अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

जन्माष्टमी पर जेल की तरह सजी श्रीकृष्ण जन्मभूमि

Share

देश में जन्माष्टमी की धूम है। कृष्ण मंदिरों में दर्शन के लिए लोगों की लाइनें लगी हुई हैं। लोग नाच-गाकर भगवान कृष्ण के जन्मदिन की खुशी मना रहे हैं। देशभर के मंदिरों को आज सुंदर रोशनी से सजाया गया है।

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह को जेल की तरह सजाया गया है। वृंदावन में बांके बिहारी रात में बंदियों की बनाई पोशाक पहनेंगे। इसे मथुरा जेल में सजा काट रहे बंदियों ने 15 दिन में तैयार किया। रेशम के धागे से बनी यह ड्रेस हल्के पीले रंग की है।

गुजरात और महाराष्ट्र में कई जगहों पर दही-हांडी फोड़ने के कॉम्प्टीशन हो रहे हैं। मुंबई के ठाणे में दही-हांडी उत्सव मनाया जा रहा है। गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर से श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण की झांकी निकाली।

जन्माष्टमी के ब्रह्म मुहूर्त से अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त तक व्रत करना चाहिए। इसके बाद अगले दिन रोहिणी नक्षत्र खत्म होने पर व्रत खोलना चाहिए। कुछ लोग रात में 12 बजे के बाद ही व्रत पूरा कर देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। 

इस साल दो दिन मनाई जाएगी जन्माष्टमी
देश के कई शहरों में बुधवार को जन्माष्टमी मनाई गई। रात 12 बजे मंदिरों और घरों में लोगों ने भगवान कृष्ण की पूजा की। हालांकि देश के कई बड़े मंदिरों में आज (7 सितंबर) को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इन मंदिरों में मथुरा का कृष्ण जन्मभूमि मंदिर, वृंदावन का बांके बिहारी और द्वारका का द्वारकाधीश मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों में 7 और 8 सितंबर की दरमियानी रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव होगा।

गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में श्रीकृष्ण भगवान का श्रृंगार करने के बाद आरती की गई।

गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर में श्रीकृष्ण भगवान का श्रृंगार करने के बाद आरती की गई।

मुंबई में दही हांडी का खेल खेलते लोग। महाराष्ट्र सरकार ने प्रो गोविंदा नाम से कॉम्पिटिशन आयोजित किया है।

मुंबई में दही हांडी का खेल खेलते लोग। महाराष्ट्र सरकार ने प्रो गोविंदा नाम से कॉम्पिटिशन आयोजित किया है।

मुंबई में काली माता की वेशभूषा में तैयार महिलाओं ने दही हांडी का खेल खेला और नृत्य किया।

मुंबई में काली माता की वेशभूषा में तैयार महिलाओं ने दही हांडी का खेल खेला और नृत्य किया।

बद्रीनाथ धाम में जन्माष्टमी की रौनक छाई है। मंदिर को सुंदर रोशनी से सजाया गया है।

बद्रीनाथ धाम में जन्माष्टमी की रौनक छाई है। मंदिर को सुंदर रोशनी से सजाया गया है।

मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर गुरुवार को मंगला आरती हुई।

मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर गुरुवार को मंगला आरती हुई।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव का श्रीकृष्ण स्वरूप में शृंगार किया गया।

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव का श्रीकृष्ण स्वरूप में शृंगार किया गया।

जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बुधवार को बांके बिहारी के लिए मंदिर प्रशासन को ड्रेस भेंट की।

जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बुधवार को बांके बिहारी के लिए मंदिर प्रशासन को ड्रेस भेंट की।

जन्माष्टमी के मौके पर भोपाल में राधा-कृष्ण की तरह तैयार हुए बच्चे।

जन्माष्टमी के मौके पर भोपाल में राधा-कृष्ण की तरह तैयार हुए बच्चे।

आगरा में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में श्रीकृष्ण जन्म के दृश्य की झांकी प्रस्तुत की।

आगरा में श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में श्रीकृष्ण जन्म के दृश्य की झांकी प्रस्तुत की।

पुरी के सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने 5 सितंबर को पुरी बीच पर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देने के लिए सैंड आर्ट बनाया।

पुरी के सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने 5 सितंबर को पुरी बीच पर जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देने के लिए सैंड आर्ट बनाया।

जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन पहुंच सकते हैं 25 लाख श्रद्धालु

मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली को आकर्षक रूप से सजाया गया है।

मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली को आकर्षक रूप से सजाया गया है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन कान्हा के रंग में रंग गया है। प्रेम मंदिर, बांके बिहारी, रंगनाथ, द्वारकाधीश, राधा रमण, इस्कॉन समेत 25 मंदिर रोशनी से जगमगा रहे हैं। जन्माष्टमी पर 25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के मथुरा आने की संभावना है। ​​​​

राजस्थान के सांवलिया सेठ में 1 हजार ड्रोन आसमान में दिखाएंगे कृष्ण

यराजस्थान के मंदिरों में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां हो चुकी है। जयपुर के गोविंद देवजी, चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ और नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में सुबह से भक्तों की लंबी लाइन लगी हुई है।

सांवलिया सेठ में पहली बार 1 हजार ड्रोन आसमान में कृष्ण लीला दिखाएंगे। तो राजसमंद के कांकरोली और नाथद्वारा मंदिर में रात 12 बजे बंदूक और तोप की सलामी दी जाएगी।

गुजरात के द्वारका मंदिर में रात 2:30 बजे तक हो सकेंगे भगवान कृष्ण के दर्शन

जन्माष्टमी को लेकर गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंदिर में रात 12 बजे से लेकर 2:30 बजे तक भगवान के दर्शन हो सकेंगे। भगवान द्वारकाधीश को अर्पित की जाने वाली पोशाक बाघा से लेकर राजाधिराज तक कई रत्नों से सुसज्जित हैं।

गोकुल में कृष्ण जन्म से पहले छठी: लाला की छीछी की एक बूंद के लिए उमड़ते भक्त; बच्चे की मांगते हैं मन्नत

जन्माष्टमी वैसे तो पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन गोकुल का नजारा थोड़ा अलग होता है। लगभग 5000 साल पहले द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने अपने बचपन के 11 साल एक महीना इसी जगह पर बिताए थे।

गोकुल के नंद चौराहे पर लाला की छीछी बांटी जाती है। छीछी दही, हल्दी, चंदन पाउडर, पुष्प आदि का मिश्रण कर तैयार की जाती है। जिस श्रद्धालु पर शोभायात्रा में यह छीछी पड़ जाती है, वह समझता है कि भगवान का आशीर्वाद मिल गया।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें