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भाजपा में बगावत का बिगुल; पार्षदों की सूची जारी होते ही कार्यकर्ताओं ने घेरा दफ्तर

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इंदौर

निगम चुनाव के लिए पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पहले ही भाजपा में बगावत का बिगुल बज गया। जैसे ही दावेदारों को खुद के नाम कटने की जानकारी लगी तो हंगामा शुरू हो गया। टिकट के एेलान के बाद शुक्रवार शाम काे विराेध और तेज हाे गया। सबसे ज्यादा विवाद विधानसभा क्षेत्र 1, 2 और राऊ में दिखाई दिया।

टिकट कटने से नाराज कई दावेदार सड़क पर उतर आए। भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने कहा पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र का पूर्ण पालन होता है। इसलिए किसी भी कार्यकर्ता को टिकट कटने से नाराजगी है, आपत्ति है तो वे पार्टी फोरम पर अपनी बात रखें। अपील करें, पार्टी सुनवाई करेगी। किसी भी कार्यकर्ता के साथ अन्याय नहीं होगा।वार्ड-6 में दावेदार रंजना खाटवा, शकुंतला राठौर, आशा कौशल और पलक शर्मा कार्यकर्ताओं, समर्थकों की भीड़ लेकर बड़ा गणपति पर एकत्र हुए। सभी ने कहा कि वार्ड में पैराशूट से एंट्री की गई। स्थानीय कार्यकर्ता जो पार्टी के लिए लंबे समय से सक्रिय थे, उनको नजरअंदाज किया।

बगावत कैसी-कैसी

  • वार्ड-16 : कुलदीप चौकसे ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता अौर मनोज पटेल को लेकर नाराजगी जताई। बाद में चौकसे कांग्रेस में शामिल हो गए।
  • वार्ड-51 : कमल यादव ने निर्दलीय नामांकन भरने की घोषणा की। यहां के अन्य दावेदार गोलू ठाकुर ने भी नाराजगी जताई। यहां जसराज शर्मा सहित सबसे ज्यादा 6 दावेदार थे।
  • वार्ड-49 : राजेश उदावत के टिकट के खिलाफ राजा कोठारी ने निर्दलीय लड़ने का एेलान किया है। कोठारी के लिए मेंदोला प्रयासरत थे। यह वार्ड अनारक्षित है अौर इसमें ओबीसी को प्रत्याशी बनाया। इसे लेकर नाराजगी ज्यादा है।
  • विधानसभा क्षेत्र-2 में दो वार्डों में टिकट के लिए प्रयास कर रही पार्टी की नेता डॉ. श्रद्धा दुबे ने नाराजगी जताते हुए कहा महिला वार्ड होने का मतलब क्या, जब पुरुष नेताओं की पत्नी, परिवार से ही टिकट देना है। 23 साल से संघर्ष कर रही हूं, लेकिन वादाखिलाफी की गई।
  • पार्टी के लिए सबसे ज्यादा नाराजगी वार्ड-80 में रही। इस वार्ड से महाजन समर्थक प्रशांत बड़वे, जो कि सरकारी नौकरी में है, उनको टिकट दिए जाने पर नाराजगी दिखी। यहां पार्टी के कई कार्यकर्ता-पदाधिकारी धरने पर बैठ गए। पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की गई।
  • वार्ड-52 : राजू प्रजापत पत्नी तुलसा के टिकट के लिए प्रयासरत थे। टिकट नहीं मिला। अब तुलसा प्रजापत शनिवार को निर्दलीय नामांकन जमा करेंगी।
  • वार्ड-54 में चार प्रमुख दावेदारों को छोड़कर बाहरी प्रत्याशी बनाए जाने पर भारी विरोध सामने आया। यहां पूर्व पार्षद के अलावा कई प्रमुख दावेदार थे, लेकिन कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी ने महेश बसवाल को टिकट दिया, जो इस वार्ड के नहीं हैं।

