लोकसभा में प्रधानमंत्री विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बार चुनाव के बाद आप लोग दर्शक दीर्घा में दिखेंगे। पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव में 400 से ज्यादा सीटें जीतने का भी दावा किया। दिल्ली में मंगलवार को सभी स्कूल नॉर्मल टाइमिंग पर खुलेंगे। उधर, चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि हम लोकतंत्र की हत्या की अनुमति नहीं देंगे। आज ज्ञानवापी मामले में मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई होगी। वहीं उत्तराखंड विधानसभा में पुष्कर सिंह धामी सरकार समान नागरिक संहिता बिल पेश करेगी।
शाहजहां का उर्स आज से, असली कब्रें देख सकेंगे; तीन दिन निशुल्क रहेगा प्रवेश

ताजमहल में छह से आठ फरवरी तक शाहजहां का उर्स आयोजित किया जाएगा। शाहजहां उर्स से जुड़ी कमेटियों और अधिकारियों के बीच बैठक हुई। ताजमहल में तीन दिवसीय उर्स का आगाज मंगलवार को गुस्ल की रस्म के साथ होगा। इसके बाद फातिहाख्वानी और मुशायरे का आयोजन किया जाएगा।शाहजहां का उर्स 6 फरवरी यानि आज से शुरू हो रहा है। तीन दिवसीय उर्स के दौरान 7 फरवरी को दोपहर बाद और 8 फरवरी को पूरे दिन ताजमहल में प्रवेश निशुल्क रहेगा।
ताजमहल उर्स कमेटी के अध्यक्ष सैयद इब्राहीम जैदी ने बताया कि गुस्ल के लिए शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों वाला मुख्य मकबरा दोपहर दो बजे खोला जाएगा। तब कमेटी के सदस्य रस्में अदा करेंगे। इसके बाद जायरीन और अन्य अकीदतमंद मुफ्त में शाम तक ताज में निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। बुधवार को भी दोपहर दो बजे के बाद ताज में प्रवेश निशुल्क रहेगा। बृहस्पतिवार को पूरे दिन प्रवेश निशुल्क रहेगा। सतरंगी चादरें भी उसी दिन पेश की जाएंगी।
सैयद अहमद बुखारी का उर्स 8 तक
दरगाह हजरत सैयद अहमद बुखारी शाह रह. अलैह का 434वां उर्स (जयंती पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रम) मंगलवार से शुरू होगा। ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित दरगाह पर 6 फरवरी से 8 फरवरी तक उर्स का आयोजन किया जाएगा। कमेटी के उपाध्यक्ष मुईन ने बताया कि 6 फरवरी को रात 8:30 बजे मिलाद-शरीफ, 7 फरवरी को रात 9 बजे कव्वाली, 8 फरवरी को कुल शरीफ का आयोजन होगा। सोमवार को इंतजामिया कमेटी की बैठक में हरीश झिलानी, एसपी सिंह, ताराचंद मलौनिया, आसिफ अली आदि उपस्थित रहे।
कच्चा तेल दो साल में 38% सस्ता, ग्राहकों को लाभ नहीं, नौ माह में कंपनियों को 69,000 करोड़ का मुनाफा

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब दो साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है। कंपनियों का अनुमान था कि 2023-24 में कुल सालाना 39,356 करोड़ का मुनाफा होगा। हालांकि, नौ माह में ही उससे ज्यादा लाभ कमा लिया है। तीन सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन 90% बाजार पर काबिज हैं।
कच्चा तेल पिछले दो साल में 38 प्रतिशत सस्ता हुआ है। बावजूद इसके खुदरा ग्राहकों को घरेलू बाजार में कोई राहत नहीं मिली है। तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस दौरान जस का तस रखकर चालू वित्त वर्ष के नौ माह में 69,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाई हैं। यह कंपनियां सस्ता कच्चा तेल खरीद कर महंगे भाव पर पेट्रोल और डीजल बेच रही हैं।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब दो साल से कोई बदलाव नहीं हुआ है। कंपनियों का अनुमान था कि 2023-24 में कुल सालाना 39,356 करोड़ का मुनाफा होगा। हालांकि, नौ माह में ही उससे ज्यादा लाभ कमा लिया है। तीन सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन 90% बाजार पर काबिज हैं।
तीनों कंपनियों ने दो तिमाहियों (अप्रैल-जून और जुलाई-सितंबर) में रिकॉर्ड कमाई दर्ज की। इंडियन ऑयल ने 2021-22 के 9 माह में 24,184 करोड़ और 2020-21 के 9 माह में 21,836 करोड़ मुनाफा कमाया था।
भारी फायदे में पहुंची बीपीसीएल
भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) को 2022-23 के नौ माह में 1,870 करोड़ और 2021-22 में 8,789 करोड़ लाभ हुआ था।
एचपीसीएल को 2022-23 के नौ माह में 11,851 करोड़ और 2020-21 में 6,382 करोड़ का फायदा हुआ था।
दो साल के स्तर पर स्थिर हैं पेट्रोल और डीजल के दाम
सामग्री जून, 2022 फरवरी, 2024
कच्चा तेल भाव 120 डॉलर प्रति बैरल 77 डॉलर प्रति बैरल
पेट्रोल भाव 95 रुपये लीटर 95 रुपये लीटर
डीजल भाव 89 रुपये लीटर 89 रुपये लीटर
इंडियन ऑयल को सर्वािधिक मुनाफा
कंपनी अप्रैल-दिसंबर-2023 2022-23 में पूरे साल
इंडियन ऑयल 34,781 8,242 करोड़ रुपये
बीपीसीएल 22,449 4,608 (घाटा) करोड़
एचपीसीएल 11,851 6,382 करोड़ रुपये
17 रुपये का हो रहा था घाटा
तेल कंपनियों ने छह अप्रैल, 2022 से कीमतों को यथावत रखा है। उन्हें 24 जून, 2022 के समाप्त हफ्ते में पेट्रोल पर 17.40 रुपये और डीजल पर 27.70 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा था।
बंद तहखानों का सर्वे एएसआई से कराने की मांग, आज होगी सुनवाई; मसाजिद कमेटी दाखिल करेगी आपत्ति

ज्ञानवापी में जो तहखाने दृश्यमान हैं, उनके अलावा भी अन्य तहखानों के होने की संभावना जताई गई है। ज्ञानवापी के दक्षिण तहखाने के समीप कुएं भी हैं। जिन तहखानों में सर्वे नहीं हुआ है, वहां प्राचीन ज्ञानवापी मंदिर का गर्भगृह होने की संभावना है। इसलिए अदालत से अनुरोध किया गया है कि सभी तहखानों का मलबा हटा कर साफ-सफाई करा कर उनका एएसआई से सर्वे कराया जाए।प्रभारी जिला जज अनिल कुमार पंचम की अदालत में आवेदन देकर सोमवार को ज्ञानवापी के बंद तहखानों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे कराने की मांग की गई। यह आवेदन मां शृंगार गौरी केस की वादिनी राखी सिंह की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने दाखिल किया है। अदालत ने प्रकरण की सुनवाई की तिथि छह फरवरी नियत की है।
अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कहा कि एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ज्ञानवापी में आठ तहखाने हैं। इनमें से एस-1 और एन-1 तहखाना का सर्वे नहीं हुआ है। क्योंकि इन दोनों तहखानों के भीतर प्रवेश करने का जो रास्ता है उसे ईंट-पत्थर से बंद कर दिया गया है। ज्ञानवापी में जो तहखाने दृश्यमान हैं, उनके अलावा भी अन्य तहखानों के होने की संभावना जताई गई है। ज्ञानवापी के दक्षिण तहखाने के समीप कुएं भी हैं।
जिन तहखानों में सर्वे नहीं हुआ है, वहां प्राचीन ज्ञानवापी मंदिर का गर्भगृह होने की संभावना है। इसलिए अदालत से अनुरोध किया गया है कि सभी तहखानों का मलबा हटा कर साफ-सफाई करा कर उनका एएसआई से सर्वे कराया जाए। उधर, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आवेदन पत्र प्राप्त कर उस पर आपत्ति दाखिल करने की बात कही गई है।
वीजा पर बाइडन का बड़ा फैसला, भारतीयों समेत लगभग एक लाख लोगों को लाभ, साथी-बच्चे भी कर पाएंगे काम

अमेरिका में एच1बी वीजा धारकों बड़ी राहत देते हुए वीजा धारक के पति या पत्नी और बच्चों के लिए काम करने की स्वत: अनुमति व्यवस्था की गई है। इसके लिए व्हाइट हाउस के समर्थन के साथ दोनों दलों ने समझौता किया। इसमें करीब 1 लाख एच4 वीजा धारकों को काम करने की अनुमति मिलेगी। यह सभी एक विशेष श्रेणी एच1बी वीजा धारकों के वैवाहिक साथी और बच्चे हैं। वहीं रविवार को व्हाइट हाउस में दोनों दलों में लंबी बातचीत के बाद घोषित नेशनल सिक्युरिटी एग्रीमेंट के तहत भी एच1बी वीजा धारकों के ढाई लाख बच्चों को राहत दी गई है। इन प्रावधान का भारतीयों को काफी फायदा मिल सकता है, जो बड़ी संख्या में अमेरिका में रह रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा आईटी विशेषज्ञ हैं, जो काफी समय से ग्रीन कार्ड मिलने का भी इंतजार कर रहे हैं। इसके बिना उनके वैवाहिक साथी व बच्चे अमेरिका में काम नहीं कर सकते।
