उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे,पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के गिलगित बाल्टिस्तान में आतंकी हमला, 8 लोगों की मौत,भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आज बेंगलुरु में खेला जाएगा 5वां टी20 मुकाबला,तमिलनाडु के चेंगलपट्टी में बड़ा हादसा, खाई में गिरी बस, 1 शख्स की की मौत 20 घायलभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बंपर जीत हासिल की है। बीजेपी ने पीएम मोदी के नेतृत्व में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जमकर प्रचार किया था। बीजेपी की जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस की हार के पीछे कहीं ये वजह तो नहीं… 2024 से पहले विपक्ष के सामने आया ये बड़ा सवाल
रविवार को सामने आए हिंदी पट्टी के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीगढ़ के नतीजे कांग्रेस के लिए ही नहीं, बल्कि विपक्षी एकजुटता के लिए भी किसी बड़े झटके से कम नहीं माने जा रहे। इन नतीजों ने न सिर्फ कांग्रेस से दो राज्यों राजस्थान व छत्तीसगढ़ की सरकार छीनकर एक राज्य में मध्यप्रदेश में लंबे अरसे से सत्ता से दूर पार्टी के सत्ता में आने का सपना तोड़ दिया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उसकी हैसियत व कद को भी जोरदार झटका दिया है। कर्नाटक व हिमाचल प्रदेश में हुई जोरदार जीत के बाद कांग्रेस विपक्षी गठबंधन इंडिया में मजबूत धुरी बनने की राह पर थी, उसमें यह हार एक बड़ हिचकोला सबित होने जा रही है। वहीं इन नतीजों का एक बड़ा नुकसान राहुल गांधी को भी होने जा रहा है, जिन्होंने पिछले साल अपनी भारत जोड़ो यात्रा के जरिए देश में कांग्रेस के लिए न सिर्फ एक माहौल बनाने की कोशिश की, बल्कि खुद को एक गंभीर नेता के तौर पर सामने रखते दिखाई दिए। दरअसल, इस यात्रा के बाद मल्लिकार्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष होने के बावजूद लोगों के बीच कांग्रेस का चेहरा राहुल गांधी बन चुके थे।
पाकिस्तान ने अफगान नागरिकों के लिए बंद की तोरखम सीमा, अवैध अप्रवासियों को निकालने का अभियान जारी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हजारों अफगानियों की वार्षिक आमद को देखते हुए यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। खासतौर पर वे लोग जो कैंसर जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थितियों से पीड़ित हैं और पड़ोसी देशों में इलाज चाहते हैं, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा, तोरखम सीमा, बिना पासपोर्ट और वीजा वाले अफगान नागरिकों के लिए बंद कर दी गई है, क्योंकि पाकिस्तानी सरकार ने अफगान प्रवासियों को वापस लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में सूचना और संस्कृति विभाग ने एक बयान जारी कर वीजा और पासपोर्ट सहित उचित दस्तावेज की कमी वाले मरीजों के लिए तोरखम सीमा को बंद करने की पुष्टि की। पहले, बिना पासपोर्ट और वीजा वाले मरीजों को अफगानिस्तान में सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी के अधीन, तोरखम क्रॉसिंग के माध्यम से पाकिस्तान में प्रवेश करने की अनुमति थी।
इलाज के लिए पड़ोसी देश जाना चाहते हैं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हजारों अफगानियों की वार्षिक आमद को देखते हुए यह निर्णय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। खासतौर पर वे लोग जो कैंसर जैसी गंभीर चिकित्सीय स्थितियों से पीड़ित हैं और पड़ोसी देशों में इलाज चाहते हैं, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है।
सीमा नियंत्रण को कड़ा करने और अफगान प्रवासियों को वापस लाने के लिए पाकिस्तान का हालिया कदम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के पहले के आह्वान के साथ मेल खाता है, जिसमें पाकिस्तान को मानवाधिकार तबाही की संभावना का हवाला देते हुए निष्कासन प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा गया था।
