मध्यप्रदेश में दर्ज हो रहे रेप के 85% मामले लिव इन पार्टनर्स के हैं। कुछ समय साथ रहने के बाद जब कपल की नहीं पटती है तो रेप का केस दर्ज करा दिया जाता है। इसका मतलब ये भी है कि प्रदेश में लिव इन कल्चर को युवा तेजी से अपना रहे हैं। मॉडर्न लाइफ और सेक्शुअल डिजायर के चक्कर में इन युवाओं का सामाजिक तानाबाना लिव इन पर आकर ठहर गया है।
मध्यप्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच रेप के 1800 से ज्यादा केस प्रदेश में दर्ज हो चुके हैं। इस लिहाज से प्रदेश में औसतन हर दिन 15 दुष्कर्म के मामले दर्ज हो रहे हैं।
बढ़ते रेप केस का कारण जानने के लिए साल 2022 में पहली बार मप्र पुलिस की महिला सुरक्षा शाखा ने साल 2019, 2020 और 2021 में रजिस्टर्ड हुए रेप केसेस पर स्टडी की। इसमें सामने आया कि इन तीन सालों में 14,476 रेप केस दर्ज हुए। इनमें से 85% मामले लिव इन में रह चुकी युवतियों ने अपने पाटर्नर के खिलाफ दर्ज कराए हैं।
इसलिए सहमति का रिश्ता रेप में बदल जाता है
लिव इन रिलेशनशिप के मनोविज्ञान को समझने के लिए हमने भोपाल जिले के बड़े पुलिस अधिकारियों और लॉयर्स से बात की। हमने कुछ ऐसे कपल्स से भी बात की, जो लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। पड़ताल में बहुत से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सभी को आपके सामने सिलसिलेवार तरीके से रखेंगे।
सबसे पहले तीन कहानियों से ये समझिए कि कैसे कपल्स के बीच आपसी सहमति से बनाया गया लिव इन रिलेशनशिप IPC की धारा 376 यानी रेप में बदल जाता है।
केस 1 : नर्सिंग कोर्स के बीच प्यार हुआ, साथ रहे और फिर…
साल 2021। इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में रहने वाली अदिति अपनी एक दोस्त के साथ कैजुअल पार्टी में शिरकत करती है। यहां उसकी मुलाकात आदर्श से होती है। दोनों ही यहां नर्सिंग की पढ़ाई करने आए हैं। दोनों की रैंडम मुलाकात कुछ ही देर में अच्छी फ्रेंडशिप में तब्दील हो जाती है।
दोनों एक-दूसरे के सोशल मीडिया पर कनेक्ट होते हैं। इसके बाद दोनों के बीच रातों में लंबी चैट्स का सिलसिला शुरू हो जाता है। बढ़ती करीबियों के बीच आदर्श 20 अगस्त 2022 को अपने जन्मदिन पर अदिति को घर बुलाता है। वह इंदौर के ही महालक्ष्मी नगर में एक फ्लैट में किराए से रहता था।
अदिति जैसे ही फ्लैट पर पहुंचती है, आदर्श के दोस्त उसका ग्रैंड वेलकम करते हैं। आदर्श अपना बर्थडे केक काटने से पहले अदिति से प्यार का इजहार करता है। अदिति भी मुस्कुराकर जवाब देती है। आधी रात तक पार्टी चलती है। आदर्श, अदिति को प्यार का हवाला देकर उस रात अपने घर पर ही रोक लेता है। यहां दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बनते हैं। आदर्श, अदिति से शादी का वादा करता है।
कैजुअल रिलेशनशिप के बाद दोनों मिलते हैं और फ्यूचर की बातें करते हैं। तय करते हैं कि हम दोनों एक-दूसरे को आजमाएं तो रिश्ता आगे बढ़ेगा वरना अपना-अपना रास्ता देख लेंगे।
दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहना तय करते हैं। दोनों डेढ़ साल से एक साथ रह रहे होते हैं। अदिति, आदर्श से इमोशनली अटैच हो चुकी है, लेकिन आदर्श इसे केवल सेक्सुअल डिजायर पूरा करने का मौका मान रहा है। वह मानसिक रूप से इसे अस्थाई रिश्ता मान रहा है, जिसे कभी भी तोड़ा जा सकता है। वे पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं, इसलिए अदिति को लगता है कि दोनों के बीच शादी की औपचारिकता ही बाकी है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी।
इस बीच एक दिन आदर्श कहता है कि वह अपने शहर एक लड़की देखने जा रहा है, क्योंकि उसके माता-पिता ऐसा चाहते हैं। आदर्श की इस बात से अदिति के सपनों का महल रेत की तरह बिखर जाता है। यहीं से विवाद शुरू हो जाता है।