राष्ट्रपति बाइडन के प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। अब अमेरिका में एच1बी वीजा धारकों के साथी व बच्चे भी काम कर पाएंगे। इस फैसले से एक लाख विवाहित लोगों व बच्चों को फायदा मिलेगा। भारतीय लोगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
भारतीयों को ऐसे होगा फायदा
इस बीच भारतीय अमेरिकी आप्रवासियों को इमिग्रेशन रिफॉर्म बिल से भी फायदा मिलेगा। अगले 5 साल तक हर साल रोजगार ग्रीन कार्ड 18 हजार ज्यादा जारी होंगे। एच1बी वीजा धारकों के वैवाहिक साथी और बच्चों को एच4 वीजा दिए जाते हैं। कानूनी तौर पर अमेरिका आकर काम करने वाले माता-पिता के बच्चों को 21 वर्ष से अधिक उम्र का होने पर ‘ऐज्ड आउट’ माना जाता है। नए प्रावधानों में यह बच्चे अगर 21 साल के होने से पहले 8 साल से अमेरिका में हैं, यानी एच4 वीजा धारक बने हुए हैं, तो उन्हें अस्थायी तौर पर अमेरिका में रहने व काम करने की अनुमति मिल जाएगी।
शरणार्थियों को काम के लिए 180 दिन इंतजार नहीं
बाइडन ने बताया कि नई व्यवस्था में अमेरिका पहुंचे शरणार्थियों को स्क्रीनिंग के बाद काम की अनुमति देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। उनके लिए कानूनन 180 दिन का वेटिंग पीरियड निर्धारित है। नई व्यवस्था में वे काफी पहले से काम करने योग्य माने जाएंगे।
ज्यादा सुरक्षित बनेगा अमेरिका : बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बयान जारी किया कि दशकों से आप्रवासियों के लिए व्यवस्था बिगड़ी हुई थी। इसे सुधारने का समय आ गया है। अब अमेरिका को ज्यादा सुरक्षित बनाया जाएगा, सीमा भी सुरक्षित बनेगी और लोगों से उचित व मानवीय व्यवहार होगा।
30 साल में पहली बार बढ़ाई सीमा
व्हाइट हाउस के अनुसार 30 साल में पहली बार आप्रवासी वीजा की सीमा बढ़ाई गई है। हर साल 50 हजार वीजा दिए जाएंगे, इससे अगले पांच साल में 2.50 लाख वीजा जारी होंगे। इनमें 1.60 लाख वीजा परिवार आधारित और 90 हजार रोजगार आधारित होंगे।
इंटर्नशिप में अब रोजगार से पहले सीखेंगे पेशेवर व्यवहार और मूल्य, विश्वविद्यालयों को गाइडलाइन जारी

स्नातक छात्रों को रोजगार से जोड़ने के पहले अब उन्हें इंटर्नशिप में पेशेवर तरीके से व्यवहार, ईमानदारी, नैतिक मूल्य भी सिखाए जाएंगे। इंडस्ट्री की मांग और इंडिया स्किल रिपोर्ट 2022 के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एनईपी 2020 के तहत स्नातक प्रोग्राम के लिए इंटर्नशिप और रिसर्च इंटर्नशिप पॉलिसी 2024 तैयार करके राज्यों और विश्वविद्यालयों को भेज दी है। अब कॉलेज पहले मार्केट सर्वे करेंगे और उसके बाद इंटर्नशिप करवाई जाएगी।
यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने नई इंटर्नशिप पॉलिसी को इंडिया स्किल रिपोर्ट-2022 की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया है। इसके मुताबिक, पिछले तीन साल में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार हुआ है। वर्ष 2020 में यह 45.97 फीसदी तो 2021 में 46.2 फीसदी और 2022 में यह 56 फीसदी तक पहुंच गई है।
इसके अलावा इंटर्नशिप के लिए सुपरवाइजर भी मिलेंगे, जोकि इंडस्ट्री और सरकारी विभागों में जाकर इंटर्नशिप के मौके तलाएंगे। जबकि नोडल अधिकारी पूरी निगरानी करेंगे। छात्रों को इंटर्नशिप में कमाई के साथ बीमा और क्रेडिट भी मिलेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने बताया कि नई इंटर्नशिप पॉलिसी-2024 इंडिया स्किल रिपोर्ट 2022, एनईपी 2020, करिकुलम एंड क्रेडिट फ्रेमवर्क के आधार पर तैयार की गई है।