कड़ाके की सर्दी के बीच अफगान प्रवासियों का निष्कासन जारी है, जिससे अफगानिस्तान में पहले से ही गंभीर मानवीय संकट और बढ़ गया है। छोड़ने के लिए मजबूर, अफगान प्रवासी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से जूझ रहे हैं, खासकर गंभीर सर्दियों के मौसम को देखते हुए, जो देश में गंभीर मानवीय स्थिति को और बढ़ा देता है। इन घटनाक्रमों के जवाब में, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा दायर एक याचिका की समीक्षा शुरू की है।
प्रेस रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में स्थिति के चल रहे कानूनी और मानवाधिकार आयामों पर प्रकाश डालते हुए, पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों के निष्कासन को रोकने का आग्रह किया गया है।
खैबर पख्तूनख्वा से लाए गए 253,068 अवैध अफगान आप्रवासी
पाकिस्तान में अवैध अफगान आप्रवासियों को वापस लाने के लिए चल रहे अभियान के तहत, 2 दिसंबर तक कुल 253,068 लोग तीन सीमा बिंदुओं के माध्यम से वापस आए। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत, एआरवाई न्यूज ने सोमवार को सूचना दी। पाकिस्तान स्थित एक मीडिया आउटलेट ने केपी गृह विभाग का हवाला देते हुए बताया कि 248,890 अप्रवासियों को तोरखम के माध्यम से, 3,479 लोगों को अंगोर अड्डा वजीरिस्तान के माध्यम से, और 698 लोगों को खरलाची कुर्रम जिले के माध्यम से वापस लाया गया।
इसके अलावा, इस्लामाबाद से 114, पंजाब से 873 और आज़ाद कश्मीर से 24 लोगों सहित कुल 5064 लोगों को खैबर पख्तूनख्वा के माध्यम से निर्वासित किया गया था।
इससे पहले, कार्यवाहक प्रांतीय सूचना मंत्री जान अचकजई ने सरकार के संकल्प को दोहराया और कहा कि अवैध अप्रवासियों को किसी भी कीमत पर उनके देश वापस भेजा जाएगा।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने जीती 7 सीटें ओवैसी ने कह दी बड़ी बात

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने जीती 7 सीटें ओवैसी ने कह दी बड़ी बात पिछली बार 7 सीटें जीतने वाली AIMIM ने फिर से इन सातों सीटों पर वापसी की है. पुराने हैदराबाद से इतर ओवैसी ने दो और सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए.
AIMIM के लिए तेलंगाना में विस्तार करना मुश्किल हो रहा है. पार्टी ने अभी तक सबसे ज्यादा 7 सीटें जीती हैं. ओवैसी इस संख्या को बढ़ाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. इसलिए ओवैसी ने इस बार जुबली हिल्स में भी उम्मीदवार उतारा है, लेकिन मनमुताबिक नतीजे मिलते नहीं दिख रहे हैं. पुराने हैदराबाद को ओवैसी का मजबूत गढ़ माना जाता है. हालांकि, पार्टी पुराने हैदराबाद से बाहर पतंग नहीं उड़ा पा रही है.
बाबा बालक नाथ ने मठ की सियासी पारी को नया मुकाम दिया, अब सीएम पद की दौड़ में

राजस्थान की तिजारा सीट से विधानसभा का चुनाव जीतने वाले मठ के तीसरे महंत बने हैं। अब वह सीएम पद की दौड़ में भी है। महंत श्रयोनाथ ने हुड्डा परिवार को दो बार किलोई हलके से हराया था, चांदनाथ राजस्थान के बहरोड़ से विधायक बने थे।
रोहतक के अस्थल बोहर मठ के महंत बाबा बालक नाथ ने राजस्थान की तिजारा सीट से विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सियासत में नया अध्याय जोड़ दिया है। राजनीति में उतरने वाले वह बाबा मस्तनाथ मठ के तीसरे महंत हैं। अब सियासत के अंदर उनको राजस्थान के मुख्यमंत्री की दौड़ में आगे माना जा रहा है।
बाबा मस्तनाथ मठ का राजनीति से पुराना नाता रहा है। मठ के महंत श्रयोनाथ ने तीन बार किलोई हलका से विधानसभा चुनाव लड़ा। 2009 से पहले गढ़ी-सांपला किलोई हलके का नाम किलोई रहा, जबकि हसनगढ़ अलग हलका बना हुआ था। परिसीमन के बाद हसनगढ़ को खत्म करके किलोई हलका में विलय कर दिया गया। साथ ही हलका का नया नाम गढ़ी-सांपला-किलोई रख दिया गया। क्योंकि गढ़ी सांपला दीनबंधु सर छोटूराम का पैतृक गांव रहा है।
1966 में प्रदेश का गठन होने के बाद पहला विधानसभा चुनाव 1967 में हुआ, जिसमें किलोई हलका से बाबा मस्तनाथ मठ के महंत श्रयोनाथ व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह हुड्डा के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें महंत निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर विजयी रहे। हालांकि एक साल बाद मध्यावधि चुनाव में रणबीर सिंह हुड्डा ने महंत श्रयोनाथ को हरा दिया था। 1972 में महंत श्रयोनाथ ने पिछली हार का बदला लेते हुए रणबीर सिंह हुड्डा के बेटे कैप्टन प्रताप सिंह को हरा दिया था।
