*हजारों लोगों ने हस्ताक्षर कर उप मंडी बनाए जाने की की मांग*
इंदौर। संयुक्त किसान मोर्चा और निरंजन को मंडी व्यापारी संघ द्वारा आज सुबह से ही निरंजनपुर मंडी में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। पिछले करीब 50 साल से पहले राजकुमार में और उसके बाद निरंजनपुर में लगने वाली मंडी को कृषि उपज मंडी के तहत उप मंडी नहीं बनाया जा रहा है। इससे व्यापारी, नागरिक और किसान सभी परेशान हैं । लगातार शासन से इस मंडी को उप मंडी का दर्जा दिए जाने की मांग की जाती रही है, लेकिन उस मांग की ओर कोई ध्यान नहीं दिए जाने के चलते आज किसानों व्यापारियों ने सुबह से मंडी में हस्ताक्षर अभियान चलाया जिसमें न केवल किसानों, व्यापारियों ने बल्कि मंडी में खरीदी करने वाले उपभोक्ताओं ने भी हस्ताक्षर कर मांग का समर्थन किया ।
यह हस्ताक्षर अभियान निरंजनपुर मंडी व्यापारी संघ और संयुक्त किसान मोर्चा ने संयुक्त रूप से चलाया । अभियान का नेतृत्व किसान मोर्चा के रामस्वरूप मंत्री, बबलू जाधव, व्यापारी संघ के अध्यक्ष बबलू केसरी, सचिव कमल खींची ने किया । हस्ताक्षर अभियान में प्रमुख रूप से व्यापारी संघ की ओर से राजेश भांजा, राजेश चौकसे, विकास चौकसे, किसान मोर्चा की ओर से लखन सिंह डाबी, बबलू जाधव ,लखन जाधव, विक्रम सिंह जाधव, शैलेंद्र पटेल आदि शरीक थे ।

सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चले हस्ताक्षर अभियान में करीब 20000 लोगों ने हस्ताक्षर कर निरंजनपुर मंडी को उप मंडी बनाए जाने की मांग का समर्थन किया।
गौरतलब है कि इस मंडी को उपमंडी बनाए जाने के लिए व्यापारी संघ और किसान मोर्चा लगातार मांग कर रहा है । इस संबंध में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी और क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला से भी मुलाकात कर उन्हें समस्या से अवगत कराया है । उन्होंने उपमंडी बनाए जाने की मांग का न केवल समर्थन किया है बल्कि उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और मुख्यमंत्री जी से व्यापारियों, किसानों को मिलवाने का वादा भी किया है ।उसी के तहत आज हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और यह हजारों हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन मुख्यमंत्री से मुलाकात के वक्त दिया जाएगा। तथा मांग की जाएगी कि चुनाव के पूर्व ही निरंजनपुर मंडी को उपमंडी घोषित किया जाए ।
स्मरणीय है कि 10 दोनों किसान नेताओं और व्यापारी संगठन के पदाधिकारी के साथ कृषि उपज मंडी समिति के सचिव नरेश परमार ने की निरंजनपुर मंडी का दौरा किया था मंडी समिति को भी इस मंडी को को उप मंडी बनाए जाने में कोई आपत्ति नहीं है । बशर्ते विकास प्राधिकरण मंडी की भूमि को कृषि उपज मंडी को सौप दे ।