इसका मकसद स्नातक छात्रों में इंटर्नशिप के माध्यम रोजगार क्षमता में सुधार के साथ उन्हें पेशेवर तरीके से तैयार करना है। शैक्षणिक सत्र 2024 से चार वर्षीय डिग्री और तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के छात्रों को इन्हीं नियमों के तहत इंटर्नशिप होगी। इंटर्नशिप से छात्रों को कक्षाओं में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक दुनिया के बारे में जानने और सीखने का मौका मिलता है। यह व्यावहारिक अनुभव शैक्षणिक शिक्षा और व्यावहारिक कार्यान्वयन के बीच की दूरी को कम करेगी। छात्रों के लिए संचार, टीम वर्क, समस्या-समाधान और समय प्रबंधन सहित कौशल की एक विस्तृत शृंखला को विकसित और बदलावों के बारे में बताना जरूरी था।
88.6 फीसदी को इंटर्नशिप की तलाश
यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने नई इंटर्नशिप पॉलिसी को इंडिया स्किल रिपोर्ट-2022 की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया है। इसके मुताबिक, पिछले तीन साल में युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार हुआ है। वर्ष 2020 में यह 45.97 फीसदी तो 2021 में 46.2 फीसदी और 2022 में यह 56 फीसदी तक पहुंच गई है। इसमें महिलाओं की रोजगार क्षमता 51.44 फीसदी है। जबकि वाणिज्य के क्षेत्र में स्नातक छात्रों की उच्चतम रोजगार योग्यता की रेटिंग लगभग 60.62 फीसदी थी। हालांकि, 88.6 फीसदी ग्रेजुएट इंटर्नशिप की भी तलाश में हैं। वहीं, इंडस्ट्री और कंपनियां कम से कम एक वर्ष का अनुभव रखने वाले कर्मियों को काम पर रखना पसंद करती हैं।
रिसर्च, तकनीक, वैश्विक मांग के आधार पर प्रशिक्षण
इंटर्नशिप में अब रिसर्च इंटर्नशिप जुड़ा है। छात्र को किताबी पढ़ाई और प्रशिक्षण के ज्ञान के साथ उन्हें समाज और आम लोगों के लिए काम आने वाले रिसर्च,स्थानीय बाजार व उद्योगों में काम करना होगा। वैश्विक मांग वाले क्षेत्र (ट्रेड,एग्रिकल्चर, बैकिंग, फाइनेंशियल, इंश्योरेंस, फॉस्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स, टूरिज्म एंड हॉस्पिटेलिटी,पब्लिक व लीगल पॉलिसी,इंवायरमेंट, एजुकेशन, कम्यूनिकेशन,कॉमर्स, छोटे उद्योग,इंटरनेट ऑफ थिकिंग, एआई, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग,रियलिटी – वर्चुअल रियलिटी,हेल्थकेयर, लाइफ साइंस, ऑटोमोटिव, रिटेल, स्पोर्ट्स वेलनेस-फिजिकल एजुकेशन आदि में हाईब्रिड मोड से होगी।
महत्वपूर्ण बिंदु
- केंद्रीयकृत डिजिटल पोर्टल पर सभी छात्रों का पंजीकरण होगा। छात्रों का रोजगार से जोड़ने के लिए रिकार्ड रखा जाएगा। कोई भी नियाेक्ता सीधे इस पोर्टल से छात्र की जानकारी और प्रदर्शन जांच कर सकते हैं।
- हर छात्र को उच्च शिक्षण संस्थान के अलावा संबंधित इंटर्नशिप एरिया (जहां भी इंटर्नशिप के लिए जाएगा) में सुपरवाइजर और मेंटर मिलेगा।
- इंटर्नशिप में मूल्य आधारित कौशल भी जोड़ा जाएगा। स्थानीय उद्योगों और बाजारों के साथ मिलकर भी इंटर्नशिप कराई जाएगी।
- कैंपस में इंडस्ट्री रिलेशंस सेल बनेंगे, यूनिवर्सिटी-इंडस्ट्री डे भी मनाया जाएगा। संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिलेगा। स्टूडेंट करियर काउंसलिंग सेल में विश्वविद्यालय और इंडस्ट्री दोनों के एक्सपर्ट होंगे।
कमाई, बीमा के साथ क्रेडिट डिग्री में जुड़ेंगे
तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम, चार वर्षीय ऑनर्स, चार वर्षीय ऑनर्स विद रिसर्च प्रोग्राम के छात्रों के लिए चौथे वर्ष से इंटर्नशिप शुरू होगी। यह 60 से 120 घंटों की रहेगी, जिसके बदले उन्हें दो से चार क्रेडिट मिलेंगे। इंटर्नशिप में उन्हें रिसर्च प्रोजेक्ट, सोशल प्रोजेक्ट समेत अन्य क्षेत्रों में काम करना होगा। जबकि चार वर्षीय यूजी ऑनर्स विद रिसर्च के छात्रों को आठवें सेमेस्टर से एक अन्य इंटर्नशिप करनी होगी। यह पूरा एक सेमेस्टर चलेगी। इसमें उन्हें आठ से 12 क्रेडिट मिलेंगे। इंडस्ट्री को छात्रों को इंटर्नशिप के बदले पैसे और बीमा सुरक्षा भी देनी होगी।
