सनत जैन
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक चार राज्यों के चुनाव परिणाम रहे हैं। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ तेलंगाना के कई बड़े दिग्गज चुनाव में बुरी तरह से पराजित हुए हैं। राजस्थान में विधानसभा के अध्यक्ष सीपी जोशी चुनाव हार गए। अशोक गहलोत सरकार के 25 में से 17 मंत्री चुनाव हार गए हैं। जो बड़े नेता चुनाव हारे हैं उनमें विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ और उप नेता सतीश पूनिया भी हारने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं। पुनिया कुछ दिन पहले तक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे।
राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने अपने 7 सांसदों को चुनाव मैदान में उतरा था। इनमें से तीन सांसद चुनाव मैं पराजित हो गए हैं। मध्य प्रदेश में भी कई बड़े दिग्गज नेता चुनाव हार गए हैं। कृषि मंत्री कमल पटेल उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्ती गांव हार गए हैं। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक रही है। केंद्रीय मंत्री और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और सांसद गणेश सिंह भी विधानसभा का चुनाव हार गए हैं। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह भी लहार से चुनाव हार गए हैं।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा चुनाव हार गए हैं। दुर्ग में भारतीय जनता पार्टी के सांसद विजय बघेल अपना चुनाव हार गए हैं। मध्य प्रदेश के जो चुनाव परिणाम आए हैं, उसमें कांग्रेस पार्टी की दूसरी पीढ़ी के लगभग सभी नेता चुनाव हार गए हैं। चुनाव परिणाम से यह साबित हो गया है कि कांग्रेस की दूसरी पीढ़ी के नेता चुनाव हारने के बाद नेपथ्य में चले गए हैं। पांचो राज्यों के जो चुनाव परिणाम आए हैं, वह सभी को आश्चर्यचकित कर रहे हैं। विशेष रूप से मध्य प्रदेश विधानसभा के चुनाव परिणाम को लेकर आम जनता को भी विश्वास नहीं हो पा रहा है कि इस तरीके के चुनाव परिणाम आ सकते हैं। पांच राज्यों की विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल भी बुरी तरीके से फ़्लॉप साबित हुए हैं। मध्य प्रदेश में जिस तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ हुआ है, वह आश्चर्यचकित करने वाला है। यहां पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। यह माना जा रहा था कि इस बार मतदाताओं में महंगाई और बेरोजगारी को लेकर नाराजगी है।
मतदान के पूर्व मतदाताओं की नाराजी स्पष्ट रूप से जमीनी स्तर पर देखने को मिल रही थी। उसके बाद भी जिस तरीके के चुनाव परिणाम आए हैं, उसने सभी को आश्चर्य में डाल दिया है। भाजपा ने 3 माह पहले 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये थे। उनमें से 24 उम्मीदवारों ने चुनाव जीत लिये हैं। कुछ सीटों पर 20 से 30 साल की समयावधि में भाजपा ने यह सीटें नहीं जीती थी, जो इस चुनाव में जीत ली है। जो जीता वही सिकंदर की तर्ज पर पांच राज्यों के चुनाव परिणाम को लेकर लोग आपस में आश्चर्यजनक चुनाव परिणामों की चर्चा कर रहे हैं।





