सुसंस्कृति परिहार
खरगौन मध्यप्रदेश और जहांगीरपुरी दिल्ली में ताजातरीन हिंदु मुस्लिम करने की घटना के बाद अब कांग्रेस शासित राज्य राजस्थान में ईदुल फितर और आखातीज जैसे पावन त्यौहारों के बीच जो घमासान देखने मिला यह तात्कालिक घटना से उपजा नज़र नहीं आता इसके पीछे भी बराबर हरिद्वार जैसी कोई गहरी सोची समझी साज़िश लगती है क्योंकि जो पत्थर फेंक रहे थे या तेजाबी बोतलों का इस्तेमाल कर रहे थे वे नकाब में थे। बोतलें,पत्थर और नकाब एकाएक आसमान से नहीं आते ज़रूर यह पूर्व तैयारी का आभास कराती है। जोधपुर शहर की यह घटना गहलौत सरकार के खिलाफ बड़े षड़यंत्र बतौर ही देखी जानी चाहिए। क्योंकि उनकी लोकप्रियता के किस्से पिछले दिनों से ज्यादा चर्चित हो रहे थे।वजह थी आज ही उनका जन्मदिन था।जिसे उन्होंने नहीं मनाया। जोधपुर में यह पहली सद्भाव बिगाड़ने वाली घटना है लगता है इसी वजह से पुलिस ने इसे रात में गंभीरता से नहीं लिया जब विशेष झंडे लगाए गए और मूर्ति ढंकी गई।
बताया जा रहा है राजस्थान के जोधपुर में देर रात झंडे-लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ हंगामा थमा नज़र आया लेकिन वह अंदर अंदर सुलग गया। आज सुबह वहां नमाज के बाद झड़प हुई। हिंसा की आग विधायक के घर तक भी पहुंच गई है. बीजेपी विधायक सूर्यकांत व्यास के घर के बाहर उपद्रवियों ने बाइकों को आग लगा दी। फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में भी लिया है. जोधपुर में अब 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।ये कर्फ्यू 4 मई की रात तक जारी रहेगा।हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस अब तक 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य उपद्रवियों की तलाश भी की जा रही है। राज्य सरकार में मंत्री राजेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस शहर के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। शहर में शाति कायम कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कोई भी लापरवाही की गई होगी तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अफ़सोसनाक यह है कि नमाज़ ख़त्म होने तक पूरी तरह शांत स्थिति रही नमाज़ के बाद बाहर जब लोग गले मिल रहे थे तब बहुत से हिन्दू मुस्लिम भाईयों से मिलने बेताब खड़े थे पुलिस धीरे-धीरे हटनी शुरू हो गई थी इसी बीच पत्थर बाजी भीड़ पर शुरू हो गई। लोग बताते हैं ये पहले से तैयार लोग थे जो नकाब पोश थे। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने अश्रु गैस के गोले छोड़े , लाठीचार्ज हुआ।भागते लोग गलियों में घुस गए जहां वाहनों को आग लगाई गई पत्थरों के साथ विशेष तौर पर तैयार तेजाबी बोतलें घरों में फेंकी गई।। महिलाओं के साथ अभद्रता व्यवहार की भी ख़बरें हैं।हंगामियों के साथ इतनी भीड़ अचानक कैसे आ गई यह विचारणीय बिंदु है उसे तैयार करने वाले लोग कौन थे?
यह घटना इस बबाल का जवाब खुद देती साफ़ नज़र आती है एक तो इतने दिनों से रोजा रखने वाले लोग नमाज़ के बाद घर जाने बेताब रहते हैं ताकि क्षुधा जल्द से जल्द शांत की जाए।वे भला इस तरह के विवाद में ख़ुशी के दिन क्यों पड़ना चाहेंगे?
दूसरी बात यदि वे लड़ने की तैयारी से आए होते तो सारा असबाब सी सी फुटेज में दिखता। वहां जो लेकर पहुंचे और इस घटना को अंजाम दिया उसके पीछे पुलिस की नाकामी ही है।वरना इतने बंदोबस्त के बाद चंद शरारती लोग इस तरह कामयाब ना हुए होते ।सुबह पुलिस नमाज़ की तैयारियों में लगी रही और उधर इन असामाजिक तत्वों ने भीड़ और साजो-सामान एकत्रित कर लिया जो सुनियोजित था।
अब जैसा कि परिपाटी है कि भाजपा मुख्यमंत्री गहलोत से इस्तीफा मांग रही है उधर गहलोत साफ़ साफ़ कह रहे हैं वे राजस्थान में भाजपा के मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे। विचारणीय यह है कि जब सारे राष्ट्र में इस वक्त माहौल बिगाड़ने का सिलसिला चल रहा है ख़ासकर वहां जहां 2023 में चुनाव होने हैं वहां इस घटना के लिए जिम्मेदार आप और आपकी पुलिस ही मानी जायेगी।यदि सचेत रहकर रात्रि में ही सख़्त इंतजामात हो जाते इतनी बड़ी वारदात से बचा जा सकता था।यह पहली घटना है इससे सबक सीखना होगा।क्योंकि यह ज़हर वहां भी घोला जा चुका है ये घटना उसी का परिणाम है।तो करता इलाज बुलडोजर में ढ़ूढ़ेंगे वे कहीं ना चले। बुलंद इरादों के साथ उनके मंसूबों पर पानी फेर दें। सदाशयता से काम लें।