इमरान-कुरैशी को जेल में करनी होगी मजदूरी, दो जोड़ी जेल वर्दी भी मिली; वीआईपी कैदी का नहीं मिलेगा लाभ
पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके सहयोगी रहे पूर्व विदेश मंत्री एसवाई कुरैशी को जेल नियमावली के मुताबिक मजदूरी करनी होगी। दोनों को दो जोड़ी जेल वर्दी भी दी गई है। दोनों को वीआईपी कैदी का लाभ नहीं मिलेगा।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी के नेता शाह महमूद कुरैशी वीआईपी कैदी होने के बाद भी जेल में श्रम करेंगे। कई मामलों में सजा पा चुके दोनों नेताओं को जेल मैनुअल के मुताबिक श्रम करने के लिए कहा गया है। हालांकि, इमरान को जेल की फैक्टरी, किचन, हॉस्पिटल या गार्डन में नहीं रखा जाएगा, लेकिन उन्हें जेल में प्रशासन या प्रबंधन के काम दिए जा सकते हैं। उधर इमरान खान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वाह मे पुलिस से भिड़ गए।
दो जोड़ी जेल की वर्दी भी मिली
रिपोर्ट्स के मुताबिक इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री को जेल नियमावली के मुताबिक दो जोड़ी जेल वर्दी भी दी गई है। हालांकि, कई मामले अभी भी लंबित हैं, ऐसे में उनके लिए वर्दी पहनना अनिवार्य नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आम चुनाव से पहले इमरान और कुरैश पर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ 150 से अधिक मुकदमे
बता दें कि इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को गोपनीय सूचना लीक करने के मामले 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। दोनों को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गठित की गई विशेष अदालत ने गोपनीय सूचना लीक करने का दोषी पाया। इमरान खान (71 वर्षीय) और शाह महमूद कुरैशी (67 वर्षीय) रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार को अविश्वास मत लाकर बेदखल कर दिया गया था। इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद से उनके खिलाफ अब तक 150 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं।
शादी वाले मामले में सात साल की जेल और पांच लाख जुर्माना
एक अन्य मामले में इमरान और उनकी पत्नी- बुशरा बीबी को अदालत ने सात साल जेल की सजा सुनाई है। बुशरा बीबी के पहले पति खावर मनेका की तरफ से दायर याचिका पर इमरान और बुशरा को दोषी करार दिया। मनेका ने आरोप लगाया गया था कि इमरान और बुशरा ने इस्लामिक नियमों के मुताबिक दो विवाहों के बीच अनिवार्य शर्त- इद्दत (दूसरी शादी से पहले कुछ अवधि का गैप) का पालन नहीं किया। दोनों पर 5-5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
पहाड़ों पर बारिश के साथ बर्फबारी, कश्मीर में हिमस्खलन की चेतावनी

त्तर पश्चिम और निकटवर्ती मध्य और पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। इस दौरान पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ भीषण बर्फबारी भी हुई। कुछ जगहों पर ओले भी गिरे। कश्मीर में हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, बिहार और बंगाल समेत ज्यादातर मैदानी राज्यों में सुबह के समय कोहरा छाया रहा। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार से धूप खिलेगी और दिन में आसमान साफ रहेगा। सुबह के समय कोहरे की स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार आएगा और न्यूनतम तापमान में भी क्रमश: वृद्धि होगी।
