी डिग्री कॉलेज का है। छात्राओं का कहना है कि उन्हें बुर्के के चलते एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं दी गई।

हैदराबाद के एक कॉलेज में बुर्का पहनी हुई छात्राओं को परीक्षा में बैठने से रोका गया। छात्राओं का आरोप है कि बुर्का उतारने के बाद ही उन्हें एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री मिली। कॉलेज प्रशासन कह रहा था कि दूसरे कॉलेज में बुर्का पहनने की इजाजत हो सकती है, लेकिन इस कॉलेज में नहीं है।

हैदराबाद के एक कॉलेज में बुर्का पहनी हुई छात्राओं को एग्जामिनेशन हॉल में एंट्री नहीं दी गई। छात्राओं ने बताया कि वे केवी रंगा रेड्‌डी डिग्री कॉलेज में उर्दू मीडियम का एग्जाम देने गई थीं, लेकिन बुर्का पहनने की वजह से उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज स्टाफ ने उन्हें कहा कि दूसरे कॉलेज में बुर्का पहनने की इजाजत हो सकती है, पर इस कॉलेज में नहीं है। छात्राओं ने कहा कि उन्हें एग्जाम देने के लिए आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बुर्का हटाने के बाद ही उन्हें एंट्री मिली।

छात्राओं ने कॉलेज के बाहर करीब आधे घंटे इंतजार किया। बुर्का उतारने के बाद ही उन्हें कॉलेज में एंट्री मिली।

छात्राओं ने कॉलेज के बाहर करीब आधे घंटे इंतजार किया। बुर्का उतारने के बाद ही उन्हें कॉलेज में एंट्री मिली।

पेरेंट्स ने कहा- हमारे बच्चों को टारगेट किया गया
जिन छात्राओं को बुर्का हटाना पड़ा, उनके पेरेंट्स ने कहा कि हमारे बच्चों को बुर्के की वजह से टारगेट किया गया। एक शख्स ने कहा कि कॉलेज मैनेजमेंट ने पेरेंट्स की रिक्वेस्ट भी नहीं सुनी, बल्कि बेहद बदतमीज स्टाफ को एंट्री गेट पर तैनात कर दिया। इसके बाद पेरेंट्स ने जाकर राज्य के गृहमंत्री से शिकायत की।

गृहमंत्री बोले- औरतों को ज्यादा कपड़े पहनने चाहिए
इस घटना को लेकर तेलंगाना के गृहमंत्री मोहम्मद महमूद ने कहा कि किसी हेड मास्टर या प्रिंसिपल ने ऐसा किया होगा, लेकिन हमारी पॉलिसी सेक्युलर है। लोग जो चाहें वो पहन सकते हैं, लेकिन अगर आप यूरोपीय परिधान पहनेंगे तो यह सही नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि हमें अच्छे कपड़े पहनने चाहिए। औरतें खासतौर से, कम कपड़े पहनने से परेशानी होती है। ज्यादा कपड़े पहनने से लोगों को सुकून रहता है। ये कहीं भी नहीं लिखा कि बुर्का नहीं पहना जा सकता है। हम इस घटना पर एक्शन लेंगे।

पिछले साल कर्नाटक के उडुपी से शुरू हुआ था हिजाब विवाद
कर्नाटक में हिजाब विवाद जनवरी के शुरुआत में उडुपी के ही एक सरकारी कॉलेज से शुरू हुआ था, जहां मुस्लिम लड़कियों को हिजाब पहनकर आने से रोका गया था। स्कूल मैनेजमेंट ने इसे यूनिफॉर्म कोड के खिलाफ बताया था। इसके बाद अन्य शहरों में भी यह विवाद फैल गया।

मुस्लिम लड़कियां इसका विरोध कर रही हैं, जिसके खिलाफ हिंदू संगठनों से जुड़े युवकों ने भी भगवा शॉल पहनकर जवाबी विरोध शुरू कर दिया था। एक कॉलेज में यह विरोध हिंसक झड़प में बदल गया था, जहां पुलिस को सिचुएशन कंट्रोल करने के लिए टियर गैस छोड़नी पड़ी थी।

Ramswaroop Mantri

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