अदिति आदर्श के सामने शादी का प्रपोजल रखती है, लेकिन आदर्श मना कर देता है। काफी प्रयास के बाद भी जब आदर्श नहीं मानता तो भावनात्मक रूप से टूटी अदिति सबक सिखाने और टूटे दिल का बदला लेने के लिए थाने पहुंचकर रेप का केस दर्ज करा देती है। दोनों का लिव इन रिलेशनशिप IPC की धारा 376 (रेप) में कंवर्ट हो जाता है।
केस 2 : साथ काम करते-करते हो गया प्यार; फाइनेंस से लेकर फिजिकल रिलेशन तक
16 जून, साल 2022। 26 साल की जया भोपाल के अशोका गार्डन थाने आकर विशाल के खिलाफ केस दर्ज कराती है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाती है। पुलिस जांच करती है तो पता चलता है कि दोनों पिछले छह महीने से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
इनकी कहानी यूं शुरू होती है- जया काम की तलाश में भोपाल आई थी। कुछ दिन में उसे एक जगह अच्छा काम मिल गया। यहीं पर विशाल भी काम करता था। वो भी बाहर से आया था। अक्सर उससे आगे रहकर बातें किया करता था। कभी परेशान होती थी तो चिंता जताता। उसका व्यवहार जया को पसंद आने लगा था। इस कारण दोनों के बीच जल्द ही अच्छी दोस्ती हो गई।
अब वे अक्सर काम खत्म होने के बाद अपना ज्यादातर वक्त साथ बिताया करते थे। एक दिन दोनों साथ में घूमने निकले। थक गए तो एक दुकान में कॉफी पीने बैठ गए। यहां विशाल ने उसे प्रपोज कर दिया। जया भी विशाल को पसंद करने लगी थी, तो उसका प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया।
जया ने बताया- विशाल ने कहा कि वो मेरे साथ जिंदगी बिताना चाहता है। मैंने कहा कि हम शादी कर लेते हैं, लेकिन विशाल ने कहा कि वो इसके लिए अभी तैयार नहीं है, लेकिन हम एक साथ रहकर एक-दूसरे को अच्छे से जान सकते हैं। विशाल पर मुझे बहुत ज्यादा विश्वास था, मुझे लगता था कि वो मुझसे जरूर शादी करेगा।
हम छह महीने तक रिलेशनशिप में रहे। कई बार हम दोनों के बीच फिजिकल रिलेशन बने। इस बीच विशाल ने मुझसे अपनी मां के इलाज के लिए 2 लाख रुपए भी लिए। जब मैं शादी करने के लिए फोर्स करने लगी तो उसने मुझे साफ मना कर दिया। उसने कहा कि उसका शादी का कोई इरादा नहीं है। जब मैंने उससे दो लाख रुपए वापस मांगे तो उसने देने से मना कर दिया। इसके बाद मैंने उस पर रेप का केस दर्ज कराने का फैसला किया। फिलहाल आरोपी फरार है।
केस 3 : वो उससे शादी करना चाहती थी और लड़का बस एंजाॅय करना चाहता था
जनवरी 2023। 28 वर्षीय रुचिका इंदौर में कंपीटिटिव एग्जाम की तैयारी करने आई थी। इस दौरान उसकी मुलाकात अपने एक कॉमन फ्रेंड के माध्यम से विजय से हुई। दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किए। चैट होने लगी और रात-रातभर बातें होने लगी। दोनों मिलने लगे और एक दिन रुचिका ने विजय से कहा कि वो उसे पसंद करती है। विजय ने जवाब दिया कि उसे समय चाहिए। इस बीच दोनों मिलते रहे और एक दिन दोनों ने हदें पार कर दीं।
रुचिका छोटे शहर से जरूर आई थी, लेकिन उसने अपनी सीमा पार कर दी थी। रुचिका को लगा कि फिजिकल रिलेशन बनने का मतलब है कि विजय उससे प्यार करने लगा है। वो विजय से शादी करना चाहती थी, लेकिन विजय इसके लिए तैयार नहीं था। रुचिका की एक सहेली शादी से पहले अपने पति के साथ लिव इन में रह चुकी थी। उसने सहेली से बात की। सहेली ने रुचिका को समझाया कि वो लिव इन में इसलिए रह रही थी, ताकि एक दूसरे को समझ सकें।