2004 में विधायक और 2014 में सांसद बने महंत चांदनाथ
बाबा बालकनाथ के गुरु महंत चांदनाथ ने 2004 के उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर राजस्थान की बहरोड़ सीट से चुनाव लड़ा, जिसमें चांदनाथ ने पार्टी के बागी जसवंत सिंह यादव को 13 हजार वोट से हरा दिया था। 2014 में भाजपा ने उनको अलवर से लोकसभा चुनाव का टिकट दिया।
उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता जितेंद्र सिंह को हराकर जीत हासिल की। 2017 में महंत चांदनाथ का देहांत हो गया था। उनके शिष्य एवं मठ के गद्दीनशीन महंत बालकनाथ ने अलवर से लोकसभा चुनाव लड़ा और विजयी रहे। भाजपा ने नया प्रयोग करते हुए राजस्थान में कई सांसद को विधानसभा चुनाव लड़वाया, जिसमें महंत बालकनाथ को अलवर जिले की तिजारा सीट से उतारा, जहां वे जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं।
कर्ज में डूबे कपड़ा व्यापारी ने खुद को मारी गोली, शव के पास मिला सुसाइड नोट

अलीगढ़ के मेडिकल रोड स्थित रिफा पैलेस अपार्टमेंट के सी-फाइव फ्लैट में रहने वाले नदीम खान का शाहजमाल में कपड़े का कारखाना है। परिवार में पत्नी के अलावा बेटा व बेटी हैं, जो स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। नदीम पिछले कुछ समय से खुद पर हुए कर्ज को लेकर तनाव में रह रहे थे। नदीम ने खुद को कमरे में बंद कर लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश से बढ़ा ठंडक का अहसास

दिल्ली के आसपास के इलाकों में भी बूंदाबांदी की खबर है।दिल्ली-एनसीआर में कल रात से हो रही बूंदाबांदी और हल्की बारिश से मौसम ठंडा हो गया है। कल देर रात से चला छिटपुट बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है। इससे ठंड का अहसास बढ़ गया है। दिल्ली के आसपास के इलाकों में भी बूंदाबांदी की खबर है।
बारामूला जिले के कनलीबाग इलाके में लगी भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर

दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के कनलीबाग इलाके में भीषण आग की खबर है। दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।
तेलंगाना में भाजपा का बढ़ा जनाधार, सीटें एक से बढ़कर हुईं आठ, वोट प्रतिशत दोगुना

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2018 तेलंगाना विधानसभा चुनावों में सिर्फ एक सीट जीतने वाली भाजपा का वोट शेयर लगभग दोगुना हो गया है। 2018 में भाजपा का वोट शेयर मात्र सात प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 13.88 प्रतिशत हो गया है। भाजपा ने दो उपचुनावों में जीत दर्ज की थी।
पिछले चुनाव (2018) में एक सीट सीटने वाली पार्टी ने पांच साल बाद फिर चुनाव लड़ा और इस बार आठ सीटों पर जीत दर्ज की। दक्षिण की राजनीति में इसे पार्टी की सफलता करार दिया गया है। यह पार्टी कोई और नहीं सिर्फ भाजपा है। भाजपा ने पिछले बार से यहां सात सीटें अधिक जीतीं हैं। लोकसभा चुनावों से पहले दक्षिणी राज्य में भाजपा ने अपनी स्थिति में सुधार किया है।
दो उपचुनावों में भी भाजपा ने दर्ज की जीत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2018 तेलंगाना विधानसभा चुनावों में सिर्फ एक सीट जीतने वाली भाजपा का वोट शेयर लगभग दोगुना हो गया है। 2018 में भाजपा का वोट शेयर मात्र सात प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 13.88 प्रतिशत हो गया है। भाजपा ने दो उपचुनावों में जीत दर्ज की थी। तेलंगाना के भाजपा नेता केवीआर ने मुख्यमंत्री केसीआर और पीसीसी प्रमुख रेवंत रेड्डी को हराया है। केवीआर ने केसीआर को 6,741 वोटों से मात दी है। हालांकि, भाजपा के तीन सांसद चुनाव हार गए।
बंदी संजय कुमार भी हारे
हमेशा सुर्खियों में रहने वाले टी राजा सिंह हैदराबाद शहर के गौशमहल से चुनाव जीत गए हैं। गौशमहल सीटे से यह उनकी हैट्रिक है। वहीं, भाजपा के सांसद पूर्व राज्य प्रमुख बंदी संजय कुमार 3,163 वोटों से हार गए हैं। निजामाबाद सांसद डी अरविंद अपने बीआरएस प्रतिद्वंदी कल्वाकुंटला संजय से 10,000 से अधिक वोटों से हार गए। सोयम बापुराव बीआरएस के अनिल जादव से हार गए।
