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*वॉयस क्लोनिंग से धोखाधड़ी बढ़ा रहा है AI* 

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   कुमार चैतन्य

    आजकल साइबर अपराधी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके लोगों को ठगने के नए तरीके खोज रहे हैं। 

    इनमें से एक खतरनाक तरीका है AI वॉयस क्लोनिंग, जिसके माध्यम से अपराधी आपकी मां या किसी करीबी रिश्तेदार की आवाज़ की नकल करके आपको धोखा दे सकते हैं। 

     AI वॉयस क्लोनिंग तकनीक में, अपराधी महज कुछ सेकंड की ऑडियो क्लिप से किसी की आवाज़ की हूबहू नकल बना सकते हैं।  

    यह क्लिप सोशल मीडिया, वीडियो कॉल्स या पुराने वॉयस मैसेज से ली जा सकती है।  फिर इस नकली आवाज़ का इस्तेमाल करके वे आपको कॉल कर सकते हैं और कह सकते हैं कि आपकी मां या कोई करीबी रिश्तेदार संकट में है, जैसे कि किसी दुर्घटना में घायल हो गए हैं या उनका अपहरण हो गया है। 

     इस स्थिति में, आप घबराहट में आकर तुरंत पैसे भेजने का निर्णय ले सकते हैं। 

     एक उदाहरण के तौर पर, एक मां ने बताया कि उसे कॉल आया जिसमें उसकी बेटी की आवाज़ सुनाई दी, जो मदद के लिए कह रही थी।  लेकिन बाद में पता चला कि यह एक AI द्वारा क्लोन की गई आवाज़ थी और वह पूरी तरह से सुरक्षित थी। 

     इस प्रकार के धोखाधड़ी के मामलों में अपराधी भावनात्मक दबाव डालकर पैसे की मांग करते हैं। 

इससे बचने के लिए, विशेषज्ञों ने कुछ सुझाव :      

* परिवार के साथ एक गुप्त पासवर्ड तय करें, जिसे केवल आप और आपके परिवार के सदस्य जानें। यदि कोई आपसे संपर्क करता है और वह पासवर्ड नहीं जानता, तो समझ जाइए कि वह धोखाधड़ी कर रहा है।  

* कभी भी बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। संदिग्ध कॉल या संदेश मिलने पर तुरंत परिवार के अन्य सदस्य से संपर्क करें। 

* सोशल मीडिया पर अपनी आवाज़ या व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें, क्योंकि अपराधी इन्हें भी अपनी योजनाओं में इस्तेमाल कर सकते हैं। 

* यदि आपको संदेह हो, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें। वे आपको उचित मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। 

AI वॉयस क्लोनिंग तकनीक ने धोखाधड़ी के तरीकों को और भी परिष्कृत बना दिया है, लेकिन सतर्कता और जागरूकता से हम इनसे बच सकते हैं।

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