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत और उसके लगते मध्य भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई है और यह 10-14 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। यह सामान्य से 2-4 डिग्री ऊपर है। सुबह 5:30 बजे से 8:30 बजे के बीच पंजाब, उत्तर पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग स्थानों में घना से बहुत घना कोहरा देखा गया। इस दौरान पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर और मिजोरम में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्य बारिश हुई और ओले गिरे।
पंजाब-हरियाणा में सुबह कोहरा
पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पंजाब में सबसे कम अमृतसर में 4.2 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री और पटियाला में 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा के अंबाला में 11.5 और हिसार में 10.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
घाटी में बिछी सफेद चादर, सैलानियों के चेहरे खिले
कश्मीर घाटी के कई इलाकों में कई फुट मोटी बर्फ की चादर बिछ गई है। सैलानियों के लिए तो बहार आ गई है, लेकिन आम लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई सड़कें भी बंद हो गई हैं। इनमें जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी है, जिस पर मोटी बर्फ जमी हुई है। हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। इंडिगो ने दिल्ली से जम्मू, श्रीनगर और लेह के लिए अपनी छह उड़ानें रद्द कर दी हंै। खराब मौसम के कारण माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलिकॉप्टर सेवा भी स्थगित रही। भारी हिमपात से पारा लुढ़का है और पहलगाम में शून्य से 11.9 डिग्री नीचे चला गया है। श्रीनगर में भी माइनस 0.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
हिमाचल में दुश्वारियां बरकरार
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी थमने के बाद मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोमवार शाम तक प्रदेश में 1,416 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहने से छह जिलों के कई क्षेत्रों में बिजली गुल रही। प्रदेश में लगातार छठे दिन भी चार नेशनल हाईवे बंद रहे। इसके अलावा 645 सड़कों पर भी आवाजाही ठप रही। प्रदेश में 280 बस रूट और 52 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित रहीं। शिमला सहित राज्य के ऊंचाई वाले कई क्षेत्रों में रविवार रात को भी बर्फबारी हुई। चिरगांव में 35 सेमी, खदराला में 30 सेमी और मनाली में 23.6 सेमी तक बर्फ पड़ी है। कुकुमसेरी, कल्पा, शिमला, मनाली, नारकंडा में न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड हुआ। सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 18.6 डिग्री तक ही पहुंच सका।
उत्तराखंड में दो फुट तक गिरी बर्फ
उत्तराखंड के मुनस्यारी क्षेत्र में रविवार की रात जमकर बर्फबारी हुई। मुनस्यारी में आधा फुट तक हिमपात हुआ, जबकि कालामुनि में दो फुट बर्फ गिरने से यातायात ठप रहा। बीआरओ ने सड़क खोलने के लिए मशीनें लगा दी हैं। मुनस्यारी के मिलम सहित धारचूला की दारमा और व्यास घाटियां भी बर्फ से लकदक हो गई हैं। वहीं, पिथौरागढ़ की तेजम तहसील में सर्वाधिक बारिश हुई है। सोमवार को मुनस्यारी का तापमान अधिकतम एक डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री दर्ज किया गया। अल्मोड़ा जिले में पांडवखोली में भी हिमपात हुआ है। उधर, बागेश्वर के ऊंचाई वाले और नैनीताल के पंगोट इलाके में सुबह बर्फबारी हुई है।
किंग चार्ल्स को हुआ कैंसर
