फोर्ब्स मैगज़ीन के अनुसार “अडानी समूह 200 से अधिक बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली स्टेशनों, सीमेंट संयंत्रों, खानों, रक्षा कारखानों, नवीकरणीय ऊर्जा खेतों, विद्युत सुविधाओं और 23 राज्यों और क्षेत्रों में गैस वितरण नेटवर्क का मालिक है, जो भारत के 87% भूभाग में फैला हुआ है।”
इतिहास उठा कर देखे तो जब ईस्ट इंडिया कम्पनी भारत मे स्थापित हुई तब भारत के संसाधनों को “कंपनी राज” ने अपने हाथो में ले लिया था और भारत के संसाधनों के दोहन से हुवे लाभ पर “एम्पायर ” खड़ा किया था .. और आज़ादी के बाद वो सभी संसाधन देश के “गण तंत्र” यानी जनता के हुए ..
आज़ादी के बाद सार्वजनिक हित के संसाधनों को किसने एक कंपनी के हाथों में दे दिया ?? .. किसने ऐसी नीतियां बनाई या साठगांठ करी ? …
फोर्ब्स के ट्वीट के अनुसार अडानी समूह ने ये एम्पायर सूरज से करीब उड़ते हुए और सही जगहों में बैठी लोगो से दोस्ती के चलते बनाई है