मेयर के दावेदारों को पार्षद के भी टिकट नहीं दिए

अजयसिंह नरूका, दिलीप शर्मा, दीपक जैन टीनू महापौर के दावेदार थे, इनके टिकट कट गए। बलराम वर्मा (भाई मधु वर्मा दावेदार थे) को भी टिकट नहीं मिला। बागियों को भी मिला मौका पिछली बार रूपेश देवलिया बगावत कर चुनाव लड़े अौर जीते थे। इस बार पत्नी निशा देवलिया को वार्ड-44 से टिकट मिला है। लालबहादुर वर्मा भी बागी हो गए थे। इस बार पार्टी ने वार्ड-26 से टिकट दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने नेताओं के परिजन को टिकट नहीं देने की बात कही थी, लेकिन 9 वार्डों में नेताओं के परिजन को ही टिकट दिए गए हैं। मुस्लिम बहुल वार्डों में बदले चेहरे वार्ड-2 : चंदननगर से बबली नरवरे, वार्ड-8 जूना रिसाला से नीता मुकेश शर्मा, वार्ड-38 हाजी कॉलोनी से ममता जोशी, 39 नाहरशाहवली से हेमलता रामेश्वर चौहान, वार्ड-53 आजादनगर से अर्जुन मेहरा, वार्ड- 68 बंबई बाजार से सूरज सिरवैया को टिकट दिया गया। हालांकि वार्ड-73 से बोहरा समाज की मारिया महूवाला को टिकट दिया गया। वार्ड-4 : से बरखा मालू को टिकट मिला। ये पूर्व पार्षद गोपाल मालू की बहू हैं। वार्ड-3 से संदीप दुबे की पत्नी शिखा दुबे, वार्ड-76 में राजेश वानखेड़े की पत्नी शिल्पा को टिकट मिल गया। वहीं, वार्ड-23 में वीरेंद्र यादव की पत्नी शिवांगी को टिकट मिला। सुमित्रा महाजन के करीबी महेश जोशी की पत्नी संगीता को वार्ड-37 से टिकट दिया गया। वार्ड-38 से नारायण जोशी की पत्नी ममता जोशी को टिकट मिला। मंडल अध्यक्ष रहे दिनेश सोनगिरा की पत्नी सुनीता सोनगिरा वार्ड 43 से टिकट लेने में सफल रहीं। वार्ड-48 से अनिल गौहर की पत्नी विजयलक्ष्मी को, वार्ड-52 में मंडल अध्यक्ष उमेश मंगरोला की पत्नी सपना को टिकट मिला है। दो बार पार्षद रहे एडवोकेट दिनेश पांडे की पत्नी रूपा पांडे को वार्ड 62 से टिकट मिला।

विवादों से भी नाता… युवराज उस्ताद की पत्नी को मिला टिकट

सबसे चौंकाने वाला टिकट युवराज उस्ताद की पत्नी स्वाति काशिद का रहा। उन्हें भाजपा ने वार्ड 56 से मैदान में उतारा। जीतू यादव वार्ड-24 से टिकट लाने में सफल रहे।

और ये चौंकाने वाले नाम

  • मुद्रा शास्त्री : शंकर लालवानी ने टिकट दिलवाया।
  • प्रणव मंडल : दोबारा टिकट लाने में सफल रहे। विधायक हार्डिया अड़ गए थे।
  • नंदकिशोर पहाड़िया : विधायक हार्डिया और मेंदोला दोनों ने हरी झंडी दी।
  • राजेश उदावत : वार्ड-49 से टिकट लाने में सफल। विधायक हार्डिया के करीबी।
  • मनीष शर्मा मामा : विजयवर्गीय के बेहद करीबी। इन्हें वार्ड-64 से टिकट मिला। इस वार्ड से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक पवन जायसवाल के लिए अड़े थे।
  • योगेश गेंदर : वार्ड-72 से टिकट लाने में सफल रहे। यह मंत्री सिलावट के समर्थक।
  • भरत रघुवंशी : कांग्रेस से भाजपा में आए रघुवंशी एक समय पंकज संघवी के करीबी थे। इस बार उनके नाम पर पार्टी की कोर कमेटी ने सहमति दी। विधायक मालिनी गौड़ भी सहमत थीं।
  • बबलू शर्मा : नाम को लेकर अंतिम समय तक असमंजस था। पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे के समर्थक हैं।
  • संध्या यादव : वार्ड-6 से टिकट मिला। यह सांसद लालवानी की समर्थक हैं।

Ramswaroop Mantri

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