बदलते वक्त के साथ बहुत कुछ बदलता देखा मित्र को शत्रु बनते शत्रु को मित्र बनते देखा। जानता भी नहीं था जिनको उनको अपना बनते देखा और जानता था जिनको उनको पराया होते देखा। भागता रहा हमेशा ही ...
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बरसात की पहली तेज़ बारिश थी। सड़क पर पानी भर चुका था। उसी पानी में भीगती हुई एक नवविवाहित लड़की अपने पति के साथ एक छोटे-से मकान के सामने खड़ी थी। “यही है?” लड़की ने भीगे हुए दुपट्टे को संभालते हुए पूछा।...