भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय हास्य कलाकारों और चरित्र कलाकारों में से एक, दिग्गज अभिनेता असरानी का लंबी बीमारी के बाद बीती 20 अक्टूबर को दिवाली के मौके पर निधन हो गया. उनके निधन से फिल्म जगत को गहरा सदमा लगा. यह क्षति खास तौर से असरानी के लंबे समय तक प्रबंधक रहे बाबूभाई थिबा के लिए बहुत दुखद है, जिन्होंने लगभग दो दशकों तक उनके लिए काम किया था. ईटीवी भारत से बात करते हुए, थिबा ने दिवंगत अभिनेता के साथ बिताए समय को याद किया, उनकी सादगी, अनुशासन, विनम्रता और फेम व पहचान के प्रति उनके सच्चे रवैये के बारे में बताया.
सख्त अनुशासन वाला एक साधारण आदमी
थिबा के अनुसार, असरानी जितने विनम्र थे वो उतने ही सादगीभरे इंसान थे. मैनेजर ने बताया, ‘उन्हें दिखावा बिल्कुल पसंद नहीं था, उनकी दिनचर्या बहुत अनुशासित थी, वे सुबह टहलने जाते, योग करते और फिर काम पर निकल जाते।, उन्हें शूटिंग में देर होना कभी पसंद नहीं था, अगर शिफ्ट सुबह 9 बजे शुरू होती, तो वे हमेशा समय पर पहुंच जाते और अगर देरी होने की जरा भी आशंका होती, तो वे निर्माता को पहले ही बता देते, वे अनुशासन में रहते थे’.
हमेशा सीखने के लिए उत्सुक
300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय करने के बावजूद, असरानी सिनेमा में सीखने वाले एक्टर बने रहे. थिबा ने बताया, ‘वह अपने सह-कलाकारों को देखकर सीखते थे, आजकल, शॉट के बाद, अभिनेता अपनी वैनिटी वैन या कमरों में वापस चले जाते हैं, लेकिन असरानी ऐसे नहीं थे, वह दूसरों का अभिनय देखने के लिए सेट पर रुकते थे, उनका मानना था कि शॉट से पहले और बाद में साथी कलाकारों का रिएक्शन देखने से खुद में सुधार होता है, वह अक्सर कहते थे, ‘भले ही वह मेरा शॉट न हो, मुझे उनके अभिनय का अध्ययन जरूर करना चाहिए ताकि मैं खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकूं, इसलिए वह सेट से कभी दूर नहीं रहते थे, स्पॉट बॉय से लेकर बड़े सितारों तक, सभी के साथ उनका दोस्ताना व्यवहार था’.
अमिताभ बच्चन के साथ एक यादगार घटना
थिबा ने अमिताभ बच्चन से जुड़े एक शानदार पल का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया, ‘एक बार, असरानी मुंबई की फिल्म सिटी में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, और अमिताभ बच्चन भी वहीं कौन बनेगा करोड़पति की शूटिंग कर रहे थे, असरानी की फिल्म का सेट ऊंची जगह पर था, और क्रू पैदल ही पहाड़ी पर चढ़ रहे थे, यह देखकर अमिताभ ने अपनी कार रोकी और असरानी को लिफ्ट देने की पेशकश की, उन्होंने कहा, ‘यह एक खड़ी चढ़ाई है, मैं आपको वहां तक छोड़ दूं, लेकिन असरानी ने विनम्रता से मना कर दिया, और कहा, ‘आप एक सुपरस्टार हैं, और मैं बस एक चरित्र अभिनेता हूं, मुझे पैदल चलने की आदत है, मैं काम चला लूंगा, अमिताभ ने जिद करते हुए कहा, ‘अब आपकी उम्र बढ़ रही है, आइए, मैं आपको ले चलता हूं, लेकिन असरानी ने फिर भी कहा, ‘नहीं, मैं पैदल चलूंगा, आजकल ऐसा कौन करता है? हर कोई मौका लपक लेता है, लेकिन असरानी ऐसे नहीं थे’.
सरानी अवार्ड और सम्मान
यह पूछे जाने पर कि क्या असरानी को खास पहचान न मिलने का दुख था?. इस पर थिबा ने बताया कि हालांकि असरानी को इस बात का एहसास था, फिर भी उन्होंने कभी शिकायत नहीं की. उन्होंने कहा, ‘असरानी कभी अवार्ड फंक्शन या फिल्मी पार्टियों में नहीं गए, यह उनका स्वभाव ही नहीं था, मैं अक्सर उनसे कहता था, ‘आपने जिस तरह का काम किया है, उसके लिए आप पुरस्कार के हकदार हैं, लेकिन वह हंसकर टाल देते थे, कहते थे, ‘छोड़ो भी, हमारा काम बस काम करते रहना है, दर्शकों को मेरा काम पसंद है, लोग मुझे फिल्मों और कार्यक्रमों के लिए बुलाते हैं, बस इतना ही काफी है, दर्शकों का प्यार ही मेरा सच्चा इनाम है, मुझे किसी फिल्म समारोह में पुरस्कार मिले या न मिले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया, फिर भी मुझे हमेशा लगता था कि उन्हें इंडस्ट्री में वो सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे, लेकिन उन्होंने कभी शिकायत नहीं की, उनके लिए दर्शकों का स्नेह ही सबसे बड़ा सम्मान था’.
असरानी के आखिरी प्रोजेक्ट्स
असरानी अपने निधन से पहले काम पर पूरी तरह से एक्टिव थे और वह निर्देशक प्रियदर्शन की अपकमिंग फिल्म फिल्म ‘भूत बंगला’ की हाल ही में शूटिंग पूरी करके हटे हैं, जिसमें वे अक्षय कुमार के साथ नजर आएंगे. वे अक्षय के साथ ‘हैवान’ नामक एक और फिल्म पर भी काम कर रहे थे, जिसका आखिरी शेड्यूल अभी अधूरा है. इस पर थिबा ने बताया, ‘अभी एक शेड्यूल बाकी है, वह उनकी आखिरी फिल्म थी, वे टीवी शो ‘संस्कार’ में भी काम करने वाले थे, लेकिन उनकी बीमारी के बाद शूट कैंसल हो गया, अपने निधन से ठीक 10 दिन पहले, उन्होंने अक्षय कुमार के साथ ‘हैवान’ की शूटिंग की थी’.
असरानी का फिल्मी सफर
असरानी ने साल 1965 में ऋत्विक घटक की शॉर्ट फिल्म फियर से शुरू हुई थी, इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि कैसे कोई व्यक्ति ग्लैमर या पुरस्कार के जरिए नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, ईमानदारी, सादगी और अपने काम से लोगों का प्यार पाता है.