कांग्रेस की स्थिति भाजपा से बेहतर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा को पहले बीआरएस के लिए एक प्रमुख चुनौती के रूप में देखा जा रहा था लेकिन कांग्रेस के कर्नाटक जीतते ही तेलंगाना में भी कांग्रेस की स्थिति भाजपा से बेहतर हो गई। हालांकि, कांग्रेस इस स्थिति को बनाए रखने में कामयाब भी रही। कांग्रेस ने आरोप लगाए थे कि भाजपा और बीआरएस के बीच गुपचुप सांठ-गांठ हो चुकी है।
तेलंगाना भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने की पार्टी की तारीफ
केंद्रीय मंत्री और भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने राज्य में पार्टी के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि पार्टी का वोट शेयर दोगुना हो गया है। हमने राज्य में आठ सीटें जीत ली हैं। रेड्डी ने उम्मीद जताई है कि अगले लोकसभा चुनाव में वे बड़ी जीत दर्ज होगी। उन्होंने वेंकट रमण रेड्डी की भी प्रशंसा की।
फिलीपींस में फिर आया शक्तिशाली भूकंप, 6.8 मापी गई तीव्रता

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि तड़के करीब 01:20 बजे भूकंप आया। इसका केंद्र मिंडानाओ में 82 किमी की गहराई में था। समाचार लिखे जाने तक घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
फिलीपींस में सोमवार तड़के फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.8 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि तड़के करीब 01:20 बजे भूकंप आया। इसका केंद्र मिंडानाओ में 82 किमी की गहराई में था। समाचार लिखे जाने तक घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इससे पहले शनिवार को दक्षिणी फिलीपींस में शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें एक व्यक्ति की जान गई थी। भूकंप के कारण सुनामी की चेतावनी के बाद हजारों लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, बाद में सुनामी की चेतावनी वापस ले ली गई थी।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई थी, जो मिंडानाओ द्वीप के तट के समीप 32 किमी की गहराई में था। इसके बाद रविवार को कई घंटों के दौरान 6.0 तीव्रता से अधिक के चार बड़े झटके आए। इसके बाद पूरे प्रशांत क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। मिंडानाओ के पूर्वी तट के निवासियों ने इमारतों को खाली कर दिया, साथ ही एक अस्पताल भी खाली कर दिया गया था।
अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने शुरुआत में फिलीपींस तट के कुछ हिस्सों में तीन मीटर (10 फीट) तक की लहरें उठने का अनुमान लगाया था, लेकिन बाद में सुनामी का कोई खतरा नहीं होने की घोषणा की। बयान में कहा गया कि सभी उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर भूकंप से सुनामी का खतरा अब टल गया है। जापान के दक्षिण-पश्चिमी तट पर एक मीटर (3.2 फीट) तक की सुनामी लहरें उठने की आशंका जताई गई थी।
संसद का शीतकालीन सत्र आज से, इंडिया गठबंधन के नेताओं से मिलेंगे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेता संसद के अंदर और बाहर भाजपा से मुकाबले की अपनी रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार सुबह बैठक करेंगे। कांग्रेस को तीन राज्यों में करारी हार मिली है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अगर विपक्ष ने संसद को बाधित किया तो उसे इससे भी बुरे नतीजे भुगतने होंगे।
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसके बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में मिली हार से निराश विपक्ष एकजुट होकर सत्तारूढ़ भाजपा पर बेरोजगारी, महंगाई, मणिपुर हिंसा और जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर हमला बोलेगी। वहीं शानदार जीत से उत्साहित भाजपा आक्रामक तरीके से विपक्ष पर पलटवार करेगी। सत्र के दौरान कई अहम बिलों के अलावा तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की सिफारिश वाली रिपोर्ट भी पेश किए जाने की उम्मीद है।
ग्रेस को तीन राज्यों में करारी हार
विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेता संसद के अंदर और बाहर भाजपा से मुकाबले की अपनी रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार सुबह बैठक करेंगे। कांग्रेस को तीन राज्यों में करारी हार मिली है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अगर विपक्ष ने संसद को बाधित किया तो उसे इससे भी बुरे नतीजे भुगतने होंगे।