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय को कैंसर हो गया है। बकिंघम पैलेस ने सोमवार को इसकी घोषणा की है। इसके बारे में जानकारी तब हुई जब चार्ल्स पिछले महीने बढ़े हुए प्रोस्टेट के इलाज के लिए लंदन के एक अस्पताल में गए थे। सोमवार को जारी किए गए बयान में कहा गया कि इसका टेस्ट किया गया और इसके कैंसर के एक रूप के होने की जानकारी हुई। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि जिस कैंसर का पता चला है वह प्रोस्टेट नहीं है, लेकिन उन्होंने आगे कोई जानकारी नहीं दी।
‘कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ेंगे, मैं लड़ूंगा’ छिंदवाड़ा में बोले नकुलनाथ
कांग्रेस सांसद और कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ ने कहा कि इस बार भी मैं लोकसभा चुनाव में आपका उम्मीदवार बनूंगा। चारों ओर अफवाहें चल रही हैं कि क्या कमलनाथ या नकुलनाथ चुनाव लड़ेंगे, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि कमलनाथ चुनाव नहीं लड़ेंगे, मैं लड़ूंगा। छिंदवाड़ा में नकुलनाथ ने ये बात कही।
हमेशा मैं एक ही विभाग देखता रहूं ये अच्छा नहीं लगता- जीतन राम मांझी
HAM से 2 मंत्री की मांग पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, ‘मैं गांव से आता हूं। शहर से मेरा कोई मतलब नहीं रहता है। मैं 43 साल से काम कर रहा हूं। लोगों को मुझसे उम्मीद रहती है कि कुछ काम मैं कर दूं। अगर मुझे कोई मंत्रालय मिल जाए तो और काम हो सकता है। हमेशा मैं एक ही विभाग देखता रहूं ये अच्छा नहीं लगता है। हमारे मन में आती है कि जान बूझ कर हमारे समाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। ये कोई रंजिश नहीं है। इसके कारण समर्थन देने और लेने का कोई फर्क नहीं आता है। हम नीतीश जी और एनडीए के साथ हैं और रहेंगे। 12 फरवरी को जो फ्लोर टेस्ट होगा उसमें डट कर हम एनडीए का साथ देंगे।’
इतिहास गवाह है जब भी कांग्रेस आती है महंगाई आती है, लोकसभा में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इतिहास गवाह है जब भी कांग्रेस आती है महंगाई आती है। कभी कहा गया था कि ‘हर चीज़ की कीमत बढ़ जाने की वजह से मुसीबत फैली है, आम जनता उनमें फंसी है।’ यह नेहरू जी ने लाल किले से कहा था, 10 साल बाद भी महंगाई के यही गीत कहे गए थे। देश का पीएम रहते उन्हें 12 साल हो गए थे लेकिन हर बार महंगाई काबू में नहीं आ रही है, महंगाई के कारण आपको मुसीबत हो रही है इसी के गीत गाते रहे थे।”
लोकसभा में मोदी का नेहरू और इंदिरा पर सीधा हमला
पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि कांग्रेस ने देश के सामर्थ्य पर कभी भी विश्वास नहीं किया। वे अपने आप को शासक मानते रहे। जनता जनार्दन को छोटा आंकते रहे। देश के नागरिकों को कैसे सोचते हैं, मैं नाम बोलूंगा तो उनको चुभन होगी। 15 अगस्त को लालकिले से नेहरू ने कहा था- हिंदुस्तान में मेहनत करने की आदत आमतौर पर नहीं है। हम इतना काम नहीं करते, जितना यूरोप, जापान या चीन और अमेरिका वाले करते हैं। यह न समझिए कि वह कौमें कोई जादू से खुशहाल हो गई। वे मेहनत और अक्ल से हुई हैं। पीएम मोदी ने नेहरू पर वार करते हुए कहा कि वे भारत के लोगों को नीचा दिखाकर उनको सर्टिफिकेट दे रहे थे। नेहरू जी की भारतीयों के लिए सोच थी कि वे आलसी और कम अक्ल के लोग होते हैं। इंदिरा जी की सोच भी इससे ज्यादा अलग नहीं थी। इंदिरा जी ने जो लालकिले से 15 अगस्त को कहा था- दुर्भाग्यवश हमारी आदत यह है कि जब कोई शुभ काम पूरा होने को होता है तो हम आत्मतृष्टि की भावना से ग्रस्त हो जाते हैं। और जब कोई कठिनाई आ जाती है तो हम नाउम्मीद हो जाते हैं। कभी कभी तो ऐसा लगने लगता है कि पूरे राष्ट्र ने ही पराजय भावना को अपना लिया है।
समान नागरिक संहिता की लंबे समय से सबको प्रतीक्षा थी, जल्द प्रतीक्षा समाप्त हो रही- पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता की लंबे समय से सबको प्रतीक्षा थी। बहुत जल्द सबकी प्रतीक्षा समाप्त हो रही है, कल हम इसे विधानसभा में पेश करेंगे और आगे इसपर चर्चा होगी। मेरा अन्य दलों के साथियों से भी अनुरोध है। इस चर्चा में सकारात्मक रूप से भाग लें।