रुचिका के दिमाग में यही बात घर कर गई। उसे लगा कि विजय साथ रहेगा तो वो उसे शादी के लिए मना लेगी। विजय प्रैक्टिकल लड़का था। जब रुचिका ने उसके सामने लिव इन का प्रस्ताव रखा तो वह तैयार हो गया। डेढ़ साल तक दोनों साथ रहे। एक दिन विजय अपना सामान पैक करने लगा। उसने कहा कि उसकी दिल्ली में नौकरी लग गई है। रुचिका ने कहा कि वो दिल्ली जाने के लिए तैयार है। परीक्षा की तैयारी वहां रहकर भी कर सकती है, लेकिन विजय इसके लिए तैयार नहीं था।
दोनों में विवाद हुआ और विजय ने फाइनली रुचिका से कहा कि वो उससे पीछा छुड़ाना चाहता है। रुचिका का दिल टूट गया और अगले ही दिन वो अपने वकील दोस्त की मदद से थाने पहुंची और विजय पर रेप का केस दर्ज करा दिया। विजय काे पता चल गया था कि रुचिका थाने पहुंच गई तो वह फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
(इन मामलों में पहचान उजागर न हो इसलिए हमने पीड़ितों के नाम बदल दिए हैं।)
लिव इन के फेल होने और ट्रेंड में होने के तीन कारण
लिव इन रिलेशनशिप सक्सेस नहीं होने के पीछे के कारण को समझने के लिए हमने इस तरह के केसेस को ग्राउंड लेवल पर डील करने वाले 5 एक्सपर्ट का एक पैनल बनाया। सभी से बात करने के बाद पता चला कि लिव इन के फेल होने और ट्रेंड में होने के पीछे तीन कारण होते हैं।
- इनफ्लुएंस हो जाना : एक्सपटर्स कहते हैं कि सोसाइटी में लिव इन रिलेशनशिप का प्रचलन तेजी से बढ़ने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है- इनफ्लुएंस (प्रभावित) हो जाना। शहर में जो कपल्स लिव इन में रहते हैं, वो लोकल नहीं होते। जब कोई लड़का या लड़की घर से बाहर किसी दूसरे शहर में काम करने आता है, तो वो अपने आसपास हो रही चीजों को एडॉप्ट करने की कोशिश करता है। हमारे पास जो केस आते हैं, उनमें कई बार ये देखा गया है कि साथ रहने वाले कपल्स अपने साथियों के प्रभाव में आकर लिव इन में रहना शुरू करते हैं। कॉलेज स्टूडेंट्स इनमैच्योर होते हैं। वो इन सब चीजों को एंजॉयमेंट के तौर पर लेते हैं। जब विवाद हो जाता है तो वो पुलिस के पास आते हैं।
- फाइनेंशियल एडजस्टमेंट : ज्यादातर प्रोफेशनल कपल्स एक साथ काम कर रहे होते हैं। वो म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के साथ अपने फाइनेंशियल इश्यूज को सॉल्व करने के लिए साथ में रहना तय करते हैं। बाद में कपल्स के बीच फाइनेंस ही इश्यू बन जाता है। कई केसेस ऐसे आते हैं, जिनमें लड़का या लड़की अपने साथी पर ठगी करने या पैसे लेकर फरार होने का आरोप लगाते हैं।
- सेक्सुअल डिजायर : अधिकतर लड़कों के लिए लिव इन का मतलब सेक्सुअल डिजायर पूरा करने से होता है। बहुत सी लड़कियां ट्रैप होती हैं। लिव इन के दौरान फिजिकल रिलेशन कंसर्न से बनाया गया होता है, कोर्ट में इस तरह के केस कमजोर हो जाते हैं। ऐसे मामलों में ज्यादातर लड़के शादी का वादा करते हैं, ताकि लड़कियां उनके साथ रहने लगे और उनकी सेक्सुअल डिजायर पूरी होती रहे। बाद में वो मुकर जाते हैं। हालांकि, कुछ केसेस में ये उल्टा भी होता है यानी लड़कियां भी अपनी डिजायर पूरी करने के लिए ऐसा करती हैं।
कानून के लिए लिव इन रिलेशनशिप कंफ्यूजन
लिव इन रिलेशनशिप के कानूनी पक्ष पर बात करने से पहले ये समझ लेते हैं कि ये रिश्ता वास्तव में है क्या? लिव इन रिलेशनशिप एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत दो वयस्क आपसी सहमति से एक घर में रहते हैं। इसमें ये जरूरी नहीं कि वो विवाहित हों या उनके बीच कोई औपचारिक रिश्ता हो। ये भी जरूरी नहीं कि दोनों वयस्कों के बीच कोई यौन संबंध हो।
लिव इन का सीधा मतलब को हैबिटेंट्स यानी साथ रहने वाले से हैं। दो साथ रहने वाले लड़के, लड़कियां या कोई कपल लिव इन पार्टनर ही कहलाएंगे, लेकिन भारतीय नजरिए से देखें तो दो हेट्रोसेक्सुअल यानी विपरीत लिंग के लोग एक साथ एक घर में बिना किसी फॉर्मल रिलेशनशिप में रह रहे हैं तो उसे लिव इन रिलेशनशिप माना जाता है।