विधायी एजेंडा पेश
सरकार ने शीतकालीन सत्र की 15 बैठकों के लिए भारी-भरकम विधायी एजेंडा पेश किया है। इसमें औपनिवेशिक युग के आपराधिक क़ानूनों को बदलने के लिए प्रमुख विधेयक व चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए मसौदा कानून शामिल है। साथ ही सांसद महुआ के निष्कासन को लेकर संसदीय आचार समिति की सिफारिश भी संसद में पेश की जाएगी। कहा जा रहा है कि सरकार समिति की सिफारिश अपनाने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पेश करेगी।
इंडिया गठबंधन दलों के नेताओं की मुलाकात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद इंडिया गठबंधन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सोमवार को गठबंधन दलों के संसदीय दल के नेता कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे से उनके चैंबर में मुलाकात करेंगे। सभी विपक्षी नेता संसद में अपनी फ्लोर रणनीति पर चर्चा करेंगे।
बंधकों की रिहाई के लिए हमास से बातचीत कर रहा इस्राइल, पीएम नेतन्याहू का रणनीतिक फैसला लेने पर जोर

कैसलमैन ने वीरतापूर्वक हस्तक्षेप करके लोगों की जान बचाई, लेकिन इस प्रक्रिया में दुखद रूप से उसने अपनी जान गंवा दी। नेतन्याहू ने शोक व्यक्त किया और घटना की व्यापक जांच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य अभियानों के माध्यम से गाजा में बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए चल रहे प्रयासों पर चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेतन्याहू ने युद्ध कैबिनेट द्वारा रणनीतिक और सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
लिकुड पार्टी के सदस्यों को हाल ही में एक संबोधन में, नेतन्याहू ने युद्ध के दौरान लिकुड मंत्रियों और सांसदों से सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्हें विशेष रूप से सलाह दी गई कि युद्ध के समय अपने शब्दों में सावधान रहें और सुरक्षा बलों की आलोचना के संबंध सहित व्यक्तिगत बहस से बचें।
नेतन्याहू ने दक्षिणी और उत्तरी दोनों मोर्चों पर एकता बनाए रखने और ध्यान केंद्रित करने के महत्व को रेखांकित किया। रिपोर्ट के अनुसार, पीएम ने पिछले गुरुवार को यरूशलम में गोलीबारी के जवाब में नागरिक युवल डोरोन कैसलमैन की घातक गोलीबारी की गहन जांच का भी आह्वान किया।
कैसलमैन के लिए किया शोक व्यक्त
कैसलमैन ने वीरतापूर्वक हस्तक्षेप करके लोगों की जान बचाई, लेकिन इस प्रक्रिया में दुखद रूप से उसने अपनी जान गंवा दी। नेतन्याहू ने शोक व्यक्त किया और घटना की व्यापक जांच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
यह घटना तब सामने आई जब कैसलमैन ने जेरूसलम बस स्टॉप पर गोलीबारी के हमले का जवाब दिया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कैसलमैन को हमलावरों पर अपने हैंडगन से फायरिंग करते हुए दिखाया गया है, इससे पहले कि उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें उनमें से एक समझा जा सकता है।
उसने अपनी पिस्तौल फेंक दी, घुटनों के बल बैठ गया, यह दिखाने के लिए कि उसने आत्मघाती जैकेट नहीं पहना है, अपनी जैकेट खोली और अपने हाथ ऊपर उठा दिए। हमलावरों की कार के दूसरी ओर मौजूद एक वर्दीधारी सैनिक ने कथित तौर पर कैसलमैन के हाथ ऊपर उठाने के बाद उसे गोली मार दी।
प्रारंभ में, इस्राइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने घोषणा की कि वे इस घटना की जांच नहीं करेंगे। हालाँकि, व्यापक मीडिया कवरेज और सार्वजनिक आक्रोश के बाद, इज़राइल पुलिस ने जांच करने के लिए प्रतिबद्धता जताई, जिससे शूटिंग में एक सैनिक की संलिप्तता के कारण आईडीएफ को जांच में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।
पुंछ, जम्मू-कश्मीर: मुगल रोड पर बर्फ हटाने के बाद यातायात सेवा फिर से शुरू हुई।
रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा, ‘आज चार राज्यों के चुनाव के परिणाम आए हैं, हम जनाधार का सम्मान करते हैं… नतीजें निराशाजनक हैं लेकिन हम हताश नहीं हुए हैं… हार कर फिर खड़े होना बहादूर योद्धा का काम है, हमारे कार्यकर्ता बहादूर योद्धा हैं…’