पेपर लीक में 10 साल जेल और 1 करोड़ का जुर्माना
सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से सख्ती से निपटने के प्रावधान वाला ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक, 2024’ सोमवार को लोकसभा में पेश किया। हाल ही में इस बिल को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। प्रस्तावित बिल में विद्यार्थियों/उम्मीदवारों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसमें संगठित अपराध, माफिया और साठगांठ में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी। क्या है इस बिल में खास आइए जानें:
Unfair means में शामिल होते हैं, दोषी पाए जाते हैं तो कम से कम तीन वर्ष तक की सजा होगी, जिसे 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार अतिरिक्त सजा दी जा सकती है। अगर पेपर लीक और नकल के मामले में कोई भी संस्थान शामिल होता पाया गया, तो उससे परीक्षा का पूरा खर्च वसूला जाएगा और उसकी संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
▶ परीक्षा में गड़बड़ी पाए जाने की स्थिति में सर्विस प्रोवाइडर के खिलाफ भी ऐक्शन हो सकता है। विधेयक में प्रावधान किया गया है कि सर्विस प्रोवाइडर पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उस पर चार साल तक किसी भी पब्लिक एग्जाम को करवाने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
▶ प्रस्तावित विधेयक में संगठित अपराध, माफिया और पेपर लीक में मिलीभगत में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। विधेयक में परीक्षाओं में अनियमितताओं से संबंधित अपराध के लिए अधिकतम 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अगर सर्विस प्रोवाइडर फर्म के डायरेक्टर, सीनियर मैनेजमेंट और सीनियर अधिकारी पर दोष साबित हो जाता है तो उस पर एक करोड़ तक का फाइन और तीन से दस साल तक की सजा हो सकती है। कम से कम तीन साल की सजा तय है, जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है।
▶ विधेयक में एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति के गठन का भी प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के जरिये परीक्षा प्रक्रिया को और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी। यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी।
▶ UPSC, SSC, रेलवे बोर्ड, बैंकिंग, नीट-मेडिकल और इंजिनियरिंग समेत कई परीक्षाओं को इसके दायरे में लाया गया है। नैशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा भी इस विधेयक के दायरे में होंगी।
▶ पेपर लीक और नकल के मामलों की जांच पुलिस उपाधीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी करेंगे। सरकार के पास केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने का अधिकार होगा।
स्टूडेंट्स के मुद्दे को साधने की कोशिश?
सरकार पेपर लीक के खिलाफ मजबूत बिल लाकर स्टूडेंट्स के बीच संदेश देने की कोशिश कर रही है। हाल के वर्षों में पेपर लीक देश में एक बड़ा मुद्दा बना है। तमाम परीक्षाओं में हो रहे लीक की बार-बार घटना के बाद स्टूडेंट्स में आक्रोश बढ़ा। पिछले दिनों मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान विधानसभा तक के चुनाव में यह बड़ा मुद्दा रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों प्रदर्शन इस मुद्दे पर हुए। साथ ही सरकारी नौकरी एक ऐसा क्षेत्र है जहां विपक्ष केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करता रहा है। ऐसे में सरकार इस बिल के माध्यम से इस तबके के बीच संदेश देना चाहती है कि वह उनके सरोकार के प्रति गंभीर है